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शहीद भगत सिंह के भतीजे बोले: पहले की सरकार में थी एक ही परिवार की बात, ये दूसरों को भी कर रहे याद

Sat, 28 Jan 2023 06:57 AM IST
मुकेश कुमार संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं
संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं Published by: मुकेश कुमार Updated Sat, 28 Jan 2023 06:57 AM IST
सार

किरनजीत सिंह का परिवार अब सहारनपुर में रहता है। वह शहीद सरदार भगत सिंह के छोटे भाई कुलतार सिंह के बेटे हैं। वह गुरुवार को बदायूं पहुंचे। उन्होंने मीडिया से मुखातिब होते हुए कहा कि भगत सिंह ने जिस समाज की कल्पना की थी, आज उसके उल्ट है। युवाओं में भटकाव है। 

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Shaheed Bhagat Singh nephew Kiranjeet Singh praised the BJP government
शहीद भगत सिंह के भतीजे किरनजीत सिंह - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

शहीद भगत सिंह के भतीजे किरनजीत सिंह स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के परिवारों की सरकारों द्वारा की गई उपेक्षा से आहत हैं। उनका कहना है कि सरकारें सब एक सी रहीं। आज भी स्वतंत्रता संग्राम में हिस्सा लेने वाले लोगों के परिवार उपेक्षित महसूस कर रहे हैं। कांग्रेस और भाजपा के शासन में फर्क पूछने पर कहा कि फर्क इतना आया है कि पहले एक परिवार की बात थी, ये दूसरों को भी याद कर रहे हैं।

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किरनजीत सिंह का परिवार अब सहारनपुर में रहता है। वह शहीद सरदार भगत सिंह के छोटे भाई कुलतार सिंह के बेटे हैं। बृहस्पतिवार को वह बदायूं की जिला पंचायत अध्यक्ष वर्षा सिंह यादव व पूर्व एमएलसी जितेंद्र यादव द्वारा जिला पंचायत में आयोजित कार्यक्रम में हिस्सा लेने आए थे। 

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दूसरे विश्वयुद्ध के समय जेल गए थे पिता 

जिला पंचायत अध्यक्ष के आवास पर उन्होंने अमर उजाला से खास बातचीत की। किरनजीत ने बताया कि जिस समय उनके ताऊ सरदार भगतसिंह को फांसी दी गई तो उनके पिता कुलतार सिंह 12 साल के थे। उनके पिता भी दूसरे विश्वयुद्ध के समय जेल गए थे। साल 1957 में जन्मे किरनजीत सिंह बताते हैं कि उन्हें आजादी के कुछ साल बाद का भारत भी देखा है, लेकिन तब और अब के समय में काफी फर्क आ गया है। 

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भगत सिंह की कल्पना से उल्ट है आज का समाज 

उन्होंने कहा कि आजादी के बाद तरक्की तो हुई है लकिन पश्चिम का प्रभाव भी बढ़ गया। सामाजिक संरचना में परिवर्तन आया और लोग शहीदों की यादों को विस्मृत करते गए। आज का युवा भटक रहा है। सरदार भगत सिंह द्वारा उनके पिता कुलतार सिंह को लिख गई आखिरी चिट्ठी का भी उन्होंने जिक्र किया। कहा कि सरदार भगत सिंह ने जिस जातपात और भेदभाव रहित समाज की कल्पना की थी, आज स्थिति इसके बिल्कुल उलट है। 

किरनजीत सिंह ने युवाओं को संदेश देते हुए कहा कि आज युवाओं को ध्यान देना चाहिए कि आजादी हजारों बलिदान देकर देश को आजादी मिली है। ऐसे में शहीदों का बलिदान व्यर्थ नहीं जाना चाहिए। शहीद भगत सिंह ने जिस समाज और देश की कल्पना की थी ऐसे समाज का निर्माण होना चाहिए तभी उन समेत सभी शहीदों का बलिदान सार्थक होगा।

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