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मुफ्ती आजम के फोटो खिंचाने के खिलाफ फतवे ने मचा दी थी हलचल
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बरेली। आला हजरत के छोटे साहबजादे मुफ्ती आजम हिंद हजरत मुस्तफा रजा खां ने भी अपनी 92 साला जिंदगी में कई चचर्ति फतवे दिए। इनमें नसबंदी और फोटो खिंचाने के खिलाफ दिए गए फतवे ने तो समाज में हलचल पैदा कर दी थी। मुफ्ती आजम हिंद ने 1977 में कांग्रेस सरकार की नसबंदी योजना के खिलाफ फतवा दिया था। इससे राजनीति में उथलपुथल मच गई थी। मुस्लिम कांग्रेस से इस कदर नाराज हुए कि इंदिरा गांधी के नेतृत्व वाली सरकार तक चली गई। उन्होंने फोटो खिंचाने के खिलाफ भी फतवा दिया था। हदीस की रोशनी में दिए गए इस फतवे में उन्होंने फोटो खिंचवाने को हराम करार दिया था। यह फतवा भी समाज में काफी चर्चित रहा। जब वह खुद हज पर गए तो उनके पासपोर्ट पर फोटो नहीं लगा था। इसके लिए भारतीय हुकूमत ने उन्हें विशेष छूट दी थी। इसके अलावा उन्होंने लाउडस्पीकर पर नमाज के खिलाफ भी फतवा दिया था। यह भी काफी चर्चा का विषय बना। उनके एक हजार फतवों के संकलन ‘फतावा मुस्तफिया’ में ये दर्ज हैं।
इधर, दरगाह के नासिर कुरैशी ने बताया कि फतवों के अलावा मुफ्ती आजम ने इल्म पर काफी काम किया। अपनी जिंदगी में लगभग सौ किताबें लिखीं। सभी ने मगबूलियत हासिल की। इनमें कुछ खास किताबों में ‘आले अमन वल उलूम’ शामिल है। इसमें हजरत मोहम्मद साहब की फजीलत बयान की गई है। इसके अलावा सवाने बख्शीश, फरीज-ए-हज, अल बैतुल अजीब और हम्दो नात का संकलन है।
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इधर, दरगाह के नासिर कुरैशी ने बताया कि फतवों के अलावा मुफ्ती आजम ने इल्म पर काफी काम किया। अपनी जिंदगी में लगभग सौ किताबें लिखीं। सभी ने मगबूलियत हासिल की। इनमें कुछ खास किताबों में ‘आले अमन वल उलूम’ शामिल है। इसमें हजरत मोहम्मद साहब की फजीलत बयान की गई है। इसके अलावा सवाने बख्शीश, फरीज-ए-हज, अल बैतुल अजीब और हम्दो नात का संकलन है।
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