{"_id":"66f2199b42f447820a0e4744","slug":"scam-of-part-time-job-on-telegram-fraud-of-rs-727-lakh-bareilly-news-c-4-bly1015-487567-2024-09-24","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bareilly News: टेलीग्राम पर पार्ट टाइम नौकरी का झांसा, 7.27 लाख की ठगी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bareilly News: टेलीग्राम पर पार्ट टाइम नौकरी का झांसा, 7.27 लाख की ठगी
विज्ञापन
सात लाख से ज्यादा गंवाकर आया होश, साइबर क्राइम थाने में कराई रिपोर्ट
बरेली। साइबर ठगों ने टेलीग्राम पर पार्ट टाइम नौकरी का झांसा देकर महिला के साथ 7.27 लाख की ठगी कर ली। महिला ने साइबर क्राइम थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है।
पवन विहार कॉलोनी निवासी अंजलि के व्हाट्सएप पर प्रिया नाम बताकर एक युवती का मेसेज आया। प्रिया ने उन्हें पार्ट टाइम नौकरी देने का झांसा देकर टेलीग्राम पर एक लिंक भेजा। लिंक के माध्यम से अंजलि को एक वेबसाइट से जोड़ा गया। इसके बाद उसे शुरुआत में 150 से 300 रुपये तक का फायदा हुआ। मोटे मुनाफे का झांसा देकर अंजलि से कई बार में सात लाख 27 हजार रुपये ट्रांसफर करा लिए। अंजलि को ठगी का अहसास हुआ तो उसने रुपये मांगे। इसपर साइबर ठगों ने साफ मना कर दिया। इसके बाद अंजलि ने साइबर क्राइम थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है।
-- -- -- --
साइबर ठगों ने टेलीग्राम को बनाया ठगी का हथियार
साइबर ठगों ने टेलीग्राम को नया हथियार बना लिया है। आरोपी मोटे मुनाफे का झांसा देकर ठगी करते हैं। एक साल में ऐसे कई मामले सामने आए हैं, जिसमें साइबर ठगों ने टेलीग्राम का इस्तेमाल किया है। जनकपुरी के दीपक को टेलीग्राम के जरिये ग्लोबल वार्मिंग से जोड़ा गया। एक लाख 60 हजार रुपये ट्रांसफर करा लिए। शास्त्रीनगर के सनी प्रमेंद्र को भी टेलीग्राम के जरिये नौकरी का झांसा दिया गया। सनी से 40 हजार रुपये ट्रांसफर करा लिए गए। इसी तरह कैंट के एक सैनिक को पार्ट टाइम काम देने के लिए झांसा देकर टेलीग्राम पर लिंक भेजा। इस दौरान 28 लाख रुपये धीरे-धीरे ट्रांसफर करा लिए गए। अमर उजाला ब्यूरो
विज्ञापन
-- -- -
ये बरतें सावधानी
-- -- -
किसी भी अंजान व्हाट्सएप ग्रुप और टेलीग्राम चैनल से जुड़ने में सावधानी बरतें।
किसी को आधार कार्ड या पैनकार्ड न भेजें।
किसी नए लिंक पर क्लिक न करें।
किसी ऑफर या इनाम के झांसे में न आएं।
किसी को ओटीपी न बताएं, बैंक संबंधी डिटेल न दें।
रात में सोते वक्त मोबाइल पर इंटरनेट बंद करना भी ठगी से बचाता है।
फिजूल के एप डाउनलोड करने से बचें।
ठगी होते ही 1930 टोल फ्री नंबर पर कॉल करें।
सोशल मीडिया अकाउंट पर प्राइवेसी लगाकर रखें।
ठगी का पता चलते ही तत्काल cybercrime.gov.in पर भी शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
विज्ञापन
बरेली। साइबर ठगों ने टेलीग्राम पर पार्ट टाइम नौकरी का झांसा देकर महिला के साथ 7.27 लाख की ठगी कर ली। महिला ने साइबर क्राइम थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है।
पवन विहार कॉलोनी निवासी अंजलि के व्हाट्सएप पर प्रिया नाम बताकर एक युवती का मेसेज आया। प्रिया ने उन्हें पार्ट टाइम नौकरी देने का झांसा देकर टेलीग्राम पर एक लिंक भेजा। लिंक के माध्यम से अंजलि को एक वेबसाइट से जोड़ा गया। इसके बाद उसे शुरुआत में 150 से 300 रुपये तक का फायदा हुआ। मोटे मुनाफे का झांसा देकर अंजलि से कई बार में सात लाख 27 हजार रुपये ट्रांसफर करा लिए। अंजलि को ठगी का अहसास हुआ तो उसने रुपये मांगे। इसपर साइबर ठगों ने साफ मना कर दिया। इसके बाद अंजलि ने साइबर क्राइम थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है।
विज्ञापन
साइबर ठगों ने टेलीग्राम को बनाया ठगी का हथियार
साइबर ठगों ने टेलीग्राम को नया हथियार बना लिया है। आरोपी मोटे मुनाफे का झांसा देकर ठगी करते हैं। एक साल में ऐसे कई मामले सामने आए हैं, जिसमें साइबर ठगों ने टेलीग्राम का इस्तेमाल किया है। जनकपुरी के दीपक को टेलीग्राम के जरिये ग्लोबल वार्मिंग से जोड़ा गया। एक लाख 60 हजार रुपये ट्रांसफर करा लिए। शास्त्रीनगर के सनी प्रमेंद्र को भी टेलीग्राम के जरिये नौकरी का झांसा दिया गया। सनी से 40 हजार रुपये ट्रांसफर करा लिए गए। इसी तरह कैंट के एक सैनिक को पार्ट टाइम काम देने के लिए झांसा देकर टेलीग्राम पर लिंक भेजा। इस दौरान 28 लाख रुपये धीरे-धीरे ट्रांसफर करा लिए गए। अमर उजाला ब्यूरो
विज्ञापन
ये बरतें सावधानी
किसी भी अंजान व्हाट्सएप ग्रुप और टेलीग्राम चैनल से जुड़ने में सावधानी बरतें।
किसी को आधार कार्ड या पैनकार्ड न भेजें।
किसी नए लिंक पर क्लिक न करें।
किसी ऑफर या इनाम के झांसे में न आएं।
किसी को ओटीपी न बताएं, बैंक संबंधी डिटेल न दें।
रात में सोते वक्त मोबाइल पर इंटरनेट बंद करना भी ठगी से बचाता है।
फिजूल के एप डाउनलोड करने से बचें।
ठगी होते ही 1930 टोल फ्री नंबर पर कॉल करें।
सोशल मीडिया अकाउंट पर प्राइवेसी लगाकर रखें।
ठगी का पता चलते ही तत्काल cybercrime.gov.in पर भी शिकायत दर्ज करा सकते हैं।