{"_id":"6792b287a4fbc121ac098a43","slug":"smart-city-lightsif-extinguished-then-did-not-light-again-rs-16-crore-lost-in-the-darkness-of-ignorance-bareilly-news-c-4-lko1064-566783-2025-01-24","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bareilly News: स्मार्ट सिटी की लाइटें... बुझीं तो फिर न जलीं, अनदेखी के अंधेरे में गुम 16 करोड़","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bareilly News: स्मार्ट सिटी की लाइटें... बुझीं तो फिर न जलीं, अनदेखी के अंधेरे में गुम 16 करोड़
विज्ञापन
बरेली। शहर को स्मार्ट बनाने के लिए शासन ने 950 करोड़ रुपये खर्च किए। 16 करोड़ रुपये की लागत से लगाए गए लैंप पोस्ट, हाईमास्ट व फैंसी लाइटें बुझीं तो दोबारा नहीं जलीं। कुछ लाइटों के खंभे धराशायी हो गए हैं तो कई औचित्यहीन स्थानों पर लगा दी गई हैं। नतीजा, जिस बजट से शहर में उजाला होना था, वह अनदेखी के अंधेरे में डूब गया। इन लाइटों को लगाने के तरीके और गुणवत्ता पर कई बार सवाल उठ चुके हैं। इसके बावजूद न तो किसी की जवाबदेही तय की गई, न ही किसी पर कोई कार्रवाई की गई।
स्मार्ट सिटी के फुटपाथ पर लैंप पोस्ट लगे हैं। अधिकारियों के मुताबिक, इसके लिए अलग से बजट नहीं दिया गया है। सड़क और फुटपाथ के बजट से ही इनको लगाया गया है। ठेकेदार की ओर से लगाए गए कागजों पर एक लाइट की कीमत 55 से 60 हजार रुपये बताई गई है। स्मार्ट सिटी में ऐसी दो हजार से अधिक लाइटें लगाई गई हैं, जिनकी कीमत 10 करोड़ से अधिक है। अनदेखी की वजह से ये लैंप पोस्ट कहीं टूटे पड़े हैं तो कहीं इनका रुख गलत है। संख्या पूरी कर बजट खपाने के लिए कई लाइटें पेड़ों के झुरमुट में लगा दी गई हैं। इनमें से कई लाइटें खराब हो गई हैं।
डिवाइडरों पर लगी हर दूसरी फैंसी लाइट बंद, कहीं खंभा टेढ़ा
सड़कों के बीचोंबीच डिवाइडरों पर करीब 500 फैंसी लाइटें लगाई गई हैं। एक लाइट की कीमत करीब 80 हजार रुपये है। इस तरह करीब चार करोड़ रुपये की फैंसी लाइटें लगीं हैं।हालांकि, ये स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट में शामिल नहीं हैं। इनकी स्थिति की बात करें तो हर दूसरी फैंसी लाइट बंद पड़ी है। कई जगह खंभे टेढ़े हो गए हैं तो कुछ जगह ये लाइटें लटक गई हैं। इनकी मरम्मत पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
विज्ञापन
2.25 करोड़ की 15 हाईमास्ट लाइटें, ज्यादातर बंद पड़ीं
शहर में 2.25 करोड़ रुपये की लागत से सिकलापुर, शाहजहांपुर रोड, डीडीपुरम, राजेंद्रनगर, गांधी उद्यान चौराहा सहित 15 स्थानों पर हाईमास्ट लाइटें लगाई गई हैं। इनमें से शाहजहांपुर रोड और सिकलापुर चौराहे की हाईमास्ट लाइटें महीनों से खराब पड़ी हैं। इनकी मरम्मत नहीं कराई जा रही है। अन्य स्थानों पर लगीं हाईमास्ट लाइटों की एक से दो एलईडी बंद हैं, लेकिन अधिकारी इस ओर ध्यान नहीं दे रहे। संवाद
--
लैंप पोस्ट को अभी कुछ दिन पहले ठीक कराया गया था। जो लाइटें गलत जगह लगी हैं या उनका रुख गलत है, उन्हें भी ठीक कराने के लिए कहा गया है। हाईमास्ट और फैंसी लाइटों को दिखवाएंगे। गुणवत्ता में कमी होगी ताे कार्रवाई भी करेंगे। - संजीव कुमार मौर्य, नगर आयुक्त
विज्ञापन
स्मार्ट सिटी के फुटपाथ पर लैंप पोस्ट लगे हैं। अधिकारियों के मुताबिक, इसके लिए अलग से बजट नहीं दिया गया है। सड़क और फुटपाथ के बजट से ही इनको लगाया गया है। ठेकेदार की ओर से लगाए गए कागजों पर एक लाइट की कीमत 55 से 60 हजार रुपये बताई गई है। स्मार्ट सिटी में ऐसी दो हजार से अधिक लाइटें लगाई गई हैं, जिनकी कीमत 10 करोड़ से अधिक है। अनदेखी की वजह से ये लैंप पोस्ट कहीं टूटे पड़े हैं तो कहीं इनका रुख गलत है। संख्या पूरी कर बजट खपाने के लिए कई लाइटें पेड़ों के झुरमुट में लगा दी गई हैं। इनमें से कई लाइटें खराब हो गई हैं।
विज्ञापन
डिवाइडरों पर लगी हर दूसरी फैंसी लाइट बंद, कहीं खंभा टेढ़ा
सड़कों के बीचोंबीच डिवाइडरों पर करीब 500 फैंसी लाइटें लगाई गई हैं। एक लाइट की कीमत करीब 80 हजार रुपये है। इस तरह करीब चार करोड़ रुपये की फैंसी लाइटें लगीं हैं।हालांकि, ये स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट में शामिल नहीं हैं। इनकी स्थिति की बात करें तो हर दूसरी फैंसी लाइट बंद पड़ी है। कई जगह खंभे टेढ़े हो गए हैं तो कुछ जगह ये लाइटें लटक गई हैं। इनकी मरम्मत पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
विज्ञापन
2.25 करोड़ की 15 हाईमास्ट लाइटें, ज्यादातर बंद पड़ीं
शहर में 2.25 करोड़ रुपये की लागत से सिकलापुर, शाहजहांपुर रोड, डीडीपुरम, राजेंद्रनगर, गांधी उद्यान चौराहा सहित 15 स्थानों पर हाईमास्ट लाइटें लगाई गई हैं। इनमें से शाहजहांपुर रोड और सिकलापुर चौराहे की हाईमास्ट लाइटें महीनों से खराब पड़ी हैं। इनकी मरम्मत नहीं कराई जा रही है। अन्य स्थानों पर लगीं हाईमास्ट लाइटों की एक से दो एलईडी बंद हैं, लेकिन अधिकारी इस ओर ध्यान नहीं दे रहे। संवाद
लैंप पोस्ट को अभी कुछ दिन पहले ठीक कराया गया था। जो लाइटें गलत जगह लगी हैं या उनका रुख गलत है, उन्हें भी ठीक कराने के लिए कहा गया है। हाईमास्ट और फैंसी लाइटों को दिखवाएंगे। गुणवत्ता में कमी होगी ताे कार्रवाई भी करेंगे। - संजीव कुमार मौर्य, नगर आयुक्त