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रेलवे वर्कशाप में छह आइसोलेटेड कोच बनकर तैयार
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आइसोलेशन के लिए ट्रेल की बोगियों को तैयार किया जा रहा
- फोटो : ANI
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एक कोच में आठ मरीज होंगे आइसोलेट
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बरेली। इज्जतनगर रेलवे वर्कशाप में आइसोलेटेड कोच बनाने का काम शुरू हो गया है। इन्हें प्लेटफार्म और पानी की टंकी वाली जगह पर रखा जाएगा। रेलवे वर्कशाप में 57 आइसोलेटेड कोच बनाए जाने हैं। एक कोच में आठ मरीजों को आइसोलेट किया जाएगा।
रेलवे बोर्ड ने एनई रेलवे को 216 आइसोलेटेड कोच बनाने के निर्देश दिए हैं। इनमें इज्जतनगर स्थित रेलवे वर्कशाप में 57 आइसोलेटेड कोच बनाए जाने हैं। रेलवे वर्कशाप एक अप्रैल से खुला था। तीन अप्रैल तक वर्कशाप में छह आइसोलेटेड कोच बना दिए गए। एक कोच में केवल आठ मरीजों के बेड बनाए गए हैं। इसके अलावा डॉक्टर और स्टाफ के लिए केबिन अलग है। दोनों टायलेट को हटाकर एक बाथरूम बनाया गया है। मक्खी और मच्छर से बचाव के लिए दरवाजे और खिड़कियों में जाली लगाई गई है। प्रत्येक केबिन में मोटा पर्दा भी लगाया गया है। आइसोलेटेड कोचों को प्लेटफार्म के अतिरिक्त ऐसी जगह रखा जाएगा, जहां बिजली और पानी की समुचित व्यवस्था हो।
मुख्य कारखाना प्रबंधक राजेश अवस्थी ने बताया कि 15 साल पुराने कोचों को आइसोलेटेड कोच में तब्दील किया गया है। एक कोच को तैयार करने की लागत करीब दो लाख रुपये आएगी। इसके अलावा वर्कशाप में महिला स्टाफ एक दिन में चार सौ मास्क तैयार कर रही है। अब तक पांच सौ लीटर सैनिटाइजर तैयार किया जा चुका है।
रेलवे बोर्ड ने एनई रेलवे को 216 आइसोलेटेड कोच बनाने के निर्देश दिए हैं। इनमें इज्जतनगर स्थित रेलवे वर्कशाप में 57 आइसोलेटेड कोच बनाए जाने हैं। रेलवे वर्कशाप एक अप्रैल से खुला था। तीन अप्रैल तक वर्कशाप में छह आइसोलेटेड कोच बना दिए गए। एक कोच में केवल आठ मरीजों के बेड बनाए गए हैं। इसके अलावा डॉक्टर और स्टाफ के लिए केबिन अलग है। दोनों टायलेट को हटाकर एक बाथरूम बनाया गया है। मक्खी और मच्छर से बचाव के लिए दरवाजे और खिड़कियों में जाली लगाई गई है। प्रत्येक केबिन में मोटा पर्दा भी लगाया गया है। आइसोलेटेड कोचों को प्लेटफार्म के अतिरिक्त ऐसी जगह रखा जाएगा, जहां बिजली और पानी की समुचित व्यवस्था हो।
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मुख्य कारखाना प्रबंधक राजेश अवस्थी ने बताया कि 15 साल पुराने कोचों को आइसोलेटेड कोच में तब्दील किया गया है। एक कोच को तैयार करने की लागत करीब दो लाख रुपये आएगी। इसके अलावा वर्कशाप में महिला स्टाफ एक दिन में चार सौ मास्क तैयार कर रही है। अब तक पांच सौ लीटर सैनिटाइजर तैयार किया जा चुका है।
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