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भाजपा जिलाध्यक्ष के समर्थन में आए संतोष गंगवार
बरेली।
Updated Mon, 04 Dec 2017 02:15 AM IST
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केंद्संरीय मंत्री गंगवार
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नगर पालिका परिषद चुनाव की पुनर्मतगणना की मांग पर एसडीएम से विवादों में घिरे भाजपा जिलाध्यक्ष रविंद्र सिंह राठौर के समर्थन में केंद्रीय श्रम और रोजगार मंत्री संतोष गंगवार खुलकर सामने आ गए। उन्होंने रविवार शाम पांच बजे नवाबगंज पहुंचकर भाजपा कार्यकर्ताओं से पूरे विवाद का फीड बैक लिया। इसके बाद एसडीएम को थप्पड़ मारने समेत तमाम आरोपों को बेबुनियाद करार देते हुए कहा कि एसडीएम पर कथित हमले की वीडियो उन्होंने भी देखी है। उसमें जिलाध्यक्ष का एसडीएम से सामना तक नहीं हुआ है। फिर भी एसडीएम ने झूठे आरोप लगाए हैं।
केंद्रीय मंत्री संतोष गंगवार ने कहा कि एसडीएम ने भाजपा जिलाध्यक्ष पर बेबुनियाद आरोप लगाए हैं। मतगणना परिसर में राठौर का एसडीएम से सामना तक नहीं हुआ। उन्होंने वायरल वीडियो देखी है। उसमें ऐसा कुछ नहीं है। कहा, जब हार-जीत कम वोटों के अंतर से होती है तो चुनाव परिणाम पर स्थिति संवेदनशील हो जाती है। प्रशासन को पुरानी घटनाओं से सबक लेना चाहिए। पांच साल पहले जब भाजपा से रविंद्र सिंह राठौर नगर पालिका चेयरमैन पद के प्रत्याशी थे, तब भी प्रशासन ने ठीक काम नहीं किया था। प्रशासन ने इस बार चुनाव को गंभीरता से लिया होता तो इतना बड़ा विवाद नहीं होता। प्रशासन को चुनाव में निष्पक्षता बनाए रखनी थी। मतगणना वाले दिन दोपहर में दो अधिकारियों को हटाने से स्पष्ट है कि प्रशासन की नजर में भी मतगणना निष्पक्ष नहीं हुई। भाजपा के झंडे और बड़े नेताओं के पोस्टर जलाने की हरकत कुछ असामाजिक तत्वों ने की। वह भाजपा के कार्यकर्ता नहीं हैं। वह इस मामले को पार्टी के प्रदेश नेतृत्व और मुख्यमंत्री के समक्ष रखेंगे। कार्यकर्ताओं को अपमानित नहीं होने दिया जाएगा।
प्रशासन जैसी चाहे रिपोर्ट दर्ज करा ले
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि क्षेत्रीय विधायक के पार्टी प्रत्याशी को सहयोग न किए जाने की चर्चा बेबुनियाद है। उनको किसी भी कार्यकर्ता ने ऐसी बात नहीं बताई है। मतगणना के दौरान एसडीएम पर हुए हमले की बात पर कहा कि आरोप कोई भी लगा सकता है। थाना तो प्रशासन का ही है, वह जैसी भी चाहे रिपोर्ट लिखा सकता है, लेकिन उसका कोई ठोस आधार तो होना चाहिए।
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शहला को देर-सबेर जरूर मिलेगी सजा
संतोष गंगवार ने कहा कि शहला ताहिर पर तमाम मुकदमे दर्ज हैं। वह शहला को 25 साल से जानते हैं। मुकदमों में न्यायालय अपना काम करता है। आपराधिक प्रवृत्ति के लोगों को देर-सबेर सजा जरूर मिलती है। उनको भी हर हाल में सजा मिलेगी। उन्होंने कार्यकर्ताओं से अलग-अलग बात करके विवाद का पूरा फीड बैक लिया। वीडियो भी देखा। केंद्रीय मंत्री के साथ गुलशन आनंद, वीरेंद्र गंगवार वीरू, आदेश प्रताप सिंह, प्रदीप सूरी, प्रियाशंकर, विनोद गुप्ता, राममूर्ति गुप्ता आदि मौजूद थे। बाद में पूर्व पालिकाध्यक्ष राजेंद्र कुमार शुक्ला के आवास पर पहुंचकर चाय पी।
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केंद्रीय मंत्री संतोष गंगवार ने कहा कि एसडीएम ने भाजपा जिलाध्यक्ष पर बेबुनियाद आरोप लगाए हैं। मतगणना परिसर में राठौर का एसडीएम से सामना तक नहीं हुआ। उन्होंने वायरल वीडियो देखी है। उसमें ऐसा कुछ नहीं है। कहा, जब हार-जीत कम वोटों के अंतर से होती है तो चुनाव परिणाम पर स्थिति संवेदनशील हो जाती है। प्रशासन को पुरानी घटनाओं से सबक लेना चाहिए। पांच साल पहले जब भाजपा से रविंद्र सिंह राठौर नगर पालिका चेयरमैन पद के प्रत्याशी थे, तब भी प्रशासन ने ठीक काम नहीं किया था। प्रशासन ने इस बार चुनाव को गंभीरता से लिया होता तो इतना बड़ा विवाद नहीं होता। प्रशासन को चुनाव में निष्पक्षता बनाए रखनी थी। मतगणना वाले दिन दोपहर में दो अधिकारियों को हटाने से स्पष्ट है कि प्रशासन की नजर में भी मतगणना निष्पक्ष नहीं हुई। भाजपा के झंडे और बड़े नेताओं के पोस्टर जलाने की हरकत कुछ असामाजिक तत्वों ने की। वह भाजपा के कार्यकर्ता नहीं हैं। वह इस मामले को पार्टी के प्रदेश नेतृत्व और मुख्यमंत्री के समक्ष रखेंगे। कार्यकर्ताओं को अपमानित नहीं होने दिया जाएगा।
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प्रशासन जैसी चाहे रिपोर्ट दर्ज करा ले
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि क्षेत्रीय विधायक के पार्टी प्रत्याशी को सहयोग न किए जाने की चर्चा बेबुनियाद है। उनको किसी भी कार्यकर्ता ने ऐसी बात नहीं बताई है। मतगणना के दौरान एसडीएम पर हुए हमले की बात पर कहा कि आरोप कोई भी लगा सकता है। थाना तो प्रशासन का ही है, वह जैसी भी चाहे रिपोर्ट लिखा सकता है, लेकिन उसका कोई ठोस आधार तो होना चाहिए।
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शहला को देर-सबेर जरूर मिलेगी सजा
संतोष गंगवार ने कहा कि शहला ताहिर पर तमाम मुकदमे दर्ज हैं। वह शहला को 25 साल से जानते हैं। मुकदमों में न्यायालय अपना काम करता है। आपराधिक प्रवृत्ति के लोगों को देर-सबेर सजा जरूर मिलती है। उनको भी हर हाल में सजा मिलेगी। उन्होंने कार्यकर्ताओं से अलग-अलग बात करके विवाद का पूरा फीड बैक लिया। वीडियो भी देखा। केंद्रीय मंत्री के साथ गुलशन आनंद, वीरेंद्र गंगवार वीरू, आदेश प्रताप सिंह, प्रदीप सूरी, प्रियाशंकर, विनोद गुप्ता, राममूर्ति गुप्ता आदि मौजूद थे। बाद में पूर्व पालिकाध्यक्ष राजेंद्र कुमार शुक्ला के आवास पर पहुंचकर चाय पी।