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तो रुहेलखंड यूनिवर्सिटी ने ‘मुन्नाभाई’को टॉपर बना दिया !
ब्यूरो, अमर उजाला बरेली
Updated Sat, 23 Jul 2016 01:17 AM IST
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बिहार के माध्यमिक बोर्ड की तरह रुहेलखंड यूनिवर्सिटी का एक टापर भी सवालों के घेरे में आ गया है। मुन्नाभाई को बीएससी टॉपर बनाए जाने की शिकायत कुलाधिपति तक पहुंची तो विश्वविद्यालय प्रशासन हरकत में आया। कुलसचिव ने इस मामले में कमेटी बनाकर जांच कराने की संस्तुति कुलपति को भेज दी है। कुपति की ओर से अभी कोई आदेश जारी नहीं हुआ है।
टॉपर के बारे में शिकायत की गई है कि उसने यूनिवर्सिटी के मूल्यांकन केंद्र पर ठेकेदार के जरिए सेवक की नौकरी हासिल की और पूरे मूल्यांकन के दौरान परीक्षकों को चाय, पानी पिलाने का काम किया। इस दौरान उसने कई परीक्षकों से सांठगांठ करके अपने नंबर 80 फीसदी से भी ज्यादा करवा लिए। शिकायतकर्ता के मुताबिक, इस टॉपर ने कापी में बहुत कुछ लिखा ही नहीं है। वह जिस कालेज का छात्र रहा, उसमें उसकी नियमित उपस्थिति भी नहीं रही फिर भी उसको बीएससी की परीक्षा में बैठने की स्वीकृति दे दी गई। शिकायतकर्ता ने दावा किया है कि इस छात्र के मूल्यांकन केंद्र पर मौजूदगी की सीसीटीवी फुटेज देखी जा सकती है। दूसरा तर्क यह दिया गया है कि अगर यह टॉपर मेधावी होता तो उसको प्रयोगात्मक परीक्षा में भी लिखित परीक्षा जैसे अच्छे अंक मिलने चाहिए थे लेकिन प्रयोगात्मक परीक्षा में उसके नंबर 50 में से 19 ही हैं। शिकायतकर्ता का अरोप है कि मूल्यांकन केंद्र पर रहने के दौरान टॉपर ने न सिर्फ अपने नंबर बढ़वाए बल्कि अपने एक रिश्तेदार और मित्र के भी अच्छे नंबर बढ़वा लिए। ये शिकायत कुलसचिव े के अलावा कुलाधिपति को भी भेजी गई है। कुलसचिव ने कुलपति के लिए जांच की संस्तुति भेज दी है।
शिकायत की जांच के लिए कुलपति को कमेटी बनाने की संस्तुति कर दी है। कमेटी प्रत्येक बिंदु पर इस मामले की जांच करेगी। अगर शिकायत सही पाई गई तो संबंधित के विरुद्ध निश्चित कड़ी कार्रवाई होगी। इस मामले को गंभीरता से लिया जा रहा है।
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-डॉ. साहिब लाल मौर्य, कुलसचिव
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टॉपर के बारे में शिकायत की गई है कि उसने यूनिवर्सिटी के मूल्यांकन केंद्र पर ठेकेदार के जरिए सेवक की नौकरी हासिल की और पूरे मूल्यांकन के दौरान परीक्षकों को चाय, पानी पिलाने का काम किया। इस दौरान उसने कई परीक्षकों से सांठगांठ करके अपने नंबर 80 फीसदी से भी ज्यादा करवा लिए। शिकायतकर्ता के मुताबिक, इस टॉपर ने कापी में बहुत कुछ लिखा ही नहीं है। वह जिस कालेज का छात्र रहा, उसमें उसकी नियमित उपस्थिति भी नहीं रही फिर भी उसको बीएससी की परीक्षा में बैठने की स्वीकृति दे दी गई। शिकायतकर्ता ने दावा किया है कि इस छात्र के मूल्यांकन केंद्र पर मौजूदगी की सीसीटीवी फुटेज देखी जा सकती है। दूसरा तर्क यह दिया गया है कि अगर यह टॉपर मेधावी होता तो उसको प्रयोगात्मक परीक्षा में भी लिखित परीक्षा जैसे अच्छे अंक मिलने चाहिए थे लेकिन प्रयोगात्मक परीक्षा में उसके नंबर 50 में से 19 ही हैं। शिकायतकर्ता का अरोप है कि मूल्यांकन केंद्र पर रहने के दौरान टॉपर ने न सिर्फ अपने नंबर बढ़वाए बल्कि अपने एक रिश्तेदार और मित्र के भी अच्छे नंबर बढ़वा लिए। ये शिकायत कुलसचिव े के अलावा कुलाधिपति को भी भेजी गई है। कुलसचिव ने कुलपति के लिए जांच की संस्तुति भेज दी है।
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शिकायत की जांच के लिए कुलपति को कमेटी बनाने की संस्तुति कर दी है। कमेटी प्रत्येक बिंदु पर इस मामले की जांच करेगी। अगर शिकायत सही पाई गई तो संबंधित के विरुद्ध निश्चित कड़ी कार्रवाई होगी। इस मामले को गंभीरता से लिया जा रहा है।
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-डॉ. साहिब लाल मौर्य, कुलसचिव