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Bareilly News: इत्तेहाद ए मिल्लत काउंसिल समेत दो पार्टियों को कारण बताओ नोटिस जारी
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नोटिस का जबाव न देने पर राजनीतिक दल की सूची से बाहर होंगी पार्टियां
बरेली। भारत निर्वाचन आयाेग नई दिल्ली के निर्देशानुसार वर्ष 2019 से जून 2025 तक कोई चुनाव न लड़ने पर जिला निर्वाचन अधिकारी ने इत्तेहाद-ए-मिल्लत काउंसिल समेत दो राजनीतिक दल को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। निर्धारित अवधि में जबाव देने के निर्देश हैं।
जिला निर्वाचन अधिकारी अविनाश सिंह की ओर से बरेली शहर के दरगाह आला हजरत सौदागरान स्थित राजनीतिक दल इत्तेहाद-ए-मिल्लत काउंसिल और आंवला के अखा ढका की संघर्ष समाज पार्टी को नोटिस जारी हुआ है। ये राजनीतिक दल प्रदेश सरकार की ओर से पंजीकृत अमान्यता प्राप्त राजनीतिक की सूची में है। संबंधित पार्टियों के अध्यक्ष या महासचिव को प्रत्यावेदन हलफनामा और जरूरी अभिलेख के साथ 21 अगस्त मुख्य निर्वाचन कार्यालय लखनऊ में जमा करने को कहा है। दो, तीन सितंबर के इसी कार्यालय में आयोजित सुनवाई में भी पहुंच सकते हैं।
वहीं, निर्धारित अवधि 21 अगस्त तक नोटिस का जबाव न मिलने पर राजनीतिक दल को सूची से हटाने की संस्तुति के साथ प्रस्ताव प्रदेश के मुख्य निर्वाचन आयुक्त की ओर से भारत निर्वाचन आयोग को भेज दिया जाएगा। जिसकी जिम्मेदारी संंबंधित दल के मुखिया की होगी। ब्यूरो
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बरेली। भारत निर्वाचन आयाेग नई दिल्ली के निर्देशानुसार वर्ष 2019 से जून 2025 तक कोई चुनाव न लड़ने पर जिला निर्वाचन अधिकारी ने इत्तेहाद-ए-मिल्लत काउंसिल समेत दो राजनीतिक दल को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। निर्धारित अवधि में जबाव देने के निर्देश हैं।
जिला निर्वाचन अधिकारी अविनाश सिंह की ओर से बरेली शहर के दरगाह आला हजरत सौदागरान स्थित राजनीतिक दल इत्तेहाद-ए-मिल्लत काउंसिल और आंवला के अखा ढका की संघर्ष समाज पार्टी को नोटिस जारी हुआ है। ये राजनीतिक दल प्रदेश सरकार की ओर से पंजीकृत अमान्यता प्राप्त राजनीतिक की सूची में है। संबंधित पार्टियों के अध्यक्ष या महासचिव को प्रत्यावेदन हलफनामा और जरूरी अभिलेख के साथ 21 अगस्त मुख्य निर्वाचन कार्यालय लखनऊ में जमा करने को कहा है। दो, तीन सितंबर के इसी कार्यालय में आयोजित सुनवाई में भी पहुंच सकते हैं।
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वहीं, निर्धारित अवधि 21 अगस्त तक नोटिस का जबाव न मिलने पर राजनीतिक दल को सूची से हटाने की संस्तुति के साथ प्रस्ताव प्रदेश के मुख्य निर्वाचन आयुक्त की ओर से भारत निर्वाचन आयोग को भेज दिया जाएगा। जिसकी जिम्मेदारी संंबंधित दल के मुखिया की होगी। ब्यूरो
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