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Bareilly News: संपत्तियों तक पहुंचने के लिए श्रीकांत अर्चना और विशुकांत की तलाश तेज
Sat, 12 Sep 2026 01:45 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
Updated Sat, 12 Sep 2026 01:45 AM IST
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बरेली। अमर ज्योति चिटफंड कंपनी के निदेशक सूर्यकांत और शशिकांत को बी वारंट पर बरेली लाने के लिए पुलिस ने कोर्ट में अर्जी दाखिल कर दी है। संभवत: सोमवार को इस मामले में सीजेएम कोर्ट में सुनवाई हो सकती है। इससे पहले पुलिस तीसरे भाई श्रीकांत, सूर्यकांत की पत्नी अर्चना मौर्य और बेटे विशुकांत की गिरफ्तारी में लगी है। बरेली, बदायूं, पीलीभीत, शाहजहांपुर और उत्तराखंड में आरोपियों की संपत्तियों की तलाश की जा रही है।
सूर्यकांत और शशिकांत ने चार चिटफंड कंपनियां खोली थीं। 200 से ज्यादा एजेंटों की भर्ती की। कई जिलों में कंपनी के कार्यालय खोलकर रकम दोगुनी करने का झांसा देकर निवेशकों के करोड़ों रुपये ठग लिए। आरोपियों के खिलाफ बरेली में चार और बदायूं में ठगी के पांच मामले दर्ज हैं।
15 महीने बाद 50-50 हजार के इनामी सूर्यकांत और शशिकांत को एसटीएफ ने लखनऊ से गिरफ्तार किया था। दोनों बदायूं जेल में हैं। बदायूं में दर्ज सभी पांच मामलों में पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर दी है।
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जांच के दौरान यह भी सामने आया है कि आरोपी फरारी से पहले और फरारी के दौरान ज्यादातर अचल संपत्तियों को ठिकाने लगा चुके हैं। बरेली और बदायूं में आरोपियों की संपत्तियां नहीं मिली हैं। इधर, पुलिस के निशाने पर अमर ज्योति के 20 से ज्यादा एजेंट भी हैं। ये भी गिरफ्तारी से बचे हुए हैं।
उम्मीद है कि एजेंटों के पास आरोपियों की संपत्तियों का विवरण हो सकता है। एएसपी अंशिका वर्मा ने बताया कि आरोपियों को बरेली लाने के लिए प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
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सूर्यकांत और शशिकांत ने चार चिटफंड कंपनियां खोली थीं। 200 से ज्यादा एजेंटों की भर्ती की। कई जिलों में कंपनी के कार्यालय खोलकर रकम दोगुनी करने का झांसा देकर निवेशकों के करोड़ों रुपये ठग लिए। आरोपियों के खिलाफ बरेली में चार और बदायूं में ठगी के पांच मामले दर्ज हैं।
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15 महीने बाद 50-50 हजार के इनामी सूर्यकांत और शशिकांत को एसटीएफ ने लखनऊ से गिरफ्तार किया था। दोनों बदायूं जेल में हैं। बदायूं में दर्ज सभी पांच मामलों में पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर दी है।
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जांच के दौरान यह भी सामने आया है कि आरोपी फरारी से पहले और फरारी के दौरान ज्यादातर अचल संपत्तियों को ठिकाने लगा चुके हैं। बरेली और बदायूं में आरोपियों की संपत्तियां नहीं मिली हैं। इधर, पुलिस के निशाने पर अमर ज्योति के 20 से ज्यादा एजेंट भी हैं। ये भी गिरफ्तारी से बचे हुए हैं।
उम्मीद है कि एजेंटों के पास आरोपियों की संपत्तियों का विवरण हो सकता है। एएसपी अंशिका वर्मा ने बताया कि आरोपियों को बरेली लाने के लिए प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।