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साथी दरोगा की हत्या में शबनम दोषी करार, 2 मार्च को सजा पर होगी सुनवाई
Thu, 28 Feb 2019 10:52 PM IST
vivek shukla
ब्यूरो, अमर उजाला, बरेली
ब्यूरो, अमर उजाला, बरेली
Published by: vivek shukla
Updated Thu, 28 Feb 2019 10:52 PM IST
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19 साल पहले साथी दरोगा अरविंद प्रताप सिंह की हत्या के मामले में गुरुवार को अपर सत्र न्यायाधीश रवि नाथ की अदालत ने दरोगा शबनम को दोषी करार दिया। अदालत ने उसे गैर इरादतन हत्या का दोषी पाते हुए जेल भेज दिया। अदालत ने सजा पर सुनवाई के लिए 2 मार्च की तारीख तय की है।
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मार्च 2000 में हुए इस हत्याकांड से शहर में सनसनी फैल गई थी। मृतक दरोगा अरविंद प्रताप सिंह के भाई सुरेंद्र सिंह ने 12 मार्च 2000 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट में कहा था कि उनके बड़े भाई अरविंद प्रताप सिंह थाना कैँट में उपनिरीक्षक के पद पर तैनात थे।
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11 मार्च 2000 की रात करीब दस बजे अरविंद घर पर आए थे। उनके पीछे दरोगा शबनम और उसके साथ दो अन्य युवक आए। शबनम ने कुछ जरूरी बात का हवाला देकर अरविंद को घर चलने के लिए कहा। इसके बाद अरविंद शबनम के साथ चले गए।
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अगले दिन भी जब साढ़े बारह बजे दोपहर तक अरविंद घर नहीं पहुंचे तो उन्हें ढूंढा गया। इस बीच पता चला कि अरविंद की मोटर साइकिल शबनम के सिविल लाइंस स्थित आवास विकास के मकान के दरवाजे पर खड़ी है। सुरेंद्र सिंह और उनके अन्य रिश्तेदारों ने अंदर जाकर देखा तो अरविंद की खून से लथपथ लाश शबनम के कमरे में पड़ी थी।
मुकदमे में 17 साल तक हाईकोर्ट से स्टे रहा। स्टे हटने के बाद मुकदमे में कार्यवाही शुरू हुई। अभियुक्त शबनम ने तत्कालीन एसएसपी के सामने अपने जुर्म कुबूल किया था। अभियोजन पक्ष की ओर से सुनवाई के दौरान कुल 19 गवाह पेश किए गए। गवाही देने वालों में तत्कालीन एसएसपी कमल सक्सेना, तत्कालीन एडीएम सिटी मंजुल कुमार जोशी और तत्कालीन एसपी आरए गुलाब सिंह भी शामिल थे।