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तीसरे दिन शारदा नहर में मिला सत्यम का शव
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सत्यम रावत (फाइल फोटो)
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धुलैंडी वाले दिन दोस्तों के साथ पिकनिक मनाने जंगल में नहर पर गया था
डूबते दोस्त को बचाने के प्रयास में हुआ हादसा
गोला गोकर्णनाथ। होली की दोपहर दोस्तों के साथ जंगल में शारदा ब्रांच नहर के किनारे पिकनिक मनाते वक्त नदी में डूबे युवक का तीसरे दिन नदी में उतराया शव मिला। पुलिस ने शव बरामद कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
होली के दिन शुक्रवार की दोपहर बजाज चीनी मिल में सेल्स विभाग के अधिकारी 35 वर्षीय सत्यम रावत अपने भाई ओपी रावत, दोस्त ऋषिकेश पांडे, गौरव सूरी, राहुल खड़का आदि के साथ पुनर्भु-अंबारा मार्ग जंगल में निकली शारदा ब्रांच नहर के किनारे मौज मस्ती करने गया था। प्रत्यक्षदर्शी दोस्तों ने बताया कि उसका दोस्त ऋषिकेश पांडे नशे के सुरूर में नहाने के इरादे से नहर के गहरे पानी में उतर गया। उसे डूबता देख सत्यम रावत ने भी नहर के तेज बहाव पानी में छलांग लगा दी। उसे बचाने के प्रयास में वह स्वयं डूब गया। दोस्त गौरव सूरी और भाई ओपी रावत ने दोनों को बचाने का प्रयास किया।
ऋषिकेश पांडे को तो सुरक्षित निकाल लिया गया, लेकिन सत्यम रावत तेज बहाव में बह गया था। हादसे के बाद तहसीलदार विनोद कुमार गुप्ता ने नहर का बहाव बंद करा दिया था। पुलिस और प्रशासन प्राइवेट तैराकों और गोताखोरों, 12 सदस्यीय पीएसी बरेली आठवीं बटालियन बाढ़ राहत दल के देवेंद्र सिंह, शहाबुद्दीन खा, अजय पटेल, मयंक धारीवाल, सुजीत कुमार, सौरभ कुमार, जतिन कुमार आदि मोटर वोट के जरिये और स्थानीय गोताखोर नहर के पानी में सत्यम रावत की तलाश में जुटे रहे।
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रविवार को नहर का जलस्तर कम होने के बाद सत्यम रावत का शव नहर में उतराया मिला, जिसे देख परिवार में कोहराम मच गया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
होली पर भाई के घर आया था सत्यम
पिता सुदर्शन रावत ने बताया कि सत्यम उनके तीन पुत्रों में सबसे छोटा है। वह लखनऊ में एक सॉफ्टवेयर कंपनी में इंजीनियर था। वहीं वह अपनी पत्नी और दो वर्षीय पुत्री के साथ रहता था। वह होली पर बजाज चीनी मिल में कार्यरत अपने भाई के घर आया था। सुदर्शन रावत भी बजाज चीनी मिल में कर्मचारी थे, जो रिटायर होने के बाद अपने पैतृक गांव देवरिया के पियासी मिश्रा में रहते हैं। उन्हें हादसे की सूचना शुक्रवार की शाम 5:00 बजे मिली थी।
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डूबते दोस्त को बचाने के प्रयास में हुआ हादसा
गोला गोकर्णनाथ। होली की दोपहर दोस्तों के साथ जंगल में शारदा ब्रांच नहर के किनारे पिकनिक मनाते वक्त नदी में डूबे युवक का तीसरे दिन नदी में उतराया शव मिला। पुलिस ने शव बरामद कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
होली के दिन शुक्रवार की दोपहर बजाज चीनी मिल में सेल्स विभाग के अधिकारी 35 वर्षीय सत्यम रावत अपने भाई ओपी रावत, दोस्त ऋषिकेश पांडे, गौरव सूरी, राहुल खड़का आदि के साथ पुनर्भु-अंबारा मार्ग जंगल में निकली शारदा ब्रांच नहर के किनारे मौज मस्ती करने गया था। प्रत्यक्षदर्शी दोस्तों ने बताया कि उसका दोस्त ऋषिकेश पांडे नशे के सुरूर में नहाने के इरादे से नहर के गहरे पानी में उतर गया। उसे डूबता देख सत्यम रावत ने भी नहर के तेज बहाव पानी में छलांग लगा दी। उसे बचाने के प्रयास में वह स्वयं डूब गया। दोस्त गौरव सूरी और भाई ओपी रावत ने दोनों को बचाने का प्रयास किया।
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ऋषिकेश पांडे को तो सुरक्षित निकाल लिया गया, लेकिन सत्यम रावत तेज बहाव में बह गया था। हादसे के बाद तहसीलदार विनोद कुमार गुप्ता ने नहर का बहाव बंद करा दिया था। पुलिस और प्रशासन प्राइवेट तैराकों और गोताखोरों, 12 सदस्यीय पीएसी बरेली आठवीं बटालियन बाढ़ राहत दल के देवेंद्र सिंह, शहाबुद्दीन खा, अजय पटेल, मयंक धारीवाल, सुजीत कुमार, सौरभ कुमार, जतिन कुमार आदि मोटर वोट के जरिये और स्थानीय गोताखोर नहर के पानी में सत्यम रावत की तलाश में जुटे रहे।
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रविवार को नहर का जलस्तर कम होने के बाद सत्यम रावत का शव नहर में उतराया मिला, जिसे देख परिवार में कोहराम मच गया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
होली पर भाई के घर आया था सत्यम
पिता सुदर्शन रावत ने बताया कि सत्यम उनके तीन पुत्रों में सबसे छोटा है। वह लखनऊ में एक सॉफ्टवेयर कंपनी में इंजीनियर था। वहीं वह अपनी पत्नी और दो वर्षीय पुत्री के साथ रहता था। वह होली पर बजाज चीनी मिल में कार्यरत अपने भाई के घर आया था। सुदर्शन रावत भी बजाज चीनी मिल में कर्मचारी थे, जो रिटायर होने के बाद अपने पैतृक गांव देवरिया के पियासी मिश्रा में रहते हैं। उन्हें हादसे की सूचना शुक्रवार की शाम 5:00 बजे मिली थी।