{"_id":"5dc1d2c18ebc3e5b1562a3e0","slug":"religion-bareilly-news-bly3828950108","type":"story","status":"publish","title_hn":"फितनों से बच कर इस्लामी तालीमात के मुताबिक गुजारें जिंदगी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
फितनों से बच कर इस्लामी तालीमात के मुताबिक गुजारें जिंदगी
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बरेली। उर्स शाह शराफत के सिलसिले में मंगलवार को जश्ने शाह शराफत की महफिल हजियापुर में सजाई गई। इसमें बड़ी तादात में अकीदतमंदों की शिरकत रही।
इस मौके पर कन्नौज के अल्लामा आसिफ मुजद्दिदी ने मुसलमानों को इस्लामी तालीमात के मुताबिक जिंदगी बसर करने को कहा। बोले, इसी में हमारी निजात है। बरेली कालेज के प्रोफेसर डॉ. महमूदुल हसन ने कहा कि हमारी कौम नए-नए फितनों में पड़ी है। इससे अलग होकर बुजुर्गों के बताए रास्ते पर चलने की जरूरत है। इस बीच आमिल सकलैनी, हसीब सकलैनी, रागिब नूरी, मजहर सकलैनी, सैयद अरबाज सकलैनी ने नातो मनकबत का नजराना पेश किया। हजरत शाह सकलैन एकेडमी की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम की निजामत मुख्तार तिलहरी ने की। इसमें हाजी इंतजार सकलैनी, लियाकत सकलैनी, पिंटू सकसैनी, इफ्तेखार खां, कामरान सकलैनी, हवलदार खां, अबरार सकलैनी आदि का सहयोग रहा। इस दौरान लंगर का भी आयोजन किया गया।
विज्ञापन
इस मौके पर कन्नौज के अल्लामा आसिफ मुजद्दिदी ने मुसलमानों को इस्लामी तालीमात के मुताबिक जिंदगी बसर करने को कहा। बोले, इसी में हमारी निजात है। बरेली कालेज के प्रोफेसर डॉ. महमूदुल हसन ने कहा कि हमारी कौम नए-नए फितनों में पड़ी है। इससे अलग होकर बुजुर्गों के बताए रास्ते पर चलने की जरूरत है। इस बीच आमिल सकलैनी, हसीब सकलैनी, रागिब नूरी, मजहर सकलैनी, सैयद अरबाज सकलैनी ने नातो मनकबत का नजराना पेश किया। हजरत शाह सकलैन एकेडमी की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम की निजामत मुख्तार तिलहरी ने की। इसमें हाजी इंतजार सकलैनी, लियाकत सकलैनी, पिंटू सकसैनी, इफ्तेखार खां, कामरान सकलैनी, हवलदार खां, अबरार सकलैनी आदि का सहयोग रहा। इस दौरान लंगर का भी आयोजन किया गया।