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मुफ्ती आजम हिंद के उर्स के दिन कॉन्फ्रेंस भी नहीं मंजूर
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बरेली। कुछ समय पहले इस्लामिया ग्राउंड पर पहली बार होने जा रहे उर्स-ए-ताजुश्शरिया की मंजूरी देकर उसे निरस्त करने पर हुए बवाल से सबक लेते हुए प्रशासन ने 13 सितंबर को आला हजरत दरगाह पर होने जा रहे मुफ्ती आजम हिंद के उर्स के साथ इस्लामिया ग्राउंड पर कॉन्फ्रेंस कराने की अनुमति देने से हाथ खड़े कर दिए हैं। मरकजी तंजीम जमात असारूल इस्लाम की ओर से इस्लामिया ग्राउंड पर मुफ्ती आजम कॉन्फ्रेंस की अनुमति मांगी गई थी। इसमें मदरसा जामे आला हजरत के छात्रों की दस्तारबंदी यानी सम्मान होना था। अघोषित तौर पर यह कार्यक्रम में मुफ्ती आजम हिंद का उर्स का ही हिस्सा बताया जा रहा है।
दरअसल इस्लामी माह मोहर्रम की 13 तारीख को दरगाह आला हजरत पर मुफ्ती आजम हिंद हजरत मुस्तफा रजा खां नूरी का उर्स मनाया जाता है। बताया जा रहा है कि पहले आयोजकों ने इस्लामिया ग्राउंड पर उर्स के नाम से ही अनुमति लेने के लिए प्रयास किए थे लेकिन उर्स के नाम पर अनुमति न मिलने की बात आई तो इसे कॉन्फ्रेंस का नाम दे दिया गया और इसी का जिक्र करते हुए अनुमति के लिए प्रार्थना पत्र दिया गया था। यह भी कहा जा रहा है कि उस दिन चूंकि मुफ्ती आजम हिंद का उर्स दरगाह आला हजरत पर होता है जो दरगाह सरपरस्त मौलाना सुब्हान रजा खां सुब्हानी मियां की ओर से शुरू से कराया जा रहा है। इस बार भी 13 सितंबर को यह उर्स दरगाह पर होना है। इससे जाहिर है कि कॉन्फ्रेंस उर्स का ही हिस्सा है जो पहली बार कराई जा रही है। हालांकि उर्स के संयोजक फैज रजा अजहरी ने बताया कि वह कोई कार्यक्रम नहीं कर रहे हैं। इस्लामिया ग्राउंड पर न उर्स और न कॉन्फ्रेंस का कार्यक्रम है। नगर मजिस्ट्रेट मदन कुमार ने बताया कि मुफ्ती आजम कॉन्फ्रेंस का प्रार्थना पत्र आया था मगर इस नई परंपरा को अनुमति नहीं दी गई है। इंस्पेक्टर कोतवाली गीतेश कपिल ने बताया कि उर्से नूरी तो पुराना कार्यक्रम है जिसे हर साल की तरह दरगाह में करने की अनुमति दी गई है। आयोजकों ने इस्लामिया ग्राउंड में इसी दौरान एक कॉन्फ्रेंस करने की भी अनुमति मांगी थी। यह आयोजन पहले कभी नहीं हुआ लिहाजा पुलिस ने आपत्ति लगाकर सिटी मजिस्ट्रेट को रिपोर्ट भेज दी थी।
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दरअसल इस्लामी माह मोहर्रम की 13 तारीख को दरगाह आला हजरत पर मुफ्ती आजम हिंद हजरत मुस्तफा रजा खां नूरी का उर्स मनाया जाता है। बताया जा रहा है कि पहले आयोजकों ने इस्लामिया ग्राउंड पर उर्स के नाम से ही अनुमति लेने के लिए प्रयास किए थे लेकिन उर्स के नाम पर अनुमति न मिलने की बात आई तो इसे कॉन्फ्रेंस का नाम दे दिया गया और इसी का जिक्र करते हुए अनुमति के लिए प्रार्थना पत्र दिया गया था। यह भी कहा जा रहा है कि उस दिन चूंकि मुफ्ती आजम हिंद का उर्स दरगाह आला हजरत पर होता है जो दरगाह सरपरस्त मौलाना सुब्हान रजा खां सुब्हानी मियां की ओर से शुरू से कराया जा रहा है। इस बार भी 13 सितंबर को यह उर्स दरगाह पर होना है। इससे जाहिर है कि कॉन्फ्रेंस उर्स का ही हिस्सा है जो पहली बार कराई जा रही है। हालांकि उर्स के संयोजक फैज रजा अजहरी ने बताया कि वह कोई कार्यक्रम नहीं कर रहे हैं। इस्लामिया ग्राउंड पर न उर्स और न कॉन्फ्रेंस का कार्यक्रम है। नगर मजिस्ट्रेट मदन कुमार ने बताया कि मुफ्ती आजम कॉन्फ्रेंस का प्रार्थना पत्र आया था मगर इस नई परंपरा को अनुमति नहीं दी गई है। इंस्पेक्टर कोतवाली गीतेश कपिल ने बताया कि उर्से नूरी तो पुराना कार्यक्रम है जिसे हर साल की तरह दरगाह में करने की अनुमति दी गई है। आयोजकों ने इस्लामिया ग्राउंड में इसी दौरान एक कॉन्फ्रेंस करने की भी अनुमति मांगी थी। यह आयोजन पहले कभी नहीं हुआ लिहाजा पुलिस ने आपत्ति लगाकर सिटी मजिस्ट्रेट को रिपोर्ट भेज दी थी।
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