स्मार्ट सिटीः कुतुबखाना में फ्लाईओवर के नीचे बसेगा रात्रि बाजार, दो बजे तक खुलेंगी दुकानें
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कुतुबखाना में फ्लाईओवर बनाने के विरोध के बीच मंडलायुक्त के निर्देश पर यहां फ्लाईओवर के नीचे रात्रि बाजार स्थापित करने का प्रस्ताव भी तैयार किया गया है। फिलहाल उत्तर प्रदेश में सिर्फ प्रयागराज में स्मार्ट सिटी के तहत रात्रि बाजार की शुरुआत की गई है। रात्रि बाजार में रोजमर्रा की जरूरत के सामान की दुकानें रात दो बजे तक खुलेंगी जहां लोग बगैर जाम में फंसे खरीदारी कर सकेंगे। मंडलायुक्त ने आर्किटेक्ट की मदद से रात्रि बाजार का नक्शा तैयार कराने का निर्देश दिया है।
कुतुबखाना का बाजार फिलहाल तो अतिक्रमण और जाम की वजह से चर्चित है लेकिन भविष्य में स्मार्ट सिटी के तहत उसे मॉडल बाजार के तौर पर स्थापित करने की कोशिश की जा रही है। स्मार्ट सिटी के तहत यहां कोतवाली के पास से कोहाड़ापीर तक फ्लाईओवर बनाने के लिए तेजी से काम पहले ही शुरू हो चुका है। अब यहां फ्लाईओवर के नीचे रात्रि बाजार बनाने का प्रस्ताव भी तैयार किया गया है। मंडलायुक्त रणवीर प्रसाद ने बताया कि कुतुबखाना में रात्रि बाजार के लिए आर्किटेक्ट से नक्शा बनवाया जा रहा है। फ्लाईओवर का निर्माण पूरा होने के बाद यहां आकर्षक लाइटें लगाने के साथ पार्किंग का भी इंतजाम किया जाएगा। रात्रि बाजार के लिए सभी जरूरी बिंदुओं पर चर्चा की जा रही है। यह बाजार शहर का मॉडल बाजार होगा।
बता दें कि स्मार्ट सिटी के तहत उत्तर प्रदेश का पहला रात्रि बाजार प्रयागराज में दो स्थानों पर बनाया गया है। इस बाजार में रोजमर्रा की जरूरत के सामान की ज्यादातर दुकानें होंगी। माना जा रहा है कि प्रशासन की इस पहल से तमाम नए लोगों को रोजगार भी मिलेगा। रात्रि बाजार में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे, साथ ही पुलिस सुरक्षा का भी इंतजाम होगा। लोग बगैर जाम में फंसे बगैर यहां खरीदारी कर सकेंगे।
रात्रि बाजार में होंगी अस्थाई दुकानें
स्मार्ट सिटी के अधिकारियों की ओर से फिलहाल बहुत ज्यादा साफ नहीं किया गया है कि रात्रि बाजार में कितनी दुकानें होंगी लेकिन माना जा रहा है कि इन दुकानों की संख्या सौ से डेढ़ सौ के बीच हो सकती है। प्रयागराज में जो रात्रि बाजार स्मार्ट सिटी के तहत बसाया गया है, उसमें सभी दुकानें अस्थाई हैं जो शाम को एक निर्धारित समय पर खुलने के बाद रात में दो बजे बंद हो जाती हैं और पूरी जगह को खाली कर दिया जाता है। माना जा रहा है कि इसी तरह का रात्रि बाजार बरेली में भी होगा।
कुतुबखाना फ्लाईओवरः नापजोख करने आई टीम को लौटाकर फिर कब्जे हटवाने निकले व्यापारी
बरेली। कुतुबखाना फ्लाईओवर के लिए नापजोख करने पहुंची टीम को व्यापारियों ने विरोध करते हुए फिर लौटा दिया। इसके बाद उन्होंने दोबारा बाजार में पैदल निकलकर दुकानदारों से अपना सामान सड़क से हटाने की अपील की ताकि सड़क पूरी तरह जाम मुक्त होने के बाद कुतुबखाना में फ्लाईओवर का निर्माण टाला जा सके। व्यापारियों ने नगर निगम से भी जिला अस्पताल से कोहाड़ापीर तक अतिक्रमणकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की।
कुतुबखाना में भीषण जाम की वजह से स्मार्ट सिटी के तहत यहां फ्लाईओवर बनाने की तैयारी है। व्यापारी इस फ्लाईओवर का विरोध कर रहे हैं और अतिक्रमण से बुरी तरह घिरी सड़कों को जाम मुक्त कराकर फ्लाईओवर को गैरजरूरी साबित करने की मुहिम चला रहे हैं। हालांकि कई दिन से लगातार कोशिश के बावजूद जिला अस्पताल रोड से कोहाड़ापीर तक हालात में कोई खास बदलाव नहीं हुआ है। इस बीच कुतुबखाना फ्लाईओवर का मानचित्र तैयार हो चुका है। कितने पिलर बनेंगे, यह भी तय हो गया है। निर्माण में बाधा बनने वाले कुछ मकानों और दुकानों के छज्जे काटने का भी फैसला लिया जा चुका है। बुधवार को सेतु निगम के साथ कई और विभागों की संयुक्त टीम एक बार फिर बाजार में नापजोख करने पहुंची लेकिन व्यापारियों ने विरोध करते हुए हंगामा शुरू कर दिया।
व्यापारियों के विरोध के बीच टीम को बगैर नापजोख किए लौटना पड़ा। इसके बाद नदीम शम्सी, दीपक अग्रवाल, लकी, प्रिंस, अमित तनेजा, राजीव ठाकुर, विजय गुप्ता, नरेंद्र समेत कई व्यापारियों ने कोहाड़ापीर से लेकर जिला अस्पताल रोड तक पैदल घूमते हुए दुकानदारों को अपना सामान दुकान के अंदर रखकर सड़क को खाली करने कहा। व्यापारियों कहा कि अगर व्यापारी अतिक्रमण हटा लेंगे तो फ्लाईओवर की जरूरत नहीं रहेगी और उनका कारोबार बर्बाद होने से बच जाएगा। सेतु निगम के उप परियोजना प्रबंधक वीके सेन ने बताया कि बुधवार को नापजोख करने गई टीम को व्यापारियों ने लौटा दिया लेकिन जल्द ही टीम दोबारा बाजार में नापजोख करने जाएगी। इसके बाद रिपोर्ट मुख्यालय भेजी जाएगी।
जाम में फंसने वालों की पीड़ाः जल्द बने फ्लाईओवर.. इसके बगैर जाम से मुक्ति पाने की उम्मीद नहीं
बरेली। व्यापारी वर्ग तो कुतुबखाना में फ्लाईओवर बनाने का विरोध कर रहा है लेकिन उन लोगों की राय अलग है, कुतुबखाना की सड़क पर भीषण जाम के बीच रोजाना गुजरना जिनकी मजबूरी है। ये लोग कहते हैं कि व्यापारी अभी सिर्फ फ्लाईओवर से बचने के लिए अतिक्रमण हटाने की बात कह रहे हैं। इसमें कोई दोराय नहीं है कि इस सड़क को जाम से मुक्ति दिलाने के लिए फ्लाईओवर ही एकमात्र विकल्प रह गया है।
कुतुबखाना बाजार से निकलने वाले राहगीरों के मुताबिक कोहाड़ापीर से पटेल चौक तक बमुश्किल एक-सवा किलोमीटर का रास्ता तय करने में उन्हें कई बार आधे घंटे से भी ज्यादा समय लग जाता है। कई बार तो जाम इतना भीषण होता है कि इतना समय एक ही जगह फंसे रहना पड़ता है। जो लोग इस सड़क से जंक्शन, कलक्ट्रेट या कचहरी जाने के लिए गुजरते हैं, जाम की वजह से अक्सर समय पर नहीं पहुंच पाते। खरीदारी करने आने वालों का खरीदारी से भी दोगुना समय जाम में लग जाता है। फ्लाईओवर वाकई कुतुबखाना की जरूरत है लेकिन यह भी ध्यान रखा जाए कि उसके निर्माण को सालोंसाल न लटकाया जाए। इससे यहां के व्यापारियों को नुकसान होगा।
त्योहारों में यहां से निकलना जंग के बराबर
कुतुबखाना में फ्लाईओवर का निर्माण बहुत जरूरी है। स्कूटर से आने पर भी कई बार काफी समय जाम में फंसकर बेकार चला जाता है। त्योहारों की भीड़ के दौरान तो यहां से निकलना किसी युद्ध को जीतने से कम नहीं होता। फ्लाईओवर का निर्माण कराए बगैर इस समस्या से निजात नहीं मिल सकती। - सुनील कुमार टंडन
जरा से काम में भी लग जाता है एक घंटा
फ्लाईओवर बनाए बगैर जाम कम नहीं हो सकता। प्रशासन को इस पर जल्द काम शुरू कर देना चाहिए ताकि आने वाले समय में शहर के लोगों को यहां लगने वाले भीषण जाम से राहत मिल सके। काफी जरूरी सामान इसी बाजार में मिलता है। छोटे से काम के लिए आने पर एक घंटे का समय निकालना पड़ता है। - विशाल रस्तोगी
फ्लाईओवर बनाएं मगर तय समयसीमा में
कोई दोराय नहीं कि कुतुबखाना में फ्लाईओवर का निर्माण बेहद जरूरी है मगर साथ में यह ख्याल भी रखा जाए कि इस बाजार के व्यापारियों को कोई नुकसान न पहुंचे। तय समय सीमा में यदि फ्लाईओवर का निर्माण होता है तो व्यापारी भारी नुकसान से बच जाएंगे। यह ध्यान रखते हुए पुल का निर्माण किया जाए। -कीर्ति सिंह
फ्लाईओवर बनने से सभी को मिलेगी राहत
कोहाड़ापीर से पटेल चौक तक सड़क पर हर वक्त जाम के हालात रहते हैं। खास तौर पर सुबह आठ बजे से 11 बजे तक और शाम को चार बजे से रात नौ बजे तक यहां जाम की समस्या ज्यादा रहती है। इस लिहाज से यहां फ्लाईओवर का निर्माण वाकई बेहद जरूरी है। फ्लाईओवर बनने से ही सभी को राहत मिल पाएगी। -रजनीश गंगवार