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UP: करसौर से 80 मीटर पर शारदा... नया पिंड गांव में कहर बरपा रही मोहाना; आंखों के सामने नदी में समा रहे घर
Thu, 15 Aug 2024 01:48 PM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, लखीमपुर खीरी
अमर उजाला नेटवर्क, लखीमपुर खीरी
Published by: शाहरुख खान
Updated Thu, 15 Aug 2024 01:48 PM IST
सार
लखीमपुर खीरी में नदियों का कहर जारी है। नदियों का रौद्र रूप देख ग्रामीणों ने अपना सामान सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाना शुरू कर दिया है। जिस रफ्तार से कटान हो रहा है, अगर यही स्थिति रही तो कुछ ही दिन में करसौर, रूरा सुल्तानपुर आदि गांवों का भी नामोनिशान मिट जाएगा।
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Sharda and Mohana river
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
लखीमपुर खीरी की शारदा और मोहाना नदियों का कहर जारी है। नयापुरवा गांव का अस्तित्व मिटाने के बाद शारदा नदी अब करसौर गांव की ओर बढ़ी है। करसौर से नदी सिर्फ 80 मीटर की दूरी पर है। ग्रामीणों की धड़कनें बढ़ गई हैं।
उधर, मोहाना नदी ने नया पिंड गांव को अपनी जद में ले लिया है। एक दिन पहले दो घर कट चुके हैं। गांव के करीब 20 घर कटान के मुहाने पर हैं। किसी भी समय नदी इन घरों का कटान कर सकती है।
बिजुआ के चकपुरवा, नयापुरवा और कोरियाना को काटने के बाद अब शारदा नदी का रुख करसौर, रूरा सुल्तानपुर, तथा तनसुखपुरवा की ओर हो गया है। नदी करसौर से मात्र 80 मीटर और रूरा सुल्तानपुर से लगभग 120 मीटर की दूरी पर है। नदी के बढ़ने से इन गांवों के अस्तित्व पर भी संकट मंडराने लगा है।
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नदी का रौद्र रूप देख ग्रामीणों ने अपना सामान सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाना शुरू कर दिया है। जिस रफ्तार से कटान हो रहा है, अगर यही स्थिति रही तो कुछ ही दिन में करसौर, रूरा सुल्तानपुर आदि गांवों का भी नामोनिशान मिट जाएगा।
रूरा सुल्तानपुर के जगजीत सिंह ने बताया कि नदी का रुख गांव की तरफ हो गया है। कृषि योग्य भूमि नदी में समाने लगी है। लेखपाल अविनाश मिश्रा ने बताया की करसौर से मात्र 70 -80 मीटर दूर शारदा नदी आ गई है।
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उधर, मोहाना नदी ने नया पिंड गांव को अपनी जद में ले लिया है। एक दिन पहले दो घर कट चुके हैं। गांव के करीब 20 घर कटान के मुहाने पर हैं। किसी भी समय नदी इन घरों का कटान कर सकती है।
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बिजुआ के चकपुरवा, नयापुरवा और कोरियाना को काटने के बाद अब शारदा नदी का रुख करसौर, रूरा सुल्तानपुर, तथा तनसुखपुरवा की ओर हो गया है। नदी करसौर से मात्र 80 मीटर और रूरा सुल्तानपुर से लगभग 120 मीटर की दूरी पर है। नदी के बढ़ने से इन गांवों के अस्तित्व पर भी संकट मंडराने लगा है।
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नदी का रौद्र रूप देख ग्रामीणों ने अपना सामान सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाना शुरू कर दिया है। जिस रफ्तार से कटान हो रहा है, अगर यही स्थिति रही तो कुछ ही दिन में करसौर, रूरा सुल्तानपुर आदि गांवों का भी नामोनिशान मिट जाएगा।
रूरा सुल्तानपुर के जगजीत सिंह ने बताया कि नदी का रुख गांव की तरफ हो गया है। कृषि योग्य भूमि नदी में समाने लगी है। लेखपाल अविनाश मिश्रा ने बताया की करसौर से मात्र 70 -80 मीटर दूर शारदा नदी आ गई है।
कहर बरपा रही मोहाना, नदी में समाते घर देख ग्रामीण मायूस
भारत-नेपाल सीमा के ग्राम नया पिंड के ग्रामीण अपना आशियाना नदी में समाते देखकर रो रहे हैं। नयापिंड गांव की रुकमा बाई और राजो बाई का घर नदी में समा चुका है। मंगत सिंह, सुरजीत सिंह, मलकीत सिंह और शिक्षक गुरमीत सिंह के घर एकदम कटान के मुहाने पर आ गए हैं। अन्य घर भी कटान के मुहाने पर हैं। एसडीएम राजीव निगम ने बताया कि कटान पीड़ितों को भोजन के पैकेट दिए गए हैं।
भारत-नेपाल सीमा के ग्राम नया पिंड के ग्रामीण अपना आशियाना नदी में समाते देखकर रो रहे हैं। नयापिंड गांव की रुकमा बाई और राजो बाई का घर नदी में समा चुका है। मंगत सिंह, सुरजीत सिंह, मलकीत सिंह और शिक्षक गुरमीत सिंह के घर एकदम कटान के मुहाने पर आ गए हैं। अन्य घर भी कटान के मुहाने पर हैं। एसडीएम राजीव निगम ने बताया कि कटान पीड़ितों को भोजन के पैकेट दिए गए हैं।
अगर कटी रेलवे लाइन तो मचेगी तबाही
नयापिंड को मोहाना नदी तेजी से निगलती जा रही है। काटन की यही गति रही तो रेलवे लाइन पार दक्षिण में भी बड़ा खतरा उत्पन्न हो जाएगा। नानपारा-मैलानी रेलवे लाइन अगर कटी तो लाइन पार के दक्षिण में बसे दर्जन भर गांवों में तबाही आ जाएगी। अब तक सिंचाई विभाग का कोई अधिकारी यहां झांकने नहीं आया है।
नयापिंड को मोहाना नदी तेजी से निगलती जा रही है। काटन की यही गति रही तो रेलवे लाइन पार दक्षिण में भी बड़ा खतरा उत्पन्न हो जाएगा। नानपारा-मैलानी रेलवे लाइन अगर कटी तो लाइन पार के दक्षिण में बसे दर्जन भर गांवों में तबाही आ जाएगी। अब तक सिंचाई विभाग का कोई अधिकारी यहां झांकने नहीं आया है।