रेलवे ने शाहदाना मालगोदाम की जमीन से कब्जे हटाने का शुरू किया काम, कई अवैध मकान और निर्माण किए ध्वस्त
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
रेलवे ने जिला प्रशासन की मदद से मंगलवार से शाहदाना मालगोदाम की जमीन और इज्जतनगर तक बिछी लाइन के आसपास अपनी जमीन से अतिक्रमण साफ करने का अभियान शुरू कर दिया। जमीन पर कब्जे कर बनाए गए कई अवैध मकान और निर्माण पहले दिन ध्वस्त किए गए। इस दौरान नोकझोंक भी हुई लेकिन अभियान जारी रहा।
पिछले कई वर्ष पहले पूर्वोत्तर रेलवे ने शाहदाना मालगोदाम बंद कर दिया था, इससे इज्जतनगर तक चलने वाली मालगाड़ी और बाबू ट्रेन भी बंद हो गई। धीरे-धीरे रेलवे लाइन और दोनों किनारों पर तमाम लोगों ने अतिक्रमण कर पक्के निर्माण करा लिए। कई लोगों ने कबाड़ और अन्य कारोबार भी शुरू कर दिया। रेलवे प्रशासन ने जमीन आरएलडीए को सौंप दी है इसलिए यहां पर विकास कार्य प्रस्तावित हैं। इस बीच नैनीताल हाईकोर्ट ने नोटिस किया तो इज्जतनगर रेल मंडल प्रबंधन ने स्थानीय प्रशासन से अतिक्रमण साफ करने के लिए सहयोग मांगा।
इसके बाद मंगलवार सुबह डीआरएम आशुतोष पांडे के निर्देशन में अतिक्रमण हटाने का अभियान शुरू हुआ। इस मौके पर रेलवे टाउन प्लानर राजेश कुमार मिश्रा, सीनियर सेक्शन इंजीनियर रोशन लाल, जेई गिरिजेश कुमार, आरपीएफ इंस्पेक्टर दुर्गेश कुमार, दरोगा यतेंद्र कुमार, अपराध अनुसंधान शाखा के ब्रजमोहन शर्मा आरपीएफ फोर्स और दो जेसीबी के साथ मालगोदाम की जमीन पर पहुंचे। जिला प्रशासन की ओर से एसीएम प्रथम रोहित यादव पहुंचे।
अभियान चलने की जानकारी मंगलवार सुबह ही लोगों को पता चल गई थी। इसलिए अवैध रुप से रेता, बजरी और ईंट बेचने का धंधा करने वाले लोग ट्रॉली से ढुलाई करके माल ले जाने लगे। मौके पर पहुंची टीम ने सबसे पहले रेलवे के इंजीनियरिंग अनुभाग ने रेलवे लाइन से फीता डालकर दोनों ओर 75 मीटर जमीन चिह्नित की। इसके बाद अवैध कब्जे हटाना शुरू कर दिया। दोपहर 12 बजे ही अभियान परवान चढ़ गया। टीम ने जेसीबी से अवैध अतिक्रमण गिराना शुरू कर दिया, इससे पहले टीम ने लोगों को सामान हटाने का समय दिया। दोपहर तीन बजे तक ज्यादातर अवैध कब्जे हटा दिए गए।
कब्रिस्तान की दीवार तोड़ने पर विरोध
कब्रिस्तान की दीवार के सहारे भी लोगों ने कमरे बना रखे थे। जेसीबी मशीन ने कमरे तोड़ने के लिए दीवार हटाई तो लोगों ने विरोध शुरू कर दिया। लेकिन सीआईबी सब इंस्पेक्टर ब्रजमोहन शर्मा अतिक्रमण विरोधी अभियान की कमान संभाले हुए थे। इसलिए विरोध करने वाले ठंडे पड़ गए और अवैध दीवार तोड़ दी गई। एक व्यक्ति केंद्रीय मंत्री संतोष गंगवार का पीए बनकर पहुंचा। उसने भी अभियान रोकने को कहा, लेकिन उसकी भी नहीं सुनी गई। एक मकान तोड़ने पर जेसीबी चालक को मलबा गिरने की आशंका हुई, इस पर एसीएम रोहित यादव ने मकान मालिक को खुद ही मकान तोड़ने को कहा। उसे बुधवार 12 बजे तक का समय दिया गया है।
ज्यादा तोड़ा है, हम स्टे लेकर आएंगे
सबसे पहले इंजीनियरिंग अनुुभाग ने फीता डालकर तोड़ना शुरू किया। जेसीबी ने 80 मीटर तक तोड़ दिया। यह देखकर रेता बजरी बेचने का काम करने वाले हनीफ अधिकारियों के पास गए। उनके पास वर्ष 1985 का नक्शा था। जिसमें रेलवे के हिस्से की जमीन पटरी से केवल 75 मीटर तक है। हनीफ ने बताया कि वह कोर्ट से स्टे लेकर आएंगे जिससे अन्य लोगों को नुकसान नहीं हो सके।
अफसरों की सूझबूझ काम आई
रेलवे अधिकारियों को आशंका है कि शाहदाना से इज्जतनगर तक हुए अवैध कब्जों और अतिक्रमण जल्द न हटाया गया तो स्थिति खराब हो सकती है। क्योंकि रेलवे पर कई परियोजनाएं प्रस्तावित हैं। दरअसल हल्द्वानी के गफूर बस्ती की 29 एकड़ जमीन पर लोगों ने अवैध कब्जा कर रखा है। रेलवे ने कई बार कब्जा मुक्त कराने के प्रयास किए, लेकिन हर बार विरोध का सामना करना पड़ा। यह मामला लंबे समय से कोर्ट में है।