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नजफ से बरेली के जायरीन सकुशल पहुंचे बगदाद
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बरेली। इराक के नजफ शहर में फंसे बरेली के सभी 26 जायरीन सुरक्षित बगदाद पहुंच गए हैं। उन्होंने अपने-अपने घरों पर फोन से बात करके तसल्ली दी है कि वह सकुशल बगदाद पहुंच गए हैं। वहां अमन है। कोई भी घबराने की बात नहीं है। यह जानकारी बरेली के जायरीन के साथ गए रक्षबंदियान निवासी आसिम हुसैन कादरी ने हज सेवा समिति के पम्मी खान वारसी को दी।
फोन पर आसिम ने बताया कि वह सभी गत दिवस तक नजफ में थे, जहां हालात जरूर खराब रहे। मंगलवार को वह लोग बगदाद आ गए हैं। यहां सभी लोग सुकून से हैं और जियारत के लिए भी गए थे। अब सभी लोग ग्यारहवीं शरीफ मनाकर लौटेंगे।
इन दिनों बरेली से लगभग डेढ़ सौ लोग गौस पाक की ग्यारहवीं शरीफ मनाने इराक गए हुए हैं। इसमें 26 जायरीन की एक टोली पहले कर्बला शहर गई, वहां से नजफ आए थी। जहां रविवार को प्रदर्शनकारियों ने दुबारा से ईरान उच्चायोग में आग लगा दी थी, जिससे वहां पर सनसनी फैल गई थी। वहां की सरकार ने रात में लोगों के घरों से निकलने पर रोक लगा दी थी। दिन में अकेले न निकलने की हिदायत भी दी थी। इस दौरान उसी शहर में बरेली के जायरीन भी वहीं थे जो हजरत मौला अली के रोजे पर जियारत के लिए पहुंचे हुए थे।
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फोन पर आसिम ने बताया कि वह सभी गत दिवस तक नजफ में थे, जहां हालात जरूर खराब रहे। मंगलवार को वह लोग बगदाद आ गए हैं। यहां सभी लोग सुकून से हैं और जियारत के लिए भी गए थे। अब सभी लोग ग्यारहवीं शरीफ मनाकर लौटेंगे।
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इन दिनों बरेली से लगभग डेढ़ सौ लोग गौस पाक की ग्यारहवीं शरीफ मनाने इराक गए हुए हैं। इसमें 26 जायरीन की एक टोली पहले कर्बला शहर गई, वहां से नजफ आए थी। जहां रविवार को प्रदर्शनकारियों ने दुबारा से ईरान उच्चायोग में आग लगा दी थी, जिससे वहां पर सनसनी फैल गई थी। वहां की सरकार ने रात में लोगों के घरों से निकलने पर रोक लगा दी थी। दिन में अकेले न निकलने की हिदायत भी दी थी। इस दौरान उसी शहर में बरेली के जायरीन भी वहीं थे जो हजरत मौला अली के रोजे पर जियारत के लिए पहुंचे हुए थे।
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