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अमन के शहर में खामोशी से गुजर गया एक और जुमा

Sat, 04 Jan 2020 02:04 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Sat, 04 Jan 2020 02:04 AM IST
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रोज की तरह सड़कों और बाजारों में भीड़भाड़ के बीच जाम से जूझे शहरवासी, संवेदनशील इलाकों में तैनात रहा फोर्स
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बरेली। देश भर के हालात से बेपरवाह शहर में एक और जुमा खामोशी से गुजर गया। कुछ मस्जिदों पर जुमे की नमाज के बाद नागरिकता कानून के खिलाफ शांतिपूर्ण और संक्षिप्त प्रदर्शन जरूर हुए लेकिन शहर फिर भी अपनी पुरानी रौ में रहा। सड़कों और बाजारों में रोज की तरह भीड़भाड़ थी, प्रमुख चौराहों पर कई बार लोग जाम की वजह से भी परेशान नजर आए। धर्मस्थलों और संवेदनशील इलाकों में पुलिस बल की तैनाती के अलावा शहर ने कहीं कोई ऐसा संकेत नहीं दिया कि माहौल में कहीं तनाव है।
जुमे पर सैलानी और पुराना शहर के कुछ इलाकों में फोर्स लगाया गया था। दोपहर के वक्त पुलिस मस्जिदों और घनी बस्तियों में गश्त करती नजर आई। एसएसपी समेत कई अफसरों ने भी पुराना शहर का जायजा लिया। हालांकि इन इलाकों का माहौल शांत था और लोग अपने रोजमर्रा के कामों में व्यस्त नजर आए। शहर के बाकी प्रमुख इलाकों में भी हालात रोज की तरह थे। कोतवाली से जिला अस्पताल रोड वाला अवैध बाजार में अच्छी-खासी भीड़भाड़ थी। नावल्टी चौराहा, अयूब खां चौराहा, बरेली कॉलेज, श्यामगंज चौराहे समेत कई स्थानों पर भी ऐसे ही नजारे थे, हालांकि पुलिस भी तैनात थी। शहर में सिटी मजिस्ट्रेट के साथ सीओ सिटी अशोक कुमार और आरएएफ के डिप्टी कमांडेंट वीके सिंह भी मूवमेंट करते रहे।
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विरोध: कई मस्जिदों पर तिरंगे के साथ लहराई तख्तियां, पुराना शहर के इलाकों में हुआ शांतिपूर्ण प्रदर्शन
बरेली। पुराने शहर की कई मस्जिदों पर इस जुमे पर सीएए-एनआरसी के साथ एनपीआर का भी सांकेतिक विरोध किया गया। मुसलमानों ने नमाज के बाद हाथों में तख्तियां लेकर प्रदर्शन करते हुए नया कानून वापस लेने की मांग की।
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इस जुमे पर आईएमसी मुखिया मौलाना तौकीर रजा खां ने गिरफ्तारी देने की घोषणा की थी जिससे लोग चौंके थे लेकिन बृहस्पतिवार को उनके यह कार्यक्रम स्थगित करते ही माहौल शांत हो गया। इस जुमे पर कहीं और प्रदर्शन का कोई एलान नहीं किया गया था फिर भी तमाम इलाकों में पुलिस सतर्क रही। जुमे की नमाज के बाद पुराना शहर की मस्जिदों में प्रदर्शन हुए। रबड़ी टोला की रंगरेजान मस्जिद, बजरिया इनायतगंज की पुलिया वाली मस्जिद, काजी टोला की इमामबाड़ा हसनी हुसैनी मस्जिद, चक महमूद की रजवी मस्जिद, नई बस्ती जगतपुर की अतहर मस्जिदों के बाहर लोगों ने हाथों में तख्तियां और तिरंगा लेकर प्रदर्शन किया। यह लोग हमारा प्यारा हिंदुस्तान के पोस्टर भी लिए हुए थे।


सबका साथ सबका विकास का वादा न भूले हुकूमत
शाही जामा मस्जिद में शहर इमाम की तकरीर
बरेली। नागरिकता कानून के खिलाफ एहतेजाज उसे वापस लिए जाने तक जारी रहेगा। यह बात शहर इमाम मुफ्ती खुर्शीद आलम ने शाही जामा मस्जिद में जुमे की नमाज के पहले अपनी तकरीर में कही। उन्होंने कहा कि हुकूमत अगर कानून लागू करना चाहती है तो इसमें भेदभाव खत्म करे। हजारों औरतें दिल्ली में सड़कों पर बैठी हैं, कुछ के साथ मासूम बच्चे भी हैं। हुकूमत की उन पर कोई तव्वजो नहीं है। गृहमंत्री सफाई में कह रहे हैं कि हमने कांग्रेस के एजेंडे को लागू किया है, अगर ऐसा है तो कांग्रेस का हश्र भी देखें। जनता ने भाजपा को इसलिए चुना कि उसने कहा था ‘सबका साथ सबका विकास’, अब इस पर कायम भी रहें। शहर की दूसरी मस्जिदों में भी नमाज कायम करने, रसूल के दामन को मजबूती से पकड़े रहने की हिदायत दी गई। मुल्क में अमनो इत्तेहाद और भाईचारे के लिए भी दुआ हुई। संवाद
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