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पीएफ भुगतान मांग रहे रबर फैक्ट्री वाले
ब्ययूराो, अमर उजाला बरेली।
Updated Sat, 07 May 2016 01:47 AM IST
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रबर फैक्ट्री फतेहगंज के कर्मचारियों ने भविष्य निधि कार्यालय में जमा अपने आठ महीने के पैसे के भुगतान की मांग फिर तेज की है। इसके लिए वह दिल्ली जाकर केंद्रीय श्रम मंत्री से मिले। इस सिलसिले में केंद्रीय कपड़ा राज्य मंत्री संतोष गंगवार ने भी पीएफ कमिश्नर से बात की। शुक्रवार के रबर फैक्ट्री के कर्मचारियों ने भारत सेवा ट्रस्ट पर सभा की। कर्मचारियों ने कहा कि उनके खून-पसीने की कमाई का पैसा पीएफ के रूप में जमा है इसलिए उसको लेकर रहेंगे।
रबर फैक्ट्री कर्मचारी संघ के नेता अनिल गुप्ता ने बताया कि पीएफ कार्यालय वाले नियोक्ता की ओर से भुगतान के लिए डिमांड लाने का नियम बता रहे हैं लेकिन यह संभव नहीं है। चूंकि फैक्ट्री बंद होने से पहले मार्च 1998 से लेकर अक्टूबर 1998 तक के पीएफ भुगतान के लिए कारखाना प्रबंधक की ओर से निर्धारित प्रपत्र पर आवेदन किया गया था, उसको अंतिम डिमांड लेटर मानकर पीएफ कमिश्नर को भुगतान कर देना चाहिए। यही मांग रखी जाएगी। इसके लिए कर्मचारी पीएफ कमिश्नर से मिलेंगे। सभा में सतीश सक्सेना, चंद्रसेन सागर, अशोक मिश्रा, पुत्तन, रामप्रकाश सक्सेना, हजारी लाल आदि ने भी विचार रखे।
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रबर फैक्ट्री कर्मचारी संघ के नेता अनिल गुप्ता ने बताया कि पीएफ कार्यालय वाले नियोक्ता की ओर से भुगतान के लिए डिमांड लाने का नियम बता रहे हैं लेकिन यह संभव नहीं है। चूंकि फैक्ट्री बंद होने से पहले मार्च 1998 से लेकर अक्टूबर 1998 तक के पीएफ भुगतान के लिए कारखाना प्रबंधक की ओर से निर्धारित प्रपत्र पर आवेदन किया गया था, उसको अंतिम डिमांड लेटर मानकर पीएफ कमिश्नर को भुगतान कर देना चाहिए। यही मांग रखी जाएगी। इसके लिए कर्मचारी पीएफ कमिश्नर से मिलेंगे। सभा में सतीश सक्सेना, चंद्रसेन सागर, अशोक मिश्रा, पुत्तन, रामप्रकाश सक्सेना, हजारी लाल आदि ने भी विचार रखे।
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