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साहब.. कोटे का राशन खत्म हो गया, पूरा महीना कैसे कटेगा
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बरेली के इज्जतनगर क्षेत्र में राशन बांटता एक कोटेदार।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
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सुभाषनगर की कई महिलाओं ने कलक्ट्रेट पहुंचकर अधिकारियों को सुनाया दर्द
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बरेली। सुभाषनगर की महिलाओं ने मंगलवार को कलक्ट्रेट पहुंचकर अफसरों को अपनी दिक्कत बताई। कहा- एक तारीख को कोटे की दुकान पर जो पांच-छह किलो राशन मिला था, वो तो खत्म हो गया। अभी तो पूरा महीना बाकी है। काम न मिलने से हाथ खाली हैं। ऐसे में बच्चों का पेट कैसे भरें।
सुभाषनगर में कोरोना संक्रमित एक परिवार मिलने के बाद से मोहल्ले का बड़ा हिस्से को सील कर दिया गया था। इससे यहां रहने वाले आर्थिक तौर से कमजोर सैकड़ों परिवार के सामने भुखमरी के हालात पैदा हो रहे हैं। कलक्ट्रेट पहुंची सुभाषनगर की कई महिलाओं ने बताया कि उनके घर में राशन खत्म हो गया था। मुन्नीदेवी ने बताया कि एक अप्रैल को पांच-छह किलो राशन मिला था। इससे कुछ दिन तो कट गए लेकिन पूरा महीना कैसे कटेगा। लॉकडाउन में कोई काम नहीं मिल रहा। इसी तरह दूसरी महिलाओं ने भी घर में राशन न होने की शिकायत की।
सुभाषनगर में कोरोना संक्रमित एक परिवार मिलने के बाद से मोहल्ले का बड़ा हिस्से को सील कर दिया गया था। इससे यहां रहने वाले आर्थिक तौर से कमजोर सैकड़ों परिवार के सामने भुखमरी के हालात पैदा हो रहे हैं। कलक्ट्रेट पहुंची सुभाषनगर की कई महिलाओं ने बताया कि उनके घर में राशन खत्म हो गया था। मुन्नीदेवी ने बताया कि एक अप्रैल को पांच-छह किलो राशन मिला था। इससे कुछ दिन तो कट गए लेकिन पूरा महीना कैसे कटेगा। लॉकडाउन में कोई काम नहीं मिल रहा। इसी तरह दूसरी महिलाओं ने भी घर में राशन न होने की शिकायत की।
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पिता को गंभीर बीमारी, फिर भी केंसिल कर दिया राशनकार्ड
सुभाषनगर की रहने वाली ज्योति ने दवाइयों और जांच के कागज दिखाते हुए बताया कि उनके पिता गंभीर बीमारी के शिकार है। लंबे समय से काम पर नहीं जा रहे है। राशनकार्ड पर पहले सात यूनिट पर 35 किलो राशन मिल जाता था। इससे परिवार की गाड़ी खिंच जाती थी लेकिन उसका राशनकार्ड रद्द कर दिया गया है। कोटे का राशन मिलना बंद होने से परिवार एक-एक दाने को मोहताज हो गया है।
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