UP: भारतीय सेना के 28 राइडर्स ने जनरल जोरावर सिंह के सम्मान में निकाली बाइक रैली, देश प्रेम का देंगे संदेश
बरेली से जनरल जोरावर सिंह के सम्मान में ‘जोरावर ट्रेल’ नाम से बाइक रैली को निकाली गई। कुमाऊं के दुर्गम क्षेत्रों से गुजरकर बाइक रैली पराक्रम का परिचय देगी। इसका समापन उत्तराखंड के पिथौरागढ़ में होगा।
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बरेली में महान डोगरा सेनानायक जनरल जोरावर सिंह (भारत के नेपोलियन) को श्रद्धांजलि स्वरूप रविवार को उत्तर भारत एरिया के राइडर्स ने जोरावर ट्रेल बाइक रैली निकाली। 28 सदस्यीय टीम आठ दिन कुमाऊं के विभिन्न धर्मस्थलों, सांस्कृतिक रूप से समृद्ध क्षेत्रों का भ्रमण कर देश प्रेम का संदेश देगी। बाइक रैली का वर्चुअल शुभारंभ यूबी एरिया के जीओसी लेफ्टिनेंट जनरल डीजी मिश्रा (एवीएसएम) ने किया। रैली में भारतीय सेना के 24 पुरुष, और चार महिला राइडर्स समेत स्वयंसेवी राइडर्स भी शामिल हैं।
सैन्य अफसरों के मुताबिक, पंचशूल ब्रिगेड के तत्वावधान में आयोजित रैली वीरता की भावना दर्शाते हुए जोरावर सिंह की विरासत से जुड़े ऐतिहासिक और सांस्कृतिक स्थलों समेत दुर्गम इलाकों से गुजरेगी। योद्धाओं की विजय और सशस्त्र सेना के साहस का प्रदर्शन भी होगा। छह जून को उत्तराखंड के पिथौरागढ़ में संगीत समारोह के जरिये रैली का विश्राम होगा।
रैली गुरुद्वारा नानकमत्ता साहिब, काली माता मंदिर, ओम पर्वत, आदि कैलाश, पार्वती कुंड, पंचचूली पर्वत शृंखला की तलहटी के गांव दुग्तू का दौरा करेगी। इस दौरान पूर्व सैनिकों से मुलाकात कर उन्हें सम्मानित करने के साथ ही पेंशन व अन्य समस्याओं के समाधान का प्रयास करेंगे।
जोरावर सिंह ने बनाया डोगरा राज्य को महान साम्राज्य
जनरल जोरावर सिंह का जन्म हिमाचल प्रदेश के कहलूर रियासत के चंदेल राजपूत परिवार में हुआ था। डोगरा सेना के जनरल के रूप में उन्होंने वर्ष 1834 में लद्दाख, 1840 में बाल्टिस्तान और 1841 में तिब्बत पर विजय हासिल की थी। इससे व्यापारिक मार्गों की सुरक्षा सुनिश्चित हुई और क्षेत्र में आर्थिक स्थिरता आई। वह वर्ष 1841 में तिब्बत में तकलाकोट युद्ध में शहीद हुए थे। उनके सैन्य नेतृत्व और प्रशासनिक क्षमताओं से डोगरा राज्य महान साम्राज्य बना।