{"_id":"699626c25eecbe6f42086a6e","slug":"rte-2714-children-got-seats-in-private-schools-in-the-first-phase-bareilly-news-c-4-vns1074-829324-2026-02-19","type":"story","status":"publish","title_hn":"आरटीई : पहले चरण में 2,714 बच्चों को निजी स्कूलों में मिली सीटें","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आरटीई : पहले चरण में 2,714 बच्चों को निजी स्कूलों में मिली सीटें
Thu, 19 Feb 2026 02:23 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
Updated Thu, 19 Feb 2026 02:23 AM IST
विज्ञापन
विज्ञापन
डीएम की उपस्थिति में ऑनलाइन माध्यम से निकाली गई लॉटरी
बरेली। शिक्षा के अधिकार अधिनियम (आरटीई) के तहत बुधवार को पहले चरण की लॉटरी प्रक्रिया संपन्न हुई। जिलाधिकारी अविनाश सिंह की उपस्थिति में ऑनलाइन माध्यम से लॉटरी निकाली गई। पहले चरण में 2,714 बच्चों को निजी स्कूलों में सीटें मिली हैं।
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) डॉ. विनीता ने बताया कि प्रथम चरण के लिए विभाग को कुल 6,580 आवेदन प्राप्त हुए थे। 1,266 आवेदनों को दस्तावेजों में खामियों के चलते निरस्त कर दिया गया। सत्यापित किए गए 5,314 आवेदकों में से भाग्यशाली 2,714 बच्चों को निजी स्कूलों की 25 प्रतिशत आरक्षित सीटों पर प्रवेश के लिए चुना गया है।
सीटों की सीमित संख्या होने के कारण 2,600 बच्चों को इस चरण में कोई विद्यालय आवंटित नहीं हो सका। बीएसए ने कहा कि यदि कोई भी स्कूल शासन के आदेशों की अवहेलना करता है या किसी बच्चे का दाखिला लेने से इन्कार करता है, तो उसके खिलाफ कार्रवाई होगी।
विज्ञापन
बरेली। शिक्षा के अधिकार अधिनियम (आरटीई) के तहत बुधवार को पहले चरण की लॉटरी प्रक्रिया संपन्न हुई। जिलाधिकारी अविनाश सिंह की उपस्थिति में ऑनलाइन माध्यम से लॉटरी निकाली गई। पहले चरण में 2,714 बच्चों को निजी स्कूलों में सीटें मिली हैं।
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) डॉ. विनीता ने बताया कि प्रथम चरण के लिए विभाग को कुल 6,580 आवेदन प्राप्त हुए थे। 1,266 आवेदनों को दस्तावेजों में खामियों के चलते निरस्त कर दिया गया। सत्यापित किए गए 5,314 आवेदकों में से भाग्यशाली 2,714 बच्चों को निजी स्कूलों की 25 प्रतिशत आरक्षित सीटों पर प्रवेश के लिए चुना गया है।
विज्ञापन
सीटों की सीमित संख्या होने के कारण 2,600 बच्चों को इस चरण में कोई विद्यालय आवंटित नहीं हो सका। बीएसए ने कहा कि यदि कोई भी स्कूल शासन के आदेशों की अवहेलना करता है या किसी बच्चे का दाखिला लेने से इन्कार करता है, तो उसके खिलाफ कार्रवाई होगी।
विज्ञापन