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साहब! छात्राओं को कुछ हुआ तो जवाब देते नहीं बनेगा
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शाहजहांपुर। गोविंदगंज स्थित क्रिश्चियन गर्ल्स हाई स्कूल की सैकड़ों छात्राएं रोज जान हथेली पर रखकर स्कूल आती-जाती हैं। छोटी-छोटी बच्चियां गोविंदगंज में रेल ट्रैक पार करती हैं। इससे हादसे का खतरा बना रहता है। स्कूल की प्रधानाचार्या अल्पना सिंह ने इस संबंध में एसपी को पत्र लिखकर चिंता जाहिर की है। मांग की है कि गोविंदगंज क्रॉसिंग पर सुरक्षा के मद्देनजर सिपाहियों या होमगार्ड की ड्यूटी लगाई जाए। प्रशासन की ओर से अभी इस पर कोई कदम नहीं उठाया गया।
गोविंदगंज स्थित क्रिश्चियन हाई स्कूल आने-जाने वाले मुख्य रास्ते पर रेल क्रॉसिंग है। इस क्रॉसिंग पर कई हादसे हो चुके हैं। अक्सर यहां ट्रेन की चपेट में आने से लोगों की जान चली जाती है। सैकड़ों छात्राएं इसी क्रॉसिंग से स्कूल आती-जाती हैं। हालांकि क्रॉसिंग के ऊपर फ्लाईओवर है। इसकी लंबाई करीब एक किलोमीटर है। इस पर भी हैवी ट्रैफिक का दबाव रहता है। छात्राओं को स्कूल आने-जाने के लिए यह फ्लाईओवर भी सुरक्षित नहीं है। ऐसे में वह रेल क्रॉसिंग के रास्ते का इस्तेमाल करती हैं। होता यह है कि अक्सर बच्चियां क्रासिंग बंद होने पर इधर-उधर के रास्ते से ट्रैक पार करती हैं। उन्हें वहां कोई रोकने टोकने वाला नहीं होता। यहां बड़ों को देखकर भी बच्चियां ट्रैक पार करने लगती हैं। यदि वहां कोई उन्हें रोकने वाला हो तो बच्चे ऐसा न करें।
प्रधानाचार्या अल्पना सिंह का कहना है कि छात्राओं की सुरक्षा को लेकर वह चिंतित हैं। उन्होंने एसपी को खत लिखकर मांग की कि कि स्कूल आने-जाने के समय पर रेल क्रॉसिंग पर सुरक्षा के मद्देनजर सिपाही या होमगार्ड की तैनाती जरूरी है। ताकि वह ट्रेन देखकर छात्राओं को आसानी से ट्रैक पास करा सकें।
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रहते हैं।
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गोविंदगंज स्थित क्रिश्चियन हाई स्कूल आने-जाने वाले मुख्य रास्ते पर रेल क्रॉसिंग है। इस क्रॉसिंग पर कई हादसे हो चुके हैं। अक्सर यहां ट्रेन की चपेट में आने से लोगों की जान चली जाती है। सैकड़ों छात्राएं इसी क्रॉसिंग से स्कूल आती-जाती हैं। हालांकि क्रॉसिंग के ऊपर फ्लाईओवर है। इसकी लंबाई करीब एक किलोमीटर है। इस पर भी हैवी ट्रैफिक का दबाव रहता है। छात्राओं को स्कूल आने-जाने के लिए यह फ्लाईओवर भी सुरक्षित नहीं है। ऐसे में वह रेल क्रॉसिंग के रास्ते का इस्तेमाल करती हैं। होता यह है कि अक्सर बच्चियां क्रासिंग बंद होने पर इधर-उधर के रास्ते से ट्रैक पार करती हैं। उन्हें वहां कोई रोकने टोकने वाला नहीं होता। यहां बड़ों को देखकर भी बच्चियां ट्रैक पार करने लगती हैं। यदि वहां कोई उन्हें रोकने वाला हो तो बच्चे ऐसा न करें।
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प्रधानाचार्या अल्पना सिंह का कहना है कि छात्राओं की सुरक्षा को लेकर वह चिंतित हैं। उन्होंने एसपी को खत लिखकर मांग की कि कि स्कूल आने-जाने के समय पर रेल क्रॉसिंग पर सुरक्षा के मद्देनजर सिपाही या होमगार्ड की तैनाती जरूरी है। ताकि वह ट्रेन देखकर छात्राओं को आसानी से ट्रैक पास करा सकें।
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