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स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट: सपनों के शहर पर पार्षदों के सवालों का ग्रहण
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बरेली। स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत शनिवार को रुहेलखंड विश्वविद्यालय के सभागार में हुए पहले सेमिनार में ही पार्षदों के ताबड़तोड़ सवालों ने अफसरों को असहज कर दिया। शहर की व्यस्ततम सड़कों और पिछड़े इलाकों की अनदेखी कर इस प्रोजेक्ट में पहले से विकसित इलाकों को शामिल करने और महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट पीपीपी मोड में दे दिए जाने जैसे मुद्दों पर न नगर आयुक्त कोई सीधा जवाब दे पाए न स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के अर्बन प्लानर। मेयर उमेश गौतम ने जैसे-तैसे पार्षदों को शांत किया। अर्बन प्लानर निशांत गोयल की ओर से बताया गया कि शहर में विभिन्न चरणों में एक हजार करोड़ की धनराशि से 36 प्रोजेक्ट पर काम होगा। 11 दूसरे प्रोजेक्ट पर पीपीपी मोड पर काम होगा।
अर्बन प्लानर निशांत गोयल ने सेमिनार में शहर के विकास का खाका प्रस्तुत करते हुए कहा कि इस प्रोजेक्ट में स्वच्छ हवा, स्वास्थ्य, बेसिक इंफ्रास्ट्रक्चर समेत सभी प्रमुख बिंदुओं पर काम होगा। अभी जिस क्षेत्र को विकास के लिए चुना गया है, वह कुतुबखाना मोती पार्क से शुरू होकर बरेली जंक्शन, अक्षर विहार तालाब, सेटेलाइट तक है। इसके बाद दूसरे इलाके चुने जाएंगे। इस प्रेजेंटेशन के बाद सवाल-जवाब और सुझावों का दौर शुरू हुआ तो पार्षद सतीश कातिब ने आपत्ति की कि जब डेलापीर चौराहे का नाम अभिनंदन चौक हो गया है तो प्रोजेक्ट में उसका नाम क्यों नहीं बदला गया है। अब्दुल कयूम मुन्ना ने शहर का छोटा हिस्सा प्रोजेक्ट में शामिल करने पर सवाल उठाया। शालिनी जौहरी ने पटेल चौक से डेलापीर तक व्यस्ततम सड़कों के लिए प्रोजेक्ट न बनाने का कारण पूछा। विकास शर्मा ने कहा कि पहले से विकसित इलाकों को प्रोजेक्ट में महत्व देने की वजह जाननी चाही। अहम प्रोजेक्ट पीपीपी मोड पर देने पर भी आपत्ति की। पार्षद सुखदीश कश्यप ने औद्योगिक क्षेत्र को शामिल करने की मांग की। बंटी शर्मा ने सबसे सहयोग की अपील की। पार्षदों के सवालों पर नगर आयुक्त सैमुअल पॉल एन. और स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के अर्बन प्लानर निशांत गोयल जवाब देते रहे लेकिन कई सवालों ने उन्हें असहज कर दिया। रंगकर्मी जेसी पालीवाल ने संजय कम्युनिटी हॉल को बेहतर करने और डॉ. मनु नीरज ने जरी कारोबारियों की स्थिति पर ध्यान देने की बात कही।
पार्षदों को मेयर की नसीहत- स्वार्थी नहीं सारथी बनें
मुख्य अतिथि के रूप में बोलते हुए मेयर उमेश गौतम ने आलोचकों को आड़े हाथ लिया। उन्होंने कहा कि उनके मेयर बनने के डेढ़ महीने बाद स्मार्ट सिटी का तोहफा मिला था। साल भर के बाद अब प्रोजेक्ट कागजों से धरातल पर उतरने जा रहे हैं। यह स्मार्ट सिटी की पहली वर्कशॉप है और पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर इसमें कुछ इलाकों को चयनित किया गया है। ऐसे मौके पर सभी को सारथी बनने की जरूरत है, अपने-अपने क्षेत्र का नाम लेकर स्वार्थी न बनें। कार्यक्रम को विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. अनिल शुक्ल, नगर विधायक डॉ. अरुण कुमार ने भी संबोधित किया। भाजपा जिलाध्यक्ष रविंद्र सिंह राठौर, महानगर अध्यक्ष डॉ. केएम अरोरा, वीसी बीडीए दिव्या मित्तल, सीईओ कैंट बोर्ड अनुपमा तलवाड़ मंच पर मौजूद रहीं। अपर नगर आयुक्त ईश शक्ति सिंह ने धन्यवाद ज्ञापित किया।
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प्रो. जैतली ने पूछा- ऐसे कैसे सुंदर होगा शहर
विश्वविद्यालय के प्रो. एके जैतली ने कहा कि कूड़ा निस्तारण पर विश्वविद्यालय ने काम किया है लेकिन नगर निगम ने कभी सलाह तक नहीं ली। बोले- आप लोगों का फोकस सौंदर्यीकरण पर है लेकिन सड़कों की चौड़ाई कम है, ऐसे में आपके प्रोजेक्ट कैसे पूरे होंगे। पाथ वे पर दिव्यांगों के लिए व्यवस्था होने और जबलपुर की तर्ज पर ई-साइकिल चलाने की बात की। इस पर मेयर उमेश गौतम ने कहा कि विश्वविद्यालय अपनी कूड़ा निस्तारण की व्यवस्था लागू कर नजीर पेश करे ताकि उसे दूसरी कालोनियों में लागू किया जा सके।
बार-बार उठाने पर गुस्साए पार्षद
मंच से बार-बार अपनी जगह बैठने की उद्घोषणा पर पार्षद विकास शर्मा गुस्से में आ गए और विरोध करके उठाकर जाने लगे। उन्होंने आरोप लगाया कि अभी अधिकारी के नाम पर कभी किसी अन्य वजह से उठने की बात कहकर अपमानित किया जा रहा है। नगर आयुक्त ने पहुंचकर शांत कराया। इस दौरान नगर आयुक्त का गनर बीच में आया तो वह उससे भी गुस्सा होने लगे।
स्मार्ट सिटी के लिए चुनी गईं परियोजनाएं
हैंडीक्राफ्ट सेंटर : 211 करोड़ से जिला उद्योग केंद्र के पास बनेगा और यहां बरेली के जरी-जरदोजी, फर्नीचर उद्योग के उत्थान के लिए ट्रेनिंग सेंटर, प्रदर्शन और बिक्री का इंतजाम होगा।
सेंट्रल बिजनेस डिस्ट्रिक्ट : 170 करोड़ रुपये के इस प्रोजेक्ट में कामर्शियल और सरकारी ऑफिस के लिए स्पेस होगा। पार्किंग की व्यवस्था होगी।
कामर्शियल कॉम्प्लेक्स : संजय कम्युनिटी हॉल, तालाब और एलन क्लब को मिलाकर बनेगा। यहां मनोरंजन, खानपान, घूमने और ऑडिटोरियम होगा।
चौराहों का विकास और पैदल पुल : डेलापीर, चौकी चौराहा, पटेल चौक और गांधी उद्यान समेत छह चौराहों पर रोटरी और सौंदर्यीकरण होगा। जिला अस्पताल और गांधी उद्यान पर दो पैदल पुल भी बनेंगे।
सॉलिड वेस्ट : 50 करोड़ की लागत से चार कूड़ा कलेक्शन सेंटर बनेंगे और बाकरगंज के कूड़े निस्तारण होगा।
स्टेडियम : स्पोर्ट्स स्टेडियम में ही मिनी स्टेडियम बनेगा और वहां स्वीमिंग पूल, बैडमिंटन कोर्ट का नवीनीकरण होगा।
मल्टीलेवल पार्किंग : एलन क्लब, मोती पार्क, संजय कम्युनिटी हॉल समेत चार जगह होगी।
कमांड एंड कंट्रोल सेंटर : ट्रैफिक, सीसीटीवी से निगरानी समेत अन्य कार्यों के लिए कमांड एंड कंट्रोल सेंटर बनेगा।
स्वास्थ्य : शहर में स्वास्थ्य जांच के लिए 16 स्थानों पर हेल्थ एटीएम। महिलाओं के लिए टॉयलेट में सेनेटरी पैड, फीडिंग कॉर्नर होगा।
नाथ नगरी सर्किट : नाथ नगरी के सारे मंदिर सड़क मार्ग से जोड़े जाएंगे।
सोलर : सोलर ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए सोलर ट्री और सरकारी विभागों की छत पर सोलर पैनल।
एसटीपी : शहर में चार दिशाओं में चार एसटीपी प्लांट।
कैटल पार्क : डेयरी शहर से बाहर करने और जानवरों की बेहतर देखभाल के लिए।
स्मार्ट क्लास एवं ओपन जिम : नौ स्कूलों में 30 स्मार्ट क्लास, दर्जन भर पार्कों में ओपन जिम।
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अर्बन प्लानर निशांत गोयल ने सेमिनार में शहर के विकास का खाका प्रस्तुत करते हुए कहा कि इस प्रोजेक्ट में स्वच्छ हवा, स्वास्थ्य, बेसिक इंफ्रास्ट्रक्चर समेत सभी प्रमुख बिंदुओं पर काम होगा। अभी जिस क्षेत्र को विकास के लिए चुना गया है, वह कुतुबखाना मोती पार्क से शुरू होकर बरेली जंक्शन, अक्षर विहार तालाब, सेटेलाइट तक है। इसके बाद दूसरे इलाके चुने जाएंगे। इस प्रेजेंटेशन के बाद सवाल-जवाब और सुझावों का दौर शुरू हुआ तो पार्षद सतीश कातिब ने आपत्ति की कि जब डेलापीर चौराहे का नाम अभिनंदन चौक हो गया है तो प्रोजेक्ट में उसका नाम क्यों नहीं बदला गया है। अब्दुल कयूम मुन्ना ने शहर का छोटा हिस्सा प्रोजेक्ट में शामिल करने पर सवाल उठाया। शालिनी जौहरी ने पटेल चौक से डेलापीर तक व्यस्ततम सड़कों के लिए प्रोजेक्ट न बनाने का कारण पूछा। विकास शर्मा ने कहा कि पहले से विकसित इलाकों को प्रोजेक्ट में महत्व देने की वजह जाननी चाही। अहम प्रोजेक्ट पीपीपी मोड पर देने पर भी आपत्ति की। पार्षद सुखदीश कश्यप ने औद्योगिक क्षेत्र को शामिल करने की मांग की। बंटी शर्मा ने सबसे सहयोग की अपील की। पार्षदों के सवालों पर नगर आयुक्त सैमुअल पॉल एन. और स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के अर्बन प्लानर निशांत गोयल जवाब देते रहे लेकिन कई सवालों ने उन्हें असहज कर दिया। रंगकर्मी जेसी पालीवाल ने संजय कम्युनिटी हॉल को बेहतर करने और डॉ. मनु नीरज ने जरी कारोबारियों की स्थिति पर ध्यान देने की बात कही।
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पार्षदों को मेयर की नसीहत- स्वार्थी नहीं सारथी बनें
मुख्य अतिथि के रूप में बोलते हुए मेयर उमेश गौतम ने आलोचकों को आड़े हाथ लिया। उन्होंने कहा कि उनके मेयर बनने के डेढ़ महीने बाद स्मार्ट सिटी का तोहफा मिला था। साल भर के बाद अब प्रोजेक्ट कागजों से धरातल पर उतरने जा रहे हैं। यह स्मार्ट सिटी की पहली वर्कशॉप है और पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर इसमें कुछ इलाकों को चयनित किया गया है। ऐसे मौके पर सभी को सारथी बनने की जरूरत है, अपने-अपने क्षेत्र का नाम लेकर स्वार्थी न बनें। कार्यक्रम को विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. अनिल शुक्ल, नगर विधायक डॉ. अरुण कुमार ने भी संबोधित किया। भाजपा जिलाध्यक्ष रविंद्र सिंह राठौर, महानगर अध्यक्ष डॉ. केएम अरोरा, वीसी बीडीए दिव्या मित्तल, सीईओ कैंट बोर्ड अनुपमा तलवाड़ मंच पर मौजूद रहीं। अपर नगर आयुक्त ईश शक्ति सिंह ने धन्यवाद ज्ञापित किया।
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प्रो. जैतली ने पूछा- ऐसे कैसे सुंदर होगा शहर
विश्वविद्यालय के प्रो. एके जैतली ने कहा कि कूड़ा निस्तारण पर विश्वविद्यालय ने काम किया है लेकिन नगर निगम ने कभी सलाह तक नहीं ली। बोले- आप लोगों का फोकस सौंदर्यीकरण पर है लेकिन सड़कों की चौड़ाई कम है, ऐसे में आपके प्रोजेक्ट कैसे पूरे होंगे। पाथ वे पर दिव्यांगों के लिए व्यवस्था होने और जबलपुर की तर्ज पर ई-साइकिल चलाने की बात की। इस पर मेयर उमेश गौतम ने कहा कि विश्वविद्यालय अपनी कूड़ा निस्तारण की व्यवस्था लागू कर नजीर पेश करे ताकि उसे दूसरी कालोनियों में लागू किया जा सके।
बार-बार उठाने पर गुस्साए पार्षद
मंच से बार-बार अपनी जगह बैठने की उद्घोषणा पर पार्षद विकास शर्मा गुस्से में आ गए और विरोध करके उठाकर जाने लगे। उन्होंने आरोप लगाया कि अभी अधिकारी के नाम पर कभी किसी अन्य वजह से उठने की बात कहकर अपमानित किया जा रहा है। नगर आयुक्त ने पहुंचकर शांत कराया। इस दौरान नगर आयुक्त का गनर बीच में आया तो वह उससे भी गुस्सा होने लगे।
स्मार्ट सिटी के लिए चुनी गईं परियोजनाएं
हैंडीक्राफ्ट सेंटर : 211 करोड़ से जिला उद्योग केंद्र के पास बनेगा और यहां बरेली के जरी-जरदोजी, फर्नीचर उद्योग के उत्थान के लिए ट्रेनिंग सेंटर, प्रदर्शन और बिक्री का इंतजाम होगा।
सेंट्रल बिजनेस डिस्ट्रिक्ट : 170 करोड़ रुपये के इस प्रोजेक्ट में कामर्शियल और सरकारी ऑफिस के लिए स्पेस होगा। पार्किंग की व्यवस्था होगी।
कामर्शियल कॉम्प्लेक्स : संजय कम्युनिटी हॉल, तालाब और एलन क्लब को मिलाकर बनेगा। यहां मनोरंजन, खानपान, घूमने और ऑडिटोरियम होगा।
चौराहों का विकास और पैदल पुल : डेलापीर, चौकी चौराहा, पटेल चौक और गांधी उद्यान समेत छह चौराहों पर रोटरी और सौंदर्यीकरण होगा। जिला अस्पताल और गांधी उद्यान पर दो पैदल पुल भी बनेंगे।
सॉलिड वेस्ट : 50 करोड़ की लागत से चार कूड़ा कलेक्शन सेंटर बनेंगे और बाकरगंज के कूड़े निस्तारण होगा।
स्टेडियम : स्पोर्ट्स स्टेडियम में ही मिनी स्टेडियम बनेगा और वहां स्वीमिंग पूल, बैडमिंटन कोर्ट का नवीनीकरण होगा।
मल्टीलेवल पार्किंग : एलन क्लब, मोती पार्क, संजय कम्युनिटी हॉल समेत चार जगह होगी।
कमांड एंड कंट्रोल सेंटर : ट्रैफिक, सीसीटीवी से निगरानी समेत अन्य कार्यों के लिए कमांड एंड कंट्रोल सेंटर बनेगा।
स्वास्थ्य : शहर में स्वास्थ्य जांच के लिए 16 स्थानों पर हेल्थ एटीएम। महिलाओं के लिए टॉयलेट में सेनेटरी पैड, फीडिंग कॉर्नर होगा।
नाथ नगरी सर्किट : नाथ नगरी के सारे मंदिर सड़क मार्ग से जोड़े जाएंगे।
सोलर : सोलर ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए सोलर ट्री और सरकारी विभागों की छत पर सोलर पैनल।
एसटीपी : शहर में चार दिशाओं में चार एसटीपी प्लांट।
कैटल पार्क : डेयरी शहर से बाहर करने और जानवरों की बेहतर देखभाल के लिए।
स्मार्ट क्लास एवं ओपन जिम : नौ स्कूलों में 30 स्मार्ट क्लास, दर्जन भर पार्कों में ओपन जिम।