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शिया व सुन्नी आलिमों को सऊदी में फांसी के विरोध में जलसा
बरेली
Updated Tue, 12 Jan 2016 02:04 AM IST
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बरेली। सऊदी अरब सरकार के शिया आलिमे दीन आयतुल्ला शेख निम्र बाकर अल निम्र व सुन्नी आलिमे दीन फारिसुज्जहरानी सहित 47 लोंगो को फांसी दिए जाने के विरोध में छीपी टोला स्थित फतेह अली शाह मारूफ काला इमामबाड़ा में मोमीने बरेली की ओर से एहतेजाजी जलसे का आयोजन किया गया। साथ ही पठानकोट में आतंकी हमले में मारे गए शहीदों को खिराजे अकीदत भी पेश की गई।
जलसे को मुख्य वक्ता के रूप में शिया धर्म गुरु मौलाना कल्बे जव्वाद ने संबोधित करते हुए सऊदी अरब सरकार के आलिमे दीन को फांसी दिए जाने की खुलकर मुखालफत की। साथ ही इसे अमानवीय कृत बताया। उन्होंने पठान कोट की घटना पर कहा कि इस तरह के हमले करके बेगुनाहों का खून बहाना हरगिज हरगिज इस्लाम नहीं हो सकता है। इस्लाम किसी भी तरह के खून खराबे की इजाजत नहीं देता बल्कि आत्म रक्षा का संदेश देता है।
शिया मसलों के जानकार हाजी शाहीन रजा जैदी ने कहा कि सारी दुनिया को दहशतगर्दी के साथ साथ दहशतगर्दों की भी निंदा करनी चाहिए। मौलाना रियाज असकरी ने कहा कि सऊदी हुकूमत ने अपने इस अमल से छोटी सोच कर परिचय दिया है। सेवा समिति के अध्यक्ष राजा सेठी ने कहा कि आतंकवाद का विरोध हर धर्म में हर दौर में होता रहा है और हमारे गुरुओं ने भी आतंकवाद की हमेशा से मुखालफत की है। इसके अलावा सेवा समिति के सचिव सुरेश ठाकुर, शायर हुनर फर्रुखाबादी, शिया समाज के उपाध्यक्ष अतहर अब्बास नकवी ने भी सऊदी सरकार की निंदा की है। जलसे का संचालन कलीम हैदर नकवी सैफी ने किया।
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अंत में शिया जामा मस्जिद के इमामे जुमा मौलाना समशुल हसन खां ने दुआ की। इसके बाद शिया समुदाय के लोगों ने राष्ट्रपति को संबोधित एक ज्ञापन नगर मजिस्ट्रेट को सौंपा। इसमें भारत सरकार से मांग की गई कि वह सऊदी सरकार से इस मसले पर बात करे ताकि भविष्य में किसी भी धर्मगुरु के साथ इस तरह का अमानवीय व्यवहार न हो।
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जलसे को मुख्य वक्ता के रूप में शिया धर्म गुरु मौलाना कल्बे जव्वाद ने संबोधित करते हुए सऊदी अरब सरकार के आलिमे दीन को फांसी दिए जाने की खुलकर मुखालफत की। साथ ही इसे अमानवीय कृत बताया। उन्होंने पठान कोट की घटना पर कहा कि इस तरह के हमले करके बेगुनाहों का खून बहाना हरगिज हरगिज इस्लाम नहीं हो सकता है। इस्लाम किसी भी तरह के खून खराबे की इजाजत नहीं देता बल्कि आत्म रक्षा का संदेश देता है।
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शिया मसलों के जानकार हाजी शाहीन रजा जैदी ने कहा कि सारी दुनिया को दहशतगर्दी के साथ साथ दहशतगर्दों की भी निंदा करनी चाहिए। मौलाना रियाज असकरी ने कहा कि सऊदी हुकूमत ने अपने इस अमल से छोटी सोच कर परिचय दिया है। सेवा समिति के अध्यक्ष राजा सेठी ने कहा कि आतंकवाद का विरोध हर धर्म में हर दौर में होता रहा है और हमारे गुरुओं ने भी आतंकवाद की हमेशा से मुखालफत की है। इसके अलावा सेवा समिति के सचिव सुरेश ठाकुर, शायर हुनर फर्रुखाबादी, शिया समाज के उपाध्यक्ष अतहर अब्बास नकवी ने भी सऊदी सरकार की निंदा की है। जलसे का संचालन कलीम हैदर नकवी सैफी ने किया।
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अंत में शिया जामा मस्जिद के इमामे जुमा मौलाना समशुल हसन खां ने दुआ की। इसके बाद शिया समुदाय के लोगों ने राष्ट्रपति को संबोधित एक ज्ञापन नगर मजिस्ट्रेट को सौंपा। इसमें भारत सरकार से मांग की गई कि वह सऊदी सरकार से इस मसले पर बात करे ताकि भविष्य में किसी भी धर्मगुरु के साथ इस तरह का अमानवीय व्यवहार न हो।