फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bareilly News ›   Shyamganj uproar: Your own neck is stuck... how to tighten the noose on the miscreants

श्यामगंज बवाल : अपनी ही गर्दन फंसी है... उपद्रवियों पर कैसे शिकंजा कसें

Sat, 16 Oct 2021 01:26 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Sat, 16 Oct 2021 01:26 AM IST
सार

उर्स-ए-रजवी के कुल के दिन श्यामगंज समेत कई जगह हुए बवाल पर अफसर अब बैकफुट पर
 

विज्ञापन
Shyamganj uproar: Your own neck is stuck... how to tighten the noose on the miscreants
कोतवाली के सामने बैरियर तोड़कर निकलते उपद्रवी। (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली

विस्तार

वायरल वीडियो दे रहे गवाही, उपद्रव की आग में जलने से बाल-बाल बचा था शहर
विज्ञापन

न नामजद लोगों की गिरफ्तारी पर पुलिस का जोर, न वीडियो से पहचाने गए चेहरे

बरेली। उर्स-ए-रजवी के कुल वाले दिन हुए बवाल के वायरल हो रहे वीडियो साफ बता रहे हैं कि उस दिन शहर एक बार फिर उपद्रव की आग में जलने से बाल-बाल बच गया था। श्यामगंज के साथ सिविल लाइंस के कई इलाकों में उर्स में आए लोग उग्र हुए तो पुलिस हालात संभालने में नाकाम हो गई थी। यह स्थिति इसलिए आई क्योंकि उर्स में सीमित लोगों की शिरकत की अनुमति देने के बावजूद अफसर पहले दो दिन उमड़ी भीड़ से बेखबर रहे। संगीन धाराओं में केस दर्ज करने के बावजूद अब इसी वजह से पुलिस बैकफुट पर है।
दरगाह आला हजरत के मुताबिक प्रशासन की ओर से उर्स में कोविड गाइड लाइन के मुताबिक बेहद सीमित तादाद में अकीदतमंदों के शिरकत करने की अनुमति दी थी। कहा तो यह जा रहा है कि प्रशासन की ओर से सिर्फ सौ लोगों को उर्स में शामिल होने की अनुमति दी गई थी लेकिन अब कोई इस बारे में स्थिति साफ करने को तैयार नहीं है। बहरहाल उर्स में पहले ही दिन कई हजार अकीदतमंदों की भीड़ उमड़ी जिससे इस्लामिया ग्राउंड तकरीबन भर गया लेकिन प्रशासन ने इस पर ध्यान नहीं दिया।
विज्ञापन

दूसरे दिन भीड़ कई गुना और बढ़ गई। तीसरे दिन कुल होना था लिहाजा आसपास के कई जिलों से अकीदतमंद उमड़ने शुरू हो गए। शहर में बेतहाशा भीड़ देखकर पुलिस-प्रशासन के अफसरों का दम फूला। आनन-फानन श्यामगंज चौराहे के साथ कई स्थानों पर बैरिकेडिंग लगाकर भीड़ को रोकने और डायवर्ट करने की कोशिश की गई तो बवाल शुरू हो गया।
विज्ञापन
विज्ञापन

श्यामगंज चौराहे पर अकीदतमंदों की भीड़ ने पुलिस पर पथराव कर जमकर भड़काऊ बयानबाजी की और बारादरी पुलिस की जीप में भी तोड़फोड़ कर दी। पुलिस ने लाठीचार्ज किया तो हालात और बिगड़ गए। दरगाह के लोगों को बुलाया गया, तब थोड़ा हालात संभले। श्यामगंज के अलावा नावल्टी चौराहे पर भी बवाल हुआ। भीड़ ने पुलिस के बैरिकेड तोड़ डाले। शहर में जगह-जगह भगदड़ मची तो कई इलाकों का बाजार बंद हो गया।
इस मामले में तत्कालीन श्यामगंज चौकी इंचार्ज अजय शुक्ला की तरफ से मौलाना दानिश, जफर, शोएब हकला, वसीम, जुबैर और फाजिल को नामजद करते हुए करीब पांच सौ लोगों के खिलाफ बलवा और सरकारी कार्य में बाधा डालने समेत कई गंभीर धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर मौलाना दानिश को गिरफ्तार किया था। इस पर दरगाह की ओर से कड़ी प्रतिक्रिया आई। सुब्हानी मियां समेत कई उलमा ने मुकदमे को गलत करार दिया और पुलिस-प्रशासन की व्यवस्था पर सवाल उठाए। आईएमसी के कार्यक्रम में मौलाना तौकीर रजा ने भी व्यवस्थाओं को लेकर पुलिस-प्रशासन पर सवाल उठाए। चूंकि अफसरों की गर्दन भी इस मामले में फंसी हुई थी लिहाजा इस मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया।

उपद्रवियों की फोटो-वीडियो से पहचान कर जेल भेजने का किया था दावा

इस बवाल के कई वीडियो वायरल हो रहे हैं। एक वीडियो में कोतवाली के सामने भीड़ पुलिस के बैरियर को गिराकर आगे बढ़ती नजर आ रही है। पुलिस अब भी फोटो और वीडियो के आधार पर बवाल करने वालों की पहचान करने का दावा कर रही है। हालांकि इस मामले को सप्ताह भर से ज्यादा समय बीत चुका है लेकिन न तो दूसरी गिरफ्तारी हुई है और न ही मुकदमे में किसी का नाम बढ़ाया गया है। कहा जा रहा है कि पुलिस-प्रशासन अपनी नाकामी छिपाने के लिए इस मामले में कार्रवाई से पीछे हट गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed