{"_id":"5797b6914f1c1b327d21ec13","slug":"roadways-bus-contracts-in-the-name-of-the-game","type":"story","status":"publish","title_hn":"रोडवेज में बस अनुबंधन के नाम पर खेल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
रोडवेज में बस अनुबंधन के नाम पर खेल
ब्ययूराो, अमर उजाला बरेली।
Updated Wed, 27 Jul 2016 12:44 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
परिवहन निगम ने बेहतर यात्री सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए विभिन्न योजनाएं शुरू की हैं। इसके तहत बस बेड़ा सुधार प्रक्रिया में सभी डिपो में प्राइवेट बसें लगाई जा रही हैं। बरेली क्षेत्र में 140 निजी बसें अनुबंधित होनी हैं। स्थानीय अफसरों ने इसमें भी खेल शुरू कर दिया है। आरोप है बस लगाने के नाम पर 25 हजार रुपये की वसूली हो रही है। मामला जब ऊपर पहुंचा तो स्थानीय प्रबंधन ने आननफानन दो दर्जन पत्र जारी कर दिये।
पिछले माह निगम मुख्यालय ने सभी डिपो में निजी एसी और सामान्य बसें लगाने की सहमति दी थी। बरेली क्षेत्र में 140 बसें लगाने की अनुमति मिली है। क्षेत्रीय प्रबंधक कार्यालय ने इसके लिए प्राइवेट आपरेटरों से 17 जुलाई तक आवेदन मांगे। करीब 40 आवेदन आए इनसे अनुबंधन इसी माह किया जाना था। क्षेत्रीय कार्यालय ने सही मिले प्रस्तावों के एलआईओ यानी अनुबंधन तैयार कर दिए। आरोप है कि जब आपरेटरों ने लेटर मांगे तो उनसे 25 हजार रुपये प्रति बस मांगे गए। इससे गुस्साए आवेदकों ने लिखित शिकायत प्रबंध निदेशक से की। इस पर मुख्यालय ने नाराजगी जतायी तो मंगलवार सुबह कार्यालय खुलते ही संबंधित आपरेटर बुलाए गए और दो दर्जन लेटर सौंप दिए, बाकी अनुबंधन पत्र अभी दबा लिए हैं। इस मामले में क्षेत्रीय प्रबंधक प्रभाकर मिश्र से संपर्क किया गया तो फोन रिसीव नहीं हुआ।
दो माह से विवादों में रोडवेज प्रबंधन
दो माह से रोडवेज प्रबंधन किसी ना किसी विवाद में फंस रहा है। वर्कशाप में जुगाड़ से बना कंप्रेशर फटने पर सेवा प्रबंधक आरबीएल शर्मा और सीनियर फोरमैन राजीव शर्मा सस्पेंड हुए। कुछ दिनों बाद ही संविदा परिचालक मेरिट सूची में हेराफेरी हो गयी। जांच प्रबंध निदेशक ने शुरू करायी और पूरी प्रक्रिया रद करा दी। अब निजी बसें अनुबंध करने के नाम पर वसूली होने लगी है।
विज्ञापन
विज्ञापन
पिछले माह निगम मुख्यालय ने सभी डिपो में निजी एसी और सामान्य बसें लगाने की सहमति दी थी। बरेली क्षेत्र में 140 बसें लगाने की अनुमति मिली है। क्षेत्रीय प्रबंधक कार्यालय ने इसके लिए प्राइवेट आपरेटरों से 17 जुलाई तक आवेदन मांगे। करीब 40 आवेदन आए इनसे अनुबंधन इसी माह किया जाना था। क्षेत्रीय कार्यालय ने सही मिले प्रस्तावों के एलआईओ यानी अनुबंधन तैयार कर दिए। आरोप है कि जब आपरेटरों ने लेटर मांगे तो उनसे 25 हजार रुपये प्रति बस मांगे गए। इससे गुस्साए आवेदकों ने लिखित शिकायत प्रबंध निदेशक से की। इस पर मुख्यालय ने नाराजगी जतायी तो मंगलवार सुबह कार्यालय खुलते ही संबंधित आपरेटर बुलाए गए और दो दर्जन लेटर सौंप दिए, बाकी अनुबंधन पत्र अभी दबा लिए हैं। इस मामले में क्षेत्रीय प्रबंधक प्रभाकर मिश्र से संपर्क किया गया तो फोन रिसीव नहीं हुआ।
विज्ञापन
दो माह से विवादों में रोडवेज प्रबंधन
दो माह से रोडवेज प्रबंधन किसी ना किसी विवाद में फंस रहा है। वर्कशाप में जुगाड़ से बना कंप्रेशर फटने पर सेवा प्रबंधक आरबीएल शर्मा और सीनियर फोरमैन राजीव शर्मा सस्पेंड हुए। कुछ दिनों बाद ही संविदा परिचालक मेरिट सूची में हेराफेरी हो गयी। जांच प्रबंध निदेशक ने शुरू करायी और पूरी प्रक्रिया रद करा दी। अब निजी बसें अनुबंध करने के नाम पर वसूली होने लगी है।
विज्ञापन