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1008 दीपों से जगमगाया दुख निवारण सरोवर
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बरेली। श्रीवैष्णो देवी बुआदाती संकीर्तन मंडल के तत्वावधान में चल रहे शतचंडी महायज्ञ की पूर्णाहुति पर झिड़ीधाम आश्रम में भगवान भोलेनाथ का दिव्य अनुष्ठान हुआ। आखिरी दिन बड़ी संख्या में भक्तों के पहुंचने से मंदिर परिसर में मेला सा नजारा रहा। मां सिद्धिदात्री के अनुष्ठान में व्यासाचार्य राजेंद्र त्रिपाठी ने मृगमुद्रा में आहुति कराकर मनोकामना पूर्ति का पूजन कराया।
सतगुरु रामनाथ अरोड़ा ने परंपरानुसार दुख निवारण सरोवर में भोले शंकर की दिव्य मूर्ति का अनुष्ठान कराया। मंत्रोचारण से सरोवर में गंगा, यमुना, नर्मदा, सरयू और व्यास नदियों का जल समाहित कराने के बाद गुरु समेत स्थानीय ब्राह्मण समाज ने सरोवर में 1008 दीपों से श्रीगंगा आरती का दिव्य अनुष्ठान किया। सतगुरु ने मां सिद्धिदात्री की कथा सुनाते हुए कहा, जहां स्वयं शिव और शक्ति विराजित हो, वहां कोई निराश नहीं हो सकता। जानकारी मंडल प्रचार समिति के राजीव साहनी, जगदीश भाटिया ने दी।
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सतगुरु रामनाथ अरोड़ा ने परंपरानुसार दुख निवारण सरोवर में भोले शंकर की दिव्य मूर्ति का अनुष्ठान कराया। मंत्रोचारण से सरोवर में गंगा, यमुना, नर्मदा, सरयू और व्यास नदियों का जल समाहित कराने के बाद गुरु समेत स्थानीय ब्राह्मण समाज ने सरोवर में 1008 दीपों से श्रीगंगा आरती का दिव्य अनुष्ठान किया। सतगुरु ने मां सिद्धिदात्री की कथा सुनाते हुए कहा, जहां स्वयं शिव और शक्ति विराजित हो, वहां कोई निराश नहीं हो सकता। जानकारी मंडल प्रचार समिति के राजीव साहनी, जगदीश भाटिया ने दी।
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