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झालराें पर ‘चांदी’ तो चीन की ही रहेगी
ब्यूरो/अमर उजाला, बरेली
Updated Fri, 28 Oct 2016 01:57 AM IST
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Skirting the 'silver', China will remain
- फोटो : बरेली, अमर उजाला
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अगर घरों को बिजली की झालरों से जगमग करना है तो आपको किसी न किसी रूप में चाइनीज सामान का प्रयोग करना ही पड़ेगा। यह हम नहीं बल्कि बाजार के विशेषज्ञ बता रहे हैं। उनका कहना है कि जिस रूप और दाम में चीन का माल भारतीय बाजार में बिक रहा है वह भारत में अभी तक प्रमुख रूप से नहीं बन पाया है। अगर कुछ कंपनियां झालरें बना भी रही हैं तो उनकी कीमत कहीं अधिक है।
बिजली के लट्टू हों या फिर जगमग करतीं झालरें। एलईडी लाइट से बनी झालरें भी बाजार में हैं। लेकिन खरीददारी करने निकले ग्राहक इसमें मेड इन इंडिया ढूंढ रहे हैं। जबकि इन झालराें के पैकेट और डिब्बों पर कुछ लिखा ही नहीं है। ये पूरी तरह से चाइना मेड हैं जो सीधे भारतीय बाजारों में अपनी पैठ बनाए हुए हैं। बरेली इलेक्ट्रिकल एसोसिएशन के महासचिव रवींद्र सिंह यादव बताते हैं कि चाइना की झालराें के दाम काफी सस्ते हैं। इस दाम पर कोई भी झालर भारत में बनी नहीं मिलेगी। साथ ही जो फिनिशिंग और डिजाइन इस समय लाइट में दिख रही है उसका भी बन पाना संभव नहीं। फिलहाल झालराें में कोई विकल्प उपलब्ध नहीं है। यादव कहते हैं कि अगर भारत में बने छोटे बल्ब का प्रयोग करते भी हैं तो यह पावर सेविंग नहीं है।
सिर्फ मिट्टी के दिये और मोमबत्ती ही उपाय
बाजार में उजाले के लिए सिर्फ मिट्टी के दिये और मोमबत्ती ही एकमात्र उपाय हैं। ये पूरी तरह भारतीय हैं और कुम्हाराें की मेहनत से बने हैं।
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बिजली के लट्टू हों या फिर जगमग करतीं झालरें। एलईडी लाइट से बनी झालरें भी बाजार में हैं। लेकिन खरीददारी करने निकले ग्राहक इसमें मेड इन इंडिया ढूंढ रहे हैं। जबकि इन झालराें के पैकेट और डिब्बों पर कुछ लिखा ही नहीं है। ये पूरी तरह से चाइना मेड हैं जो सीधे भारतीय बाजारों में अपनी पैठ बनाए हुए हैं। बरेली इलेक्ट्रिकल एसोसिएशन के महासचिव रवींद्र सिंह यादव बताते हैं कि चाइना की झालराें के दाम काफी सस्ते हैं। इस दाम पर कोई भी झालर भारत में बनी नहीं मिलेगी। साथ ही जो फिनिशिंग और डिजाइन इस समय लाइट में दिख रही है उसका भी बन पाना संभव नहीं। फिलहाल झालराें में कोई विकल्प उपलब्ध नहीं है। यादव कहते हैं कि अगर भारत में बने छोटे बल्ब का प्रयोग करते भी हैं तो यह पावर सेविंग नहीं है।
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सिर्फ मिट्टी के दिये और मोमबत्ती ही उपाय
बाजार में उजाले के लिए सिर्फ मिट्टी के दिये और मोमबत्ती ही एकमात्र उपाय हैं। ये पूरी तरह भारतीय हैं और कुम्हाराें की मेहनत से बने हैं।