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रुहेलखंड विश्वविद्यालय: ग्रेपलिंग प्रतियोगिता में चूके मेहमान, दूसरे दिन 13 स्वर्ण जीतकर छा गए मेजबान

Wed, 19 Feb 2025 06:18 PM IST
मुकेश कुमार संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली Published by: मुकेश कुमार Updated Wed, 19 Feb 2025 06:18 PM IST
सार

महात्मा ज्योतिबा फुले रुहेलखंड विश्वविद्यालय बरेली के स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में चल रही अखिल भारतीय अंतर विश्वविद्यालयीय ग्रेपलिंग प्रतियोगिता के दूसरे दिन बुधवार को पुरुष वर्ग में नो गी श्रेणी में मुकाबले खेले गए। दूसरे दिन भी रुहेलखंड विश्वविद्यालय के खिलाड़ियों का दबदबा कायम रहा।

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Rohilkhand University players won five gold medals in Grappling competition on second day
ग्रेपलिंग प्रतियोगिता के दूसरे दिन हुए कई मुकाबले - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

महात्मा ज्योतिबा फुले रुहेलखंड विश्वविद्यालय बरेली के स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में चल रही अखिल भारतीय अंतर विश्वविद्यालयीय ग्रेपलिंग प्रतियोगिता के दूसरे दिन कई मुकाबले खेले गए। दूसरे दिन भी रुविवि के खिलाड़ियों का दबदबा कायम रहा।  अंडर-46 किलो भारवर्ग में रुविवि के धमेंद्र ने स्वर्ण, डॉ. भीमराव अंबेडकर विवि आगरा के प्रशांत ने रजत, लैमरिन टेक स्किल्स यूनिवर्सिटी पंजाब के नरेंद्र और स्वर्णिम गुजरात खेल विश्वविद्यालय के क्रीनाल ने कांस्य पदक जीते। 

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पुरुष वर्ग में मेजबान टीम के खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन कर अंक तालिका में प्रथम स्थान हासिल किया है। खिलाड़ियों ने 13 स्वर्ण, छह रजत और दो कांस्य पदक हासिल कर यह उपलब्धि प्राप्त की है। देश भगत विवि पंजाब ने चार स्वर्ण, पांच रजत और दो कांस्य पदक हासिल कर अंक तालिका में दूसरा स्थान हासिल किया है। 
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स्पोर्ट्स विवि हरियाणा ने प्रतियोगिता में सात पदक जीतकर तीसरा स्थान पाया। 50 किलो में रुविवि के उपेंद्र कुमार को स्वर्ण, वीबीएस पूर्वांचल विवि जौनपुर के ज्ञानेंद्र कुमार को रजत, यूनिवर्सिटी स्पोर्ट्स बोर्ड पाहेर यूनिवर्सिटी उदयपुर के चेतन और देश भगत विवि पंजाब के विक्रम को कांस्य पदक हासिल हुआ। 
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58 किलो में रुविवि के दीक्षांत ने स्वर्ण, देश भगत विश्वविद्यालय पंजाब के अंकुर ने रजत, यूनिवर्सिटी ऑफ कोटा के राजेंद्र कुमार और भगवंत यूनिवर्सिटी अजमेर के अशोक ने कांस्य पदक जीता। 66 किलो में रुविवि के लक्ष्मीकांत को स्वर्ण, देश भगत यूनिवर्सिटी के अजीत चौधरी को रजत, यूनिवर्सिटी ऑफ जम्मू के आजाद अली और कालीकट के इंजोय जोयसन को कांस्य पदक मिला। 

70 किलो में रुविवि के अभी ने स्वर्ण, स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी ऑफ सोनीपत के विकास ने रजत और डॉ. केएन मोदी यूनिवर्सिटी राजस्थान के राजेश और क्लस्टर यूनिवर्सिटी जम्मू के इमरान ने कांस्य पदक अपने नाम किया। 54 किलो भारवर्ग में राजू श्रॉफ आरओईएएल विवि वापी गुजरात के लवलेश ने स्वर्ण, रुविवि के नर्पत कुमार ने रजत पदक हासिल किया। 

62 किलो में डॉ. भीमराव अंबेडकर विवि आगरा के धर्मवीर को स्वर्ण, डीएवी विवि जलंधर के निशांत को रजत पदक मिला। 74 किलो में स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी ऑफ सोनीपत हरियाणा के अजय दहिया ने स्वर्ण, रुविवि के जतिन सिंह ने कांस्य जीता। 

78 किलो में जयपुर के राजभंवर को स्वर्ण, स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी के गुरमीत सिंह को रजत, रुविवि के बादल को कांस्य पदक मिला। 82 किलो में जम्मू के गौरव को 
स्वर्ण पदक, देश भगत यूनिवर्सिटी के विनय को रजत और मां शाकुम्भरी विवि सहारनपुर के संगम को कांस्य पदक मिला। 

परिश्रम से लिखी कामयाबी की स्वर्णिम इबारत
रुविवि के खिलाड़ी शिवम दिवाकर ने 46 किलो भारवर्ग ग्रेपलिंग प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीतकर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। शिवम के पिता पहलवान थे। उनसे प्रेरणा लेकर उन्होंने कुश्ती में कदम रखा। कोच ने जब शिवम के दांव-पेंच और तकनीकी कौशल को परखा, तो उन्हें ग्रेपलिंग आजमाने की सलाह दी। 

ऐसे ही विजयवीर यादव ने सेम्बो और जूडो में अपनी प्रतिभा साबित की और ग्रेपलिंग में पदक जीता है। उन्होंने दो खेलों में ख्याति अर्जित करने के बाद ग्रेपलिंग में हाथ आजमाया। लगातार मेहनत और समर्पण के बल पर विजयवीर ने ग्रेपलिंग की 54 किलो भारवर्ग में स्वर्ण पदक जीता है।
 

खेतों में अभ्यास कर ग्रेपलिंग में हासिल कर रहे ख्याति  
दो भाई दीक्षांत और दिग्विजय चौधरी ने अपने पिता को पहलवानी करते देखा तो कुश्ती लड़ने लगे। उन्होंने खेतों में ही अभ्यास शुरू कर दिया। नियमित मेहनत और लगन के चलते उनकी कुश्ती में पकड़ मजबूत होती गई। स्टेडियम में प्रशिक्षण के दौरान उनके कोच ने उन्हें ग्रेपलिंग से अवगत कराया और इस खेल को अपनाने की सलाह दी। दोनों भाइयों ने इसे गंभीरता से लिया और नए दांव-पेंच सीखने में कोई कसर नहीं छोड़ी। कड़ी मेहनत और तकनीकी सुधार के दम पर दोनों भाइयों ने रुविवि में हो रही अपनी पहली ही ग्रेपलिंग प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीतकर उपलब्धि हासिल की।

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