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अब हनुमान मंदिर पर गणेश पूजा के लिए बंद किया रास्ता
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बरेली। सड़क पर धार्मिक कार्यक्रम न करने के संबंध में डीजीपी का मौखिक आदेश शहर में हवा हवाई सा दिखता है। अयूब खां चौराहे से नावल्टी रोड पर हनुमान मंदिर के सामने गणेश पूजन कार्यक्रम के आयोजकों ने रास्ता बंद कर मंच बनाया। इसे लेकर दिन भर चर्चा ही तो सोशल मीडिया पर पुलिस प्रशासन की खिंचाई की गई।
डीजीपी ओपी सिंह ने महीने भर पहले एक वीडियो के जरिये दिए मौखिक निर्देशों में इस तरह के कार्यक्रमों के लिए सार्वजनिक रास्ता बंद करने पर नाराजगी जताई थी। इसके बाद पुलिस ने कुछ सख्ती भी दिखाई थी और लोगों ने खुद ही नियमों का पालन कर रोड पर कार्यक्रम करने लगभग बंद कर दिए थे। अब गणेश चतुर्थी कार्यक्रम के लिए मंगलवार को दोपहर से ही अयूब खां चौराहे पर वाहनों का डायवर्जन कर दिया गया। मंदिर के सामने रोड घेरकर विशाल स्टेश बनाई गई। शाम को मार्ग पर यातायात लगभग पूरी तरह बंद था। वाहनों को पुराने रोडवेज और बरेली कॉलेज के सामने से होकर डायवर्ट किया गया।
पुलिस इसे पुरानी परंपरा और कुछ घंटे का कार्यक्रम बता रही थी। इसके लिए सिटी मजिस्ट्रेट के आदेश का हवाला दिया जा रहा है। वहीं सिटी मजिस्ट्रेट मदन कुमार का कहना था कि बरसों से यह परंपरा चली आ रही है। इसे रोकने पर जनभावनाओं को ठेस लगने का अंदेशा था। यह भी साल में एक ही बार होता है। इसलिए अनुमति दी गई।
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डीजीपी ओपी सिंह ने महीने भर पहले एक वीडियो के जरिये दिए मौखिक निर्देशों में इस तरह के कार्यक्रमों के लिए सार्वजनिक रास्ता बंद करने पर नाराजगी जताई थी। इसके बाद पुलिस ने कुछ सख्ती भी दिखाई थी और लोगों ने खुद ही नियमों का पालन कर रोड पर कार्यक्रम करने लगभग बंद कर दिए थे। अब गणेश चतुर्थी कार्यक्रम के लिए मंगलवार को दोपहर से ही अयूब खां चौराहे पर वाहनों का डायवर्जन कर दिया गया। मंदिर के सामने रोड घेरकर विशाल स्टेश बनाई गई। शाम को मार्ग पर यातायात लगभग पूरी तरह बंद था। वाहनों को पुराने रोडवेज और बरेली कॉलेज के सामने से होकर डायवर्ट किया गया।
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पुलिस इसे पुरानी परंपरा और कुछ घंटे का कार्यक्रम बता रही थी। इसके लिए सिटी मजिस्ट्रेट के आदेश का हवाला दिया जा रहा है। वहीं सिटी मजिस्ट्रेट मदन कुमार का कहना था कि बरसों से यह परंपरा चली आ रही है। इसे रोकने पर जनभावनाओं को ठेस लगने का अंदेशा था। यह भी साल में एक ही बार होता है। इसलिए अनुमति दी गई।
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