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नेशनल हाईवे हो या गलियों का निर्माण
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बरेली। विधानसभा चुनाव की आहट के बीच जिले के जनप्रतिनिधि अफसरों पर आक्रामक दिखने लगे हैं। शनिवार को विकास भवन सभागार में हुई जिला विकास समन्वय और निगरानी समिति (दिशा) की बैठक में जनप्रतिनिधि अफसरों पर विकास परियोजनाओं में लापरवाही का आरोप लगाते हुए जमकर भड़के। बरेली-सीतापुर और बरेली-सितारगंज हाईवे से लेकर ग्रामीण इलाकों तक की सड़कों के निर्माण की धीमी रफ्तार के लिए अफसरों को जिम्मेदार बताया। बाढ़ और बारिश से बर्बाद किसानों के साथ मुआवजे के नाम पर खिलवाड़ करने पर जिला कृषि अधिकारी को भी खरीखोटी सुनाई।
जनप्रतिनिधि बैठक में शुरू से ही हमलावर रहे। समाज कल्याण, भूमि संरक्षण और कौशल विकास मिशन पर अफसरों से काफी सवाल-जवाब हुए। सबसे ज्यादा नाराजगी एनएचएआई के कामों पर जताई गई। विधायकों ने बरेली-सीतापुर और बरेली-सितारगंज हाईवे के निर्माण में लेटलतीफी पर एनएचएआई अफसरों से जवाब मांगा तो वे कोई ठोस कारण नहीं बता पाए। अफसरों ने बताया कि कोरोना संक्रमण के कारण काम की रफ्तार मंद पड़ी है। ने कहा कि लॉकडाउन खत्म हुए लंबा समय बीत चुका है मगर काम की रफ्तार अब तक नहीं बढ़ी है। धीमी गति से निर्माण कार्यों की वजह से हर रोज हजारों लोग परेशानी उठा रहे हैं।
हुलासनगरा क्रॉसिंग पर जाम की समस्या पर पूछे गए सवाल पर अफसरों ने बताया कि निर्माणाधीन ओवरब्रिज के नए गार्डर अगले महीने तक आ जाएंगे। पीलीभीत मार्ग पर कलापुर पुलिया का निर्माण भी इसी महीने पूरा करने की बात कही। विधायकों ने प्रधानमंत्री आवास योजना की धीमी प्रगति पर भी अफसरों से जवाब मांगा। इस योजना में काम करने वाले मजदूरों को मजदूरी न मिलने का मुद्दा भी उठा। डीएम ने महिला स्वयं सहायता समूहों का सम्मेलन कराने को कहा ताकि आम लोगों को उनके काम की जानकारी हो सके। बैठक में ब्लॉक स्तर पर बन रहे खेल मैदान, गौवंश आश्रय स्थल, मनरेगा कार्य दिवस, राशन की दुकानों के प्रस्ताव पर भी चर्चा हुई।
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जिले भर के किसान बर्बाद, मुआवजा सिर्फ 336 को
बैठक में बाढ़ और बारिश से बर्बाद किसानों के साथ मुआवजे के नाम पर हुए खिलवाड़ का मुद्दा भी उठा। बैठक में जिला कृषि अधिकारी धीरेंद्र सिंह चौधरी के प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का ब्योरा पेश करते ही विधायक भड़क गए। विधायकों ने पूछा कि अतिवृष्टि से इस साल हजारों किसान बर्बाद हुए, इसके बावजूद मुआवजा सिर्फ 336 को ही क्यों मिला है। जिला कृषि अधिकारी ने बताया फसल बीमा योजना में इस बार जलभराव से हुए नुकसान पर मुआवजा देने का प्रावधान नहीं था। इस वजह से ज्यादातर किसान पात्रता सूची से बाहर हो गए। डीएम ने इस पर शासन को पत्र लिखने के निर्देश दिए।
मुगालते में न रहें अफसर
फिर आएगी हमारी सरकार
विधायकों ने आरोप लगाया कि विधानसभा चुनाव से पहले विकास परियोजनाओं की रफ्तार कम हो गई है। उन्होंने इस पर अफसरों को घेरते हुए कहा कि अफसर किसी मुगालते में न रहें। हमारी पार्टी फिर सरकार में आ रही है। सभी परियोजनाओं पर तेजी से काम कराया जाए।
सरकार पैसा दे रही है, अफसर
चोरी करा दे रहे हैं उपकरण
बैठक में परिषदीय विद्यालयों में स्मार्ट क्लास की बदहाली का मुद्दा उठा तो जिला पंचायत अध्यक्ष रश्मि पटेल ने कहा कि सरकार हर महीने स्मार्ट क्लास के लिए लाखों रुपये दे रही है मगर अफसरों की लापरवाही से यह योजना आगे नहीं बढ़ रही। लापरवाही इस कदर है कि स्मार्ट क्लास के पंखे तक चोरी हो रहे हैं। डीएम ने बीएसए को इस पर कार्रवाई करने को कहा।
ये कैसा स्वच्छ भारत, शौचालय में भर दिए उपले
स्वच्छ भारत मिशन के नाम पर किए जा रहे फर्जीवाड़े का मामला भी उठा। विधायक डीसी वर्मा ने कहा कि गांव-गांव बनाए गए शौचालय प्रयोग में नहीं आ रहे हैं। कई लोग व्यक्तिगत शौचालय का उपयोग उपले और लकड़ियां भरने में कर रहे हैं। सामुदायिक शौचालयों के भी ताले नहीं खोले जा रहे जबकि हर महीने इनके संचालन के नाम पर लाखों रुपये समूहों को दिए जा रहे हैं। इस दौरान डीपीआरओ को जल्द स्थिति सुधारने के निर्देश दिए गए।
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जनप्रतिनिधि बैठक में शुरू से ही हमलावर रहे। समाज कल्याण, भूमि संरक्षण और कौशल विकास मिशन पर अफसरों से काफी सवाल-जवाब हुए। सबसे ज्यादा नाराजगी एनएचएआई के कामों पर जताई गई। विधायकों ने बरेली-सीतापुर और बरेली-सितारगंज हाईवे के निर्माण में लेटलतीफी पर एनएचएआई अफसरों से जवाब मांगा तो वे कोई ठोस कारण नहीं बता पाए। अफसरों ने बताया कि कोरोना संक्रमण के कारण काम की रफ्तार मंद पड़ी है। ने कहा कि लॉकडाउन खत्म हुए लंबा समय बीत चुका है मगर काम की रफ्तार अब तक नहीं बढ़ी है। धीमी गति से निर्माण कार्यों की वजह से हर रोज हजारों लोग परेशानी उठा रहे हैं।
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हुलासनगरा क्रॉसिंग पर जाम की समस्या पर पूछे गए सवाल पर अफसरों ने बताया कि निर्माणाधीन ओवरब्रिज के नए गार्डर अगले महीने तक आ जाएंगे। पीलीभीत मार्ग पर कलापुर पुलिया का निर्माण भी इसी महीने पूरा करने की बात कही। विधायकों ने प्रधानमंत्री आवास योजना की धीमी प्रगति पर भी अफसरों से जवाब मांगा। इस योजना में काम करने वाले मजदूरों को मजदूरी न मिलने का मुद्दा भी उठा। डीएम ने महिला स्वयं सहायता समूहों का सम्मेलन कराने को कहा ताकि आम लोगों को उनके काम की जानकारी हो सके। बैठक में ब्लॉक स्तर पर बन रहे खेल मैदान, गौवंश आश्रय स्थल, मनरेगा कार्य दिवस, राशन की दुकानों के प्रस्ताव पर भी चर्चा हुई।
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जिले भर के किसान बर्बाद, मुआवजा सिर्फ 336 को
बैठक में बाढ़ और बारिश से बर्बाद किसानों के साथ मुआवजे के नाम पर हुए खिलवाड़ का मुद्दा भी उठा। बैठक में जिला कृषि अधिकारी धीरेंद्र सिंह चौधरी के प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का ब्योरा पेश करते ही विधायक भड़क गए। विधायकों ने पूछा कि अतिवृष्टि से इस साल हजारों किसान बर्बाद हुए, इसके बावजूद मुआवजा सिर्फ 336 को ही क्यों मिला है। जिला कृषि अधिकारी ने बताया फसल बीमा योजना में इस बार जलभराव से हुए नुकसान पर मुआवजा देने का प्रावधान नहीं था। इस वजह से ज्यादातर किसान पात्रता सूची से बाहर हो गए। डीएम ने इस पर शासन को पत्र लिखने के निर्देश दिए।
मुगालते में न रहें अफसर
फिर आएगी हमारी सरकार
विधायकों ने आरोप लगाया कि विधानसभा चुनाव से पहले विकास परियोजनाओं की रफ्तार कम हो गई है। उन्होंने इस पर अफसरों को घेरते हुए कहा कि अफसर किसी मुगालते में न रहें। हमारी पार्टी फिर सरकार में आ रही है। सभी परियोजनाओं पर तेजी से काम कराया जाए।
सरकार पैसा दे रही है, अफसर
चोरी करा दे रहे हैं उपकरण
बैठक में परिषदीय विद्यालयों में स्मार्ट क्लास की बदहाली का मुद्दा उठा तो जिला पंचायत अध्यक्ष रश्मि पटेल ने कहा कि सरकार हर महीने स्मार्ट क्लास के लिए लाखों रुपये दे रही है मगर अफसरों की लापरवाही से यह योजना आगे नहीं बढ़ रही। लापरवाही इस कदर है कि स्मार्ट क्लास के पंखे तक चोरी हो रहे हैं। डीएम ने बीएसए को इस पर कार्रवाई करने को कहा।
ये कैसा स्वच्छ भारत, शौचालय में भर दिए उपले
स्वच्छ भारत मिशन के नाम पर किए जा रहे फर्जीवाड़े का मामला भी उठा। विधायक डीसी वर्मा ने कहा कि गांव-गांव बनाए गए शौचालय प्रयोग में नहीं आ रहे हैं। कई लोग व्यक्तिगत शौचालय का उपयोग उपले और लकड़ियां भरने में कर रहे हैं। सामुदायिक शौचालयों के भी ताले नहीं खोले जा रहे जबकि हर महीने इनके संचालन के नाम पर लाखों रुपये समूहों को दिए जा रहे हैं। इस दौरान डीपीआरओ को जल्द स्थिति सुधारने के निर्देश दिए गए।