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UP News: बरेली में छह और बांग्लादेशी महिलाएं चिह्नित, एसएसपी ने शासन को भेजी रिपोर्ट
Mon, 25 Aug 2025 07:12 AM IST
मुकेश कुमार
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
Published by: मुकेश कुमार
Updated Mon, 25 Aug 2025 07:12 AM IST
सार
बरेली जिले में अवैध रूप से बांग्लादेशी नागरिक रह रहे हैं। मुनारा बी और उसकी दो बहनों को जेल भेजने के बाद पुलिस ने छह और बांग्लादेशी महिलाओं को चिह्नित किया है। इन पर भी कार्रवाई हो सकती है।
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एसएसपी अनुराग आर्य
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
कुछ दिनों पहले पाकिस्तान सीमा पर तनाव बढ़ा तो बरेली में पुलिस की ओर से जिले में पाकिस्तानी, बांग्लादेशी और रोहिंग्या की पहचान के लिए अभियान चलाया गया। इस अभियान में ही जिले में रह रहे बांग्लादेशियों की तस्वीर साफ हो गई थी। मुनारा और उसकी दो बहनों का इनपुट भी मिल गया था। इनके अलावा छह और बांग्लादेशी महिलाओं को चिह्नित कर एसएसपी ने शासन को रिपोर्ट भेज दी है।
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इसी अभियान के दौरान प्रेमनगर थाना प्रभारी आशुतोष रघुवंशी को मुनारा बी के बारे में जानकारी मिली थी। हालांकि, मुनारा ने खुद को भारतीय साबित करने के लिए पर्याप्त दस्तावेज बनवा रखे थे तो उस पर आसानी से कार्रवाई संभव नहीं थी। पुलिस गोपनीय तरीके से उसकी नागरिकता के बारे में पड़ताल कर रही थी।
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अब उसकी दो और बहनों की नागरिकता अवैध पाई गई है और दो भाई भी संदेह के घेरे में हैं। साथ ही, छह और महिलाओं के बांग्लादेशी होने की पुष्टि हुई है। इनमें से ज्यादातर उम्रदराज हैं और शादी करके बरसों से यहां रह रही हैं। इनके पास पहचान का कोई दस्तावेज नहीं है और ये विदेश भी नहीं गई हैं।
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अमर उजाला ने उठाया था मुद्दा
पिछले दिनों पुलिस ने सीबीगंज, अलीगंज, इज्जतनगर और भोजीपुरा थाना क्षेत्र में फर्जी दस्तावेज बनाने वाले रैकेट पकड़े थे। रैकेट में शामिल लोग मोटी रकम लेकर फर्जी आधार कार्ड व जन्म प्रमाणपत्र बनाते थे। सीबीगंज में भाजपा नेता रैकेट को संचालित कर रहा था। अमर उजाला ने इस मुद्दे को उठाकर अंदेशा जताया था कि इस तरह के गिरोह संदिग्धों को देश की फर्जी नागरिकता के लिए पहचान लायक प्रमाणपत्र दे सकते हैं। बताया जा रहा है कि जिले के कुछ हिस्सों में यह खेल अब भी जारी है। ऐसे में आशंका है कि अन्य घुसपैठियों ने भी अपनी पहचान बदली होगी।
यह भी पढ़ें- UP: नौ बार विदेश गई थी मुनारा बी...फर्जी पासपोर्ट और जाली दस्तावेज बरामद, जेल भेजी गईं तीनों बांग्लादेशी बहनें
संदिग्धों के बारे में सूचना दे सकते हैं लोग
एसएसपी अनुराग आर्य ने कहा कि मुनारा और उसकी बहनों पर कार्रवाई जाली दस्तावेज बनाने के मामले में हुई है। पुलिस के अभियान के दौरान कुछ और महिलाओं की बांग्लादेशी पहचान के साक्ष्य मिले है, हालांकि उन्होंने फर्जी तरीके से भारतीय पहचानपत्र नहीं बनवाए। मुख्यालय को सूचित किया गया है। फर्जी प्रमाणपत्र बनाने वालों पर जो मुकदमे दर्ज हुए हैं, उसमें दस्तावेज लेने वालों की भी जांच की जा रही है। आम नागरिक भी ऐसे संदिग्धों के बारे में सूचना दे सकते हैं।
पिछले दिनों पुलिस ने सीबीगंज, अलीगंज, इज्जतनगर और भोजीपुरा थाना क्षेत्र में फर्जी दस्तावेज बनाने वाले रैकेट पकड़े थे। रैकेट में शामिल लोग मोटी रकम लेकर फर्जी आधार कार्ड व जन्म प्रमाणपत्र बनाते थे। सीबीगंज में भाजपा नेता रैकेट को संचालित कर रहा था। अमर उजाला ने इस मुद्दे को उठाकर अंदेशा जताया था कि इस तरह के गिरोह संदिग्धों को देश की फर्जी नागरिकता के लिए पहचान लायक प्रमाणपत्र दे सकते हैं। बताया जा रहा है कि जिले के कुछ हिस्सों में यह खेल अब भी जारी है। ऐसे में आशंका है कि अन्य घुसपैठियों ने भी अपनी पहचान बदली होगी।
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संदिग्धों के बारे में सूचना दे सकते हैं लोग
एसएसपी अनुराग आर्य ने कहा कि मुनारा और उसकी बहनों पर कार्रवाई जाली दस्तावेज बनाने के मामले में हुई है। पुलिस के अभियान के दौरान कुछ और महिलाओं की बांग्लादेशी पहचान के साक्ष्य मिले है, हालांकि उन्होंने फर्जी तरीके से भारतीय पहचानपत्र नहीं बनवाए। मुख्यालय को सूचित किया गया है। फर्जी प्रमाणपत्र बनाने वालों पर जो मुकदमे दर्ज हुए हैं, उसमें दस्तावेज लेने वालों की भी जांच की जा रही है। आम नागरिक भी ऐसे संदिग्धों के बारे में सूचना दे सकते हैं।