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Bareilly News: कमजोर विद्यार्थियों के लिए उपचारात्मक शिक्षण कार्यक्रम शुरू
Fri, 25 Jul 2025 11:35 PM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
Updated Fri, 25 Jul 2025 11:35 PM IST
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लखीमपुर खीरी। राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में अध्ययनरत कक्षा नौ व 11 के विद्यार्थियों के लिए उपचारात्मक शिक्षण कार्यक्रम शुरू हो गया। प्रशिक्षण कार्यक्रम 30 सितंबर तक चलेगा। इसमें उक्त कक्षाओं के विज्ञान वर्ग के विद्यार्थियों को शामिल किया जाएगा।
उपचारात्मक शिक्षण के जरिये विद्यार्थियों के लिए अतिरिक्त गतिविधियों जैसे समूह चर्चा, प्रश्नोत्तर सत्र, इंटरएक्शन, मॉडल उत्तर लेखन और अवधारणात्मक समझ पर जोर दिया जाएगा। डीआईओएस विनोद कुमार मिश्रा ने बताया कि पहले चरण में राजकीय विद्यालयों को शामिल किया जाएगा। संचालित होने वाले 54 विद्यालयों के करीब 1290 छात्र-छात्राओं को प्रशिक्षण के लिए चिह्नित किया गया है। इनको विशेष रूप से पढ़ाने, समझाने और उनकी कमजोरियों पर काम करने के लिए शिक्षकों को प्रशिक्षित किया गया है।
बताया कि तीन चरणों में छात्रों की पहचान की जाएगी। इसको लेकर प्री टेस्ट, मिड टेस्ट, और पोस्ट टेस्ट कराया जाएगा। प्री टेस्ट के आधार पर छात्रों का चयन किया गया है। वहीं मिड टेस्ट के जरिये उनकी प्रगति का मूल्यांकन किया जाएगा और पोस्ट टेस्ट से यह परखा जाएगा कि छात्रों ने कितनी हद तक सीखने के लक्ष्यों की प्राप्ति की है। डीआईओएस ने राजकीय विद्यालयों के प्रधानाचार्यों को निगरानी के निर्देश दिए हैं।
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उपचारात्मक शिक्षण के जरिये विद्यार्थियों के लिए अतिरिक्त गतिविधियों जैसे समूह चर्चा, प्रश्नोत्तर सत्र, इंटरएक्शन, मॉडल उत्तर लेखन और अवधारणात्मक समझ पर जोर दिया जाएगा। डीआईओएस विनोद कुमार मिश्रा ने बताया कि पहले चरण में राजकीय विद्यालयों को शामिल किया जाएगा। संचालित होने वाले 54 विद्यालयों के करीब 1290 छात्र-छात्राओं को प्रशिक्षण के लिए चिह्नित किया गया है। इनको विशेष रूप से पढ़ाने, समझाने और उनकी कमजोरियों पर काम करने के लिए शिक्षकों को प्रशिक्षित किया गया है।
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बताया कि तीन चरणों में छात्रों की पहचान की जाएगी। इसको लेकर प्री टेस्ट, मिड टेस्ट, और पोस्ट टेस्ट कराया जाएगा। प्री टेस्ट के आधार पर छात्रों का चयन किया गया है। वहीं मिड टेस्ट के जरिये उनकी प्रगति का मूल्यांकन किया जाएगा और पोस्ट टेस्ट से यह परखा जाएगा कि छात्रों ने कितनी हद तक सीखने के लक्ष्यों की प्राप्ति की है। डीआईओएस ने राजकीय विद्यालयों के प्रधानाचार्यों को निगरानी के निर्देश दिए हैं।
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