Pahalgam Attack: भारतीय नागरिकता पाने वाली बहनों का फूटा गुस्सा, कहा- पाकिस्तान को सबक सिखाएं पीएम मोदी
कश्मीर के पहलगाम में आतंकियों की कायराना करतूत से देशभर में आक्रोश है। पाकिस्तान और आतंकवाद के खिलाफ लोग प्रदर्शन कर रहे हैं। पाकिस्तान से बरेली में ब्याह कर आईं दो बहनों ने पहलगाम में हुए आतंकी हमले की कड़ी निंदा की। उन्होंने भारत सरकार से कड़ा कदम उठाने की मांग की।
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जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में सरहद पार से आए आतंकवादियों की करतूत के बाद भारत सरकार की ओर से इस मामले में कई बड़े फैसले लिए गए हैं। वहीं पूरे देश में विरोध प्रदर्शन भी पाकिस्तान के खिलाफ चल रहा है। वर्षों पहले पाकिस्तान से दुल्हन के जोड़े में आई भारतीय नागरिकता हासिल कर चुकीं दो बहनें उजमा मुख्तार व राना मुख्तार ने भी इस घटना पर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा है कि हम कब तक आतंकवाद की भेंट चढ़ते रहेंगे। प्रधानमंत्री मोदी कड़ा कदम उठाकर पाकिस्तान को सबक सिखाएं। उन्होंने नाम पूछकर हत्याएं करने पर अफसोस जताते हुए कहा कि पाकिस्तान एक मुस्लिम देश है, उसकी ऐसी हरकतों से अच्छा माहौल भी तनाव में बदल जाता है।
कराची में जन्मीं राना मुख्तार करीब 30 साल पहले शादी कर भारत आईं थीं। उनका निकाह कांकरटोला में हुआ था। तब से वह भारत में ही रह रही हैं। उन्होंने बताया कि करीब आठ साल पहले ही भारतीय नागरिकता मिली है। इसके लिए भी उन्होंने काफी संघर्ष किया। राना मुख्तार ने कहा कि वह भारतीय सभ्यता में घुल मिल गई हैं। भारत के लोकतांत्रिक देश है और यहां का मुसलमान सुरक्षित हैं। पाकिस्तान को हमारी फिक्र करने की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान से ज्यादा हम इस मुल्क में खुद को सुरक्षित महसूस करते हैं।
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उजमा मुख्तार को भारतीय नागरिकता मिले हुए करीब नौ साल हो गए हैं। उनका निकाह घेर जाफर खां निवासी जावेद सईद से हुआ था। उन्होंने कश्मीर को भारत का अभिन्न अंग बताते हुए कहा कि पाकिस्तान पहले अपने मुल्क में अन्य परेशानियों को ठीक करे। कश्मीर के पहलगाम की हरकत निंदनीय और अफसोसनाक है। इस हरकत से मुसलमानों की साख पर चोट पहुंची है। पाकिस्तान को पहले सोचना चाहिए कि वह किस स्थिति में खड़ा है और एक ऐसे लोकतांत्रिक देश को आंख दिखाने की हिम्मत कर रहा है, जिसकी ताकत ही एकता है।