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Bareilly News: सचिन पेशेवर अपराधी...फिर भी निगरानी में बरती लापरवाही

Sun, 25 Oct 2026 01:34 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Sun, 25 Oct 2026 01:34 AM IST
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Sachin is a habitual offender... yet there was negligence in his surveillance.
बरेली। सुभाषनगर के वंशीनगला में किराये पर रहने वाला सचिन ठाकुर पेशेवर अपराधी है। बावजूद उसकी निगरानी में पुलिसकर्मियों ने लापरवाही बरती। अभियोजन कार्यालय के स्टाफ व जीडी लेखकों ने उसकी वापसी दर्ज करके लापरवाही पर पर्दा डालने की कोशिश की। जेल में एक बंदी कम मिलने पर शोर मचा तो दो दिन बाद रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई की गई।
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न्यायालय चौकी प्रभारी सरोज कुमार की ओर से दर्ज कराई गई रिपोर्ट में बताया गया है कि सचिन सिंह ठाकुर को ले जाने व लाने की जिम्मेदारी दरोगा बिजेंद्र सिंह, हेड कांस्टेबल राजेंद्र सिंह, कुलवंत सिंह ने पर्याप्त निगरानी नहीं बरती। सेशन हवालात प्रभारी हेड कांस्टेबल सुधीर कुमार व ड्यूटी रजिस्टर प्रभारी हेड कांस्टेबल सोमदास, हवालात की निगरानी पर तैनात हेड कांस्टेबल धर्मेंद्र, कांस्टेबल इंद्रजीत और आदेश ने भी लापरवाही बरती। इन्होंने छह बंदी हवालात से एडीजे-9 कोर्ट में भेजे थे, जबकि लौटकर पांच ही आए। इसके बावजूद इन्होंने सभी छह बंदियों की वापसी जीडी में दर्ज कर ली।
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बाद में पुलिस की जांच में साफ हुआ कि कोर्ट की ओर जाते वक्त तो छह बंदी सीसी कैमरों में दिख रहे हैं, जबकि लौटते वक्त पांच ही दिखाई दे रहे हैं। बावजूद ये सभी कर्मचारी अपनी गलती छिपाने के लिए गुपचुप तरीके से सचिन को खोजते रहे। इस वजह से न तो सचिन को समय पर तस्दीक किया गया, न ही उसके फरार होने की समय से किसी को जानकारी दी। जब वाहन जेल में आरोपियों को लेकर पहुंचा तो वहां सचिन के न मिलने पर जांच शुरू की गई। इसके बाद ही पुलिस अधिकारियों को मामले की जानकारी हो सकी।
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पिता की मौत के बाद मां ने कर ली दूसरी शादी
पिता की मौत और मां के रामपुर जिले के शाहबाद में दूसरी शादी कर बस जाने की वजह से सचिन ठाकुर बचपन से ही गलत संगत में पड़ गया। सचिन के सौतेले पिता वीरेंद्र यादव ने उसे पढ़ाने की कोशिश की और शाहबाद में अपने पास रखा लेकिन वह ज्यादा नहीं पढ़ा। वह यहां वंशीनगला में किराये का कमरा लेकर रहने लगा और चोरी जैसे छोटे अपराध करने लगा। सचिन के खिलाफ इज्जतनगर, कोतवाली, किला और सुभाषनगर थानों में कुल आठ मुकदमे दर्ज हुए थे। सचिन के खिलाफ अधिकतर चोरी के मामले दर्ज हुए हैं। सीओ आशुतोष शिवम ने बताया कि लापरवाह पुलिसकर्मियों की भूमिका की जांच की जा रही है। सचिन की तलाश में उसके संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है।
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