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महाराष्ट्र में करोड़ों की ठगी कर भोजीपुरा में रह रहे भाई-बहन गिरफ्तार
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पकड़े गए धोखाखड़ी के आरोपी भाई-बहन।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
फर्जी कंपनी बनाकर डाटा एंट्री ऑपरेटर उपलब्ध कराने के नाम पर की सैकड़ों से ठगी
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महाराष्ट्र और भोजीपुरा पुलिस ने की कार्रवाई, कई एटीएम, पैन और क्रेडिट कार्ड बरामद
भोजीपुरा (बरेली)। महाराष्ट्र पुलिस ने भोजीपुरा पुलिस की मदद से पड़री खालसा गांव में रहने वाले अनिल गंगवार और इज्जतनगर के बसंत विहार में रहने वाली उसकी बहन प्रीति गंगवार को गिरफ्तार किया है। दोनों ने महाराष्ट्र के जिला बुलढाणा में फर्जी कंपनी खोलकर ऑनलाइन डाटा एंट्री ऑपरेटर उपलब्ध कराने के नाम पर करोड़ों की ठगी की थी और फिर खामोशी से गांव आकर रहने लगे थे। उनके कब्जे से कई एटीएम कार्ड, क्रेडिट कार्ड, पैन कार्ड और आधार कार्ड बरामद हुए हैं।
बुलढाणा जिले के थाना मेहकर में यह रिपोर्ट 22 जून को वहीं के सुल्तानपुर निवासी भागवत साहेबराव ने अनिल गंगवार और प्रीति गंगवार समेत चार लोगों के खिलाफ दर्ज कराई थी। रिपोर्ट में भागवत साहेब ने उल्लेख किया कि लॉकडाउन के दौरान मुंबई में सारा काम बंद चल रहा था। वह समाजसेवा से जुड़े हैं और गांव देहात के दूर दराज के युवाओं को एकसाथ लाकर नौकरी दिलाने काम करते हैं। लॉकडाउन के दौरान फैक्टरियों में ताला लग गया और उस समय सिर्फ वर्क फ्रॉम होम ही चल रहा था। इसके लिए डाटा इंट्री ऑपरेटर की खूब डिमांड चल रही थी। उन्होंने ऑनलाइन सर्च किया तो दिल्ली की एक कंपनी का नाम सामने आया और उसकी ब्रांच बुलढाणा में भी होने की बात सामने आई। उन्होंने कंपनी में संपर्क किया तो अनिल और उसी बहन प्रीति समेत चार लोगों से बातचीत हुई। आरोपियों ने उन्हें काम कराने का आश्वासन दिया और नौकरी दिलाने के नाम पर ऑनलाइन रुपये ट्रांसफर करने को कहा। इसके बाद भागवत ने आरोपियों को 9.72 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए लेकिन किसी की नौकरी नहीं लगी। इसी तरह आरोपियों ने कई अन्य कंपनियों से भी करोड़ों रुपये की ठगी की और फरार हो गए।
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एसएसपी से मांगी थी मदद
मामले की जांच के दौरान महाराष्ट्र पुलिस को अनिल गंगवार और उसकी बहन प्रीति की लोकेशन मिली तो वहां के अफसरों ने एसएसपी रोहित सिंह सजवाण से मदद मांगी। बृहस्पतिवार को महाराष्ट्र की टीम बरेली पहुंची तो भोजीपुरा थाने की टीम के साथ आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद टीम उन्हें यहां से लेकर चली गई।
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तेलंगाना में भी ठगी कर चुके हैं भाई-बहन
इंस्पेक्टर भोजीपुरा मनोज कुमार ने बताया कि आरोपियों के कब्जे से छह डेबिट कार्ड, चार पैन कार्ड, एक क्रेडिट कार्ड, एक आधार कार्ड और 2500 रुपये बरामद हुए हैं। इनके खिलाफ तेलंगाना के जिला पेड़ापल्ली में भी धोखाधड़ी और रुपये हड़पने की रिपोर्ट दर्ज है। वहां भी आरोपियों ने इसी तरह ठगी की थी।
भाई बनता था एजेंट, बहन बनती थी निदेशक
लोगों को ठगी का शिकार बनाने के लिए बहन-भाई ने तगड़ा जाल बिछा रखा था। अनिल खुद को कंपनी का एजेंट बताता था और प्रीति को कंपनी की निदेशक बताकर लोगों से मिलवाता था। उनके गैंग में महाराष्ट्र के ही दो अन्य सदस्य भी शामिल थे।
करोड़ों हड़पकर घर लौटे थे आरोपी, पुलिस देखकर चौंके मोहल्ले वाले
अनिल गंगवार और उसकी बहन प्रीति गंगवार करोड़ों रुपये ठगने के बाद करीब छह महीने पहले अपने घरों में आकर रहने लगे थे। वे लोग यहां भी कुछ करते नहीं थे लेकिन कोई दिखावा भी नहीं था। इसके चलते मोहल्ले वालों पर उन पर कभी शक भी नहीं हुआ। बृहस्पतिवार को जब महाराष्ट्र पुलिस और भोजीपुरा पुलिस आरोपियों के घर पहुंची तो मोहल्ले वाले हैरत में पड़ गए। जब उन्हें पता लगा कि दोनों मुंबई से करोड़ों रुपये ठगकर भागे हैं तो उन्हें आसानी से यकीन नहीं हुआ।
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महाराष्ट्र और भोजीपुरा पुलिस ने की कार्रवाई, कई एटीएम, पैन और क्रेडिट कार्ड बरामद भोजीपुरा (बरेली)। महाराष्ट्र पुलिस ने भोजीपुरा पुलिस की मदद से पड़री खालसा गांव में रहने वाले अनिल गंगवार और इज्जतनगर के बसंत विहार में रहने वाली उसकी बहन प्रीति गंगवार को गिरफ्तार किया है। दोनों ने महाराष्ट्र के जिला बुलढाणा में फर्जी कंपनी खोलकर ऑनलाइन डाटा एंट्री ऑपरेटर उपलब्ध कराने के नाम पर करोड़ों की ठगी की थी और फिर खामोशी से गांव आकर रहने लगे थे। उनके कब्जे से कई एटीएम कार्ड, क्रेडिट कार्ड, पैन कार्ड और आधार कार्ड बरामद हुए हैं।
बुलढाणा जिले के थाना मेहकर में यह रिपोर्ट 22 जून को वहीं के सुल्तानपुर निवासी भागवत साहेबराव ने अनिल गंगवार और प्रीति गंगवार समेत चार लोगों के खिलाफ दर्ज कराई थी। रिपोर्ट में भागवत साहेब ने उल्लेख किया कि लॉकडाउन के दौरान मुंबई में सारा काम बंद चल रहा था। वह समाजसेवा से जुड़े हैं और गांव देहात के दूर दराज के युवाओं को एकसाथ लाकर नौकरी दिलाने काम करते हैं। लॉकडाउन के दौरान फैक्टरियों में ताला लग गया और उस समय सिर्फ वर्क फ्रॉम होम ही चल रहा था। इसके लिए डाटा इंट्री ऑपरेटर की खूब डिमांड चल रही थी। उन्होंने ऑनलाइन सर्च किया तो दिल्ली की एक कंपनी का नाम सामने आया और उसकी ब्रांच बुलढाणा में भी होने की बात सामने आई। उन्होंने कंपनी में संपर्क किया तो अनिल और उसी बहन प्रीति समेत चार लोगों से बातचीत हुई। आरोपियों ने उन्हें काम कराने का आश्वासन दिया और नौकरी दिलाने के नाम पर ऑनलाइन रुपये ट्रांसफर करने को कहा। इसके बाद भागवत ने आरोपियों को 9.72 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए लेकिन किसी की नौकरी नहीं लगी। इसी तरह आरोपियों ने कई अन्य कंपनियों से भी करोड़ों रुपये की ठगी की और फरार हो गए।
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एसएसपी से मांगी थी मदद
मामले की जांच के दौरान महाराष्ट्र पुलिस को अनिल गंगवार और उसकी बहन प्रीति की लोकेशन मिली तो वहां के अफसरों ने एसएसपी रोहित सिंह सजवाण से मदद मांगी। बृहस्पतिवार को महाराष्ट्र की टीम बरेली पहुंची तो भोजीपुरा थाने की टीम के साथ आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद टीम उन्हें यहां से लेकर चली गई।
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