Bareilly News: निर्माणाधीन कुतुबखाना पुल की शटरिंग गिरी, बाजार में फैली दहशत; घटना से लोगों में आक्रोश
घटना के बाद मौके पर मौजूद लोगों ने काम कर रहे मजदूरों और कर्मचारियों को खरी-खोटी सुनाई। बैरिकेडिंग को बढ़ाकर लोगों को खतरे वाले स्थलों की ओर जाने से रोकने की मांग की।
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बरेली में सुरक्षा मानकों की अनदेखी कर कुतुबखाना पुल का निर्माण कराया जा रहा है। सोमवार को शहर के व्यस्ततम इलाके घंटाघर में शटरिंग खोलते वक्त अचानक ही चादरें नीचे गिरने लगीं। पुल के एक हिस्से से कुछ ईंटें भी खिसक कर गिरीं। इस दौरान वहां मौजूद लोगों ने भागकर अपनी जान बचाई। गनीमत रही कि कोई हताहत नहीं हुआ। सेतु निगम और स्मार्ट सिटी के अभियंताओं की अनदेखी दुकानदारों, राहगीरों व आसपास के लोगों पर भारी पड़ सकती है।
दुकानदारों ने उठाया सवाल : क्या देख रहे इंजीनियर
स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत 1,307 मीटर लंबे कुतुबखाना फ्लाईओवर का निर्माण चल रहा है। जोखिम भरे काम के वक्त न तो इंजीनियर नजर आते हैं, न ही जिम्मेदार अफसर दिखते हैं। इसके बाद भी 24 घंटे काम की निगरानी का दावा किया जाता है। घटना से लोगों में आक्रोश है।
मौके पर मौजूद लोगों ने काम कर रहे मजदूरों और कर्मचारियों को खरी-खोटी सुनाई। बैरिकेडिंग को बढ़ाकर लोगों को खतरे वाले स्थलों की ओर जाने से रोकने की मांग की। लोगों ने यह भी बताया कि 7 अप्रैल को भी शटरिंग खोलते समय लोहे की चादर गिरने से हादसा हुआ था। इसके बाद भी जिम्मेदार नहीं चेते।
कभी भी हो सकता है हादसा
व्यापारी प्रेम ने बताया कि नीचे ठेले खड़े रहते हैं। आवागमन भी जारी है। किसी के साथ कभी भी हादसा हो सकता है। कोई यह बताने वाला नहीं है कि कहां से गुजरें, कहां से न गुजरें। ऐसे में हम खुद ही सावधानी बरत रहे हैं।
व्यापारी के हरीश जुनेजा ने बताया कि ऊपर मजदूर काम कर रहे हैं। नीचे से लोग गुजर रहे हैं। शटरिंग खोलते वक्त भी सुरक्षा के नियमों का पालन नहीं हो रहा है। निर्माण के दौरान किसी के ऊपर रेता तो किसी के ऊपर बजरी गिर रही है।
मजदूरों के सिर पर न हेलमेट न सेफ्टी बेल्ट
यहां काम कर रहे मजदूरों के सिर पर हेलमेट नहीं होता। वे बिना सेफ्टी बेल्ट के ही काफी ऊंचाई पर काम कर रहे हैं। अचानक पैर फिसलने की स्थिति में सेफ्टी बेल्ट से बचाव होता है, लेकिन निजी फर्म ने इस पर ध्यान नहीं दिया। मौके का निरीक्षण कर रहे अभियंताओं को भी सुरक्षा मानकों से कोई सरोकार नहीं है।
रस्से से बांधकर नीचे की ओर आनी चाहिए चादर
शटरिंग की कोई भी चादर अगर नीचे लाई जानी है तो उसे रस्से से बांधकर ही लाया जाना चाहिए। जल्दबाजी में कई बार इसे ऐसे ही नीचे की ओर फेंका जाता है। नीचे तैनात सुरक्षा गार्ड आने-जाने वाले लोगों को रोकने के लिए सीटी बजाते हैं। अगर कोई सीटी न सुन पाए तो वह खतरे की जद में आ जाएगा।
बिना सेफ्टी बेल्ट के काम कर रहे बिजली कर्मचारी
सेफ्टी बेल्ट ऊंचाई पर काम करने वाले हर कर्मचारी के लिए अनिवार्य है। मध्यांचल विद्युत वितरण निगम के लिए काम कर रहे संविदा कर्मचारियों के पास भी अभी तक सेफ्टी बेल्ट नहीं है, जबकि अफसर एक वर्ष से लगातार सुरक्षा उपकरण उपलब्ध होने का दावा कर रहे हैं। शहरी क्षेत्र के अधीक्षण अभियंता विकास सिंघल ने बताया कि सुरक्षा उपकरण खरीदे जा रहे हैं। जिसके पास नहीं हैं, आने वाले कुछ दिनों में उनको भी मिल जाएंगे।
बरेली स्मार्ट सिटी कंपनी की सीईओ निधि गुप्ता वत्स ने बताया कि मॉनीटरिंग कर रहे इंजीनियरों को मौके पर भेजा था। शटरिंग खोलते समय निजी फर्म को सावधानी बरतने के निर्देश दिए गए हैं। सेतु निगम के उपपरियोजना प्रबंधक अरुण गुप्ता ने बताया कि मैं इसकी जानकारी करूंगा। कार्यदायी संस्था ने शटरिंग गिरने के बारे में कोई सूचना नहीं दी है।