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बरेली बवाल: सात इनामी आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगीं पुलिस की सात टीमें, नहीं मिले तो संपत्ति होगी कुर्क

Tue, 07 Oct 2025 03:07 PM IST
मुकेश कुमार अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
अमर उजाला ब्यूरो, बरेली Published by: मुकेश कुमार Updated Tue, 07 Oct 2025 03:07 PM IST
सार

बरेली में बवाल के सात आरोपियों पर 15-15 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया है। इन आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की सात टीमें लगाई गई हैं। अगर आरोपी नहीं मिले तो उनकी संपत्ति को कुर्क किया जा सकता है। 

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Seven police teams were engaged to arrest seven wanted accused in Bareilly
बरेली बवाल प्रकरण - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

बरेली में 26 सितंबर को हुए बवाल में नामजद होने के बाद भागे मौलाना तौकीर रजा के सात करीबियों पर 15-15 हजार रुपये इनाम घोषित होने के बाद उनकी तलाश में पुलिस की सात टीमें लगाई गई हैं। एसएसपी ने संबंधित थानों की पुलिस टीम के साथ एसओजी, सर्विलांस समेत सात टीमों को इनकी तलाश में लगाया है। एसएसपी ने बताया कि आरोपी जल्दी नहीं मिले तो कोर्ट में आवेदन कर इनकी संपत्ति कुर्क कराई जाएगी।

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पुलिस के मुताबिक मौलाना तौकीर रजा के इशारे पर 26 सितंबर को शहर में बवाल हुआ था। पुलिस अब तक करीब 86 उपद्रवियों को गिरफ्तार कर चुकी है। अभी कई उपद्रवी भागे हुए हैं। जेल में बंद आईएमसी के पार्षद अनीस सकलैनी को राजनीतिक संरक्षण देने वाला नायाब उर्फ निम्मा, अनीस का बेटा अदनान, दोस्त नदीम और एक गुर्गा बबलू खान भी इनामी आरोपियों में शामिल हैं। 
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नायाब, बबलू और नदीम बारादरी थाने के हिस्ट्रीशीटर हैं। शाहबाद निवासी अल्तमस रजा, नीम वाली मस्जिद मलूकपुर निवासी अफजाल बेग और मदीना शाह इमामबाड़ा रोहली टोला निवासी साजिद सकलैनी पर भी इनाम घोषित किया गया है।

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मौलाना तौकीर की मुश्किलें और बढ़ेंगी 
बवाल कराने के आरोपी मौलाना तौकीर रजा पर कानून का शिकंजा कसता जा रहा है। वर्ष 2019 के मुकदमे में अब तक पुलिस चार्जशीट अटकाए हुए थी। अब यह फाइल दोबारा खोली जा रही है। मौलाना का कोर्ट से रिमांड मांगा गया है। 

केंद्र सरकार वर्ष 2019 में नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) और एनआरसी का प्रस्ताव लाई थी। तब बरेली समेत आसपास के जिलों में प्रदर्शन हुए थे। बरेली में भी निषेधाज्ञा के दौरान मौलाना तौकीर रजा ने विरोध-प्रदर्शन का आह्वान किया था। बरेली आए दूरदराज के लोगों ने तोड़फोड़ व हंगामा किया था। उनके खिलाफ कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी।

यह भी पढ़ें- बरेली बवाल: बुरा फंसा मौलाना तौकीर रजा, छह साल पुराने मामले में पुलिस ने मांगी रिमांड

इस दौरान कई विवेचक बदल गए पर न तो वे चार्जशीट लगा सके, न ही एफआर लगाने की हिम्मत जुटा सके। अब मौजूदा विवेचक ने मौलाना तौकीर रजा खां को रिमांड पर लेने के लिए कोर्ट में अर्जी लगाई है। सूत्र बताते हैं कि मौलाना के खिलाफ उन दिनों संभल जिले में भी रिपोर्ट दर्ज की गई थी। संभल समेत अन्य जिलों के मुद्दे भी उखड़ सकते हैं।

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