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शाह सकलैन मियां के छोटे भाई हाजी मुमताज मियां का इंतकाल
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हजरत हाजी मुमताज मियां सकलैनी (फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
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दीदार के लिए अकीदतमंदों का लगा रहा तांता, आज ककराला (बदायूं) में किया जाएगा सुपुर्देखाक
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बरेली। नबीरे शाह शराफत मियां एवं पीरो मुर्शिद शाह सकलैन मियां के छोटे भाई हजरत हाजी मुमताज मियां सकलैनी का बृहस्पतिवार को दोपहर इंतकाल हो गया। वह 70 साल के थे। पिछले कुछ दिनों से उनकी तबीयत नासाज चल रही थी। उन्हें बदायूं के कस्बा ककराला में जुमा (शुक्रवार) को सुबह सुपुर्दे खाक किया जाएगा।
मुमताज मियां के विसाल की खबर सुनते ही शाहबाद स्थित दरगाह हजरत शराफत मियां (खानकाह सकलैनिया) पर आखिरी दीदार के लिए मुरीदीन और अकीदतमंद बड़ी तादाद में उमड़ पड़े। इस पुरमलाल माहौल के बीच जैसे-जैसे बाहरी शहरों तक खबर पहुंची तो वहां से भी लोगों ने फोन करके अपने गम का इजहार किया। घर और खानदान के लोग भी गम-ओ-तकलीफ में हैं। मुमताज मियां अजीम मर्दे मुजाहिद और कौमो मिल्लत के हमदर्द थे। उन्होंने हमेशा बिना मजहबो मिल्लत लोगों के दर्द को अपना समझा और बढ़ चढ़कर लोगों की खिदमत की। इंतकाल के बाद उनका जनाजा खानकाह के मेहमानखाने में रखा गया। जहां शहर और आसपास इलाकों के तमाम लोगों ने कतार ब कतार उनका दीदार किया। इसके बाद उन्हें ककराला ले जाया गया।
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मुमताज मियां के विसाल की खबर सुनते ही शाहबाद स्थित दरगाह हजरत शराफत मियां (खानकाह सकलैनिया) पर आखिरी दीदार के लिए मुरीदीन और अकीदतमंद बड़ी तादाद में उमड़ पड़े। इस पुरमलाल माहौल के बीच जैसे-जैसे बाहरी शहरों तक खबर पहुंची तो वहां से भी लोगों ने फोन करके अपने गम का इजहार किया। घर और खानदान के लोग भी गम-ओ-तकलीफ में हैं। मुमताज मियां अजीम मर्दे मुजाहिद और कौमो मिल्लत के हमदर्द थे। उन्होंने हमेशा बिना मजहबो मिल्लत लोगों के दर्द को अपना समझा और बढ़ चढ़कर लोगों की खिदमत की। इंतकाल के बाद उनका जनाजा खानकाह के मेहमानखाने में रखा गया। जहां शहर और आसपास इलाकों के तमाम लोगों ने कतार ब कतार उनका दीदार किया। इसके बाद उन्हें ककराला ले जाया गया।
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दो दिन पहले ही ककराला से आए थे बरेली
शाह सकलैन अकादमी ऑफ इंडिया के अध्यक्ष, रहनुमा-ए-मिल्लत हाजी मुमताज मियां दो दिन पहले ही ककराला से यहां शाह शराफत मियां दरगाह पहुंचे थे। बृहस्पतिवार दोपहर में अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई। शाम पांच बजे उनका शव बरेली से ककराला पहुंचा। शुक्रवार सुबह दस बजे ककराला मजार शरीफ पर उन्हें सुपुर्दे ख़ाक किया जाएगा।
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