प्राण प्रतिष्ठा समारोह: बरेली में दिल्ली-कोलकाता के फूलों से महकेगा श्रीराम दरबार, मंदिरों में तैयारियां शुरू
रामलला की मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा के अवसर पर बरेली में उत्सव मनाया जाएगा। इसे लेकर मंदिरों में खास तैयारियां की जा रही है। भगवान श्रीराम के दरबार को फूलों से सजाया जाएगा।
विस्तार
अयोध्या में रामलला की मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा के उपलक्ष्य में बरेली के मंदिरों को दिल्ली और कोलकाता के फूलों से सजाया जाएगा। इसके लिए कोलकाता से कुमुदनी, रजनीगंधा, मोगरा, कार्निशन स्टार आदि के फूल ऑर्डर किए गए हैं।
दिल्ली से गुलाब और गेंदे के फूल मंगाए गए हैं। सजावट को लेकर मंदिरों में खास तैयारियां की जा रही हैं। फूल कारोबारियों का कहना है कि दीपावली से भी ज्यादा मांग होने के कारण फूलों की आपूर्ति करना मुश्किल हो रहा है।
बड़ा बाग मंदिर
हार्टमैन स्थित बड़ा बाग हनुमान मंदिर में कोलकाता की कुमुदनी, गुलदाबरी, गुलाब और कार्निशन स्टार के फूलों से राजाराम और जनकसुता का दरबार सजाया जाएगा। हनुमान जी के मुख्य दरबार में फूलों का बंगला सजाया जाएगा। पुजारी कुलदीप मिश्रा ने बताया कि 20 जनवरी से ही मंदिर की सजावट शुरू हो जाएगी। फूलों के लिए अभी से ऑर्डर दे दिया गया है। 40 हजार रुपये के फूल मंगाए जा रहे हैं।
त्रिवटीनाथ मंदिर
यहां 14 जनवरी से ही सजावट शुरू हो जाएगी। मंदिर को दिल्ली से आए कार्निशन स्टार के फूलों से सजाया जाएगा। परिसर और द्वार पर बंदनवार की विशेष सजावट की तैयारी है। सभी फूलों का ऑर्डर कर दिया गया है। मंदिर समिति से संजीव अवतार ने बताया कि यह दीपावली से भी बड़ा उत्सव है। मंदिर को सजाने में कोई कसर नहीं छो़ड़ेंगे।
श्री हरि मंदिर
मॉडल टाउन स्थित श्री हरि मंदिर में सजावट के लिए गुलाब, मोगरे और रजनीगंधा के फूलों का ऑर्डर दिया गया है। मंदिर समिति के सचिव रवि छाबड़ा ने बताया कि पूरे मॉडल टाउन को एक घर की तरह सजाया जाएगा। मॉडल टाउन के सभी मंदिरों में एक जैसी सजावट रहेगी। मंदिर के आस-पास के घरों और दुकानों पर भी सजावट की जाएगी। एक लाख रुपये सिर्फ फूलों की सजावट पर खर्च किए जाएंगे। पूरा मंदिर परिसर इत्र की जगह ताजे गुलाब के फूलों से महकेगा।
फूल कारोबारी विक्की ने बताया कि उन्हें शहर के कई बड़े मंदिरों में सजावट की जिम्मेदारी मिली है। बाजार में फूलों की मांग दीपावली से भी ज्यादा है। बरेली में दिल्ली और कोलकाता से फूलों की आपूर्ति की जाती है, लेकिन वहां के काश्तकारों ने सीमित उत्पादन की वजह से इस समय ऑर्डर लेने से मना कर दिया है। अन्य जगहों से भी फूल मंगाए जा रहे हैं। ऑर्डर ज्यादा होने की वजह से फूलों के रेट तय नहीं हो पा रहे हैं।