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हजरत मोती मियां के कुल में उमड़ी भीड़
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बरेली। हजरत मुर्तजा हुसैन उर्फ मोती मियां के दो रोजा उर्स के पहले रोज कुल शरीफ की रस्म अदा की गई। इसमें शिरकत करने के लिए बड़ी संख्या में अकीदतमंद पहुंचे।
उर्स की शुरुआत सुबह कुरान ख्वानी से शुरू हुई। सलातो सलाम के बाद दिन भर मजार शरीफ पर चादरपोशी और गुलपोशी का सिलसिला चलता रहा। इस बीच संसद भवन दिल्ली से डीके शर्मा और विजय कुमार शर्मा भी चादर लेकर पहुंचे और मजार शरीफ पर पेश कर दुआ मांगी। दोपहर में नातो मनकबत का नजराना पेश किया गया। शाम को महफिले समा में दूर दराज से आए कव्वालों ने सूफियाना कलाम पेश किए। कव्वाल शमीम सलीम ने रंग पेश किया। इसके बाद हजरत मोती मियां के कुल की रस्म अदा की गई। आखिर में सज्जादा मोइनुद्दीन पाशा निजामी ने हिंदुस्तान की सलामती और भाईचारे के लिए दुआ की। सचिव वसी अहमद वारसी ने लोगों ने स्वच्छता का हिस्सा बनने और पौधरोपण के लिए अपील की। इसके बाद दरगाह के खिदमतगारों की दस्तारबंदी की गई।
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उर्स की शुरुआत सुबह कुरान ख्वानी से शुरू हुई। सलातो सलाम के बाद दिन भर मजार शरीफ पर चादरपोशी और गुलपोशी का सिलसिला चलता रहा। इस बीच संसद भवन दिल्ली से डीके शर्मा और विजय कुमार शर्मा भी चादर लेकर पहुंचे और मजार शरीफ पर पेश कर दुआ मांगी। दोपहर में नातो मनकबत का नजराना पेश किया गया। शाम को महफिले समा में दूर दराज से आए कव्वालों ने सूफियाना कलाम पेश किए। कव्वाल शमीम सलीम ने रंग पेश किया। इसके बाद हजरत मोती मियां के कुल की रस्म अदा की गई। आखिर में सज्जादा मोइनुद्दीन पाशा निजामी ने हिंदुस्तान की सलामती और भाईचारे के लिए दुआ की। सचिव वसी अहमद वारसी ने लोगों ने स्वच्छता का हिस्सा बनने और पौधरोपण के लिए अपील की। इसके बाद दरगाह के खिदमतगारों की दस्तारबंदी की गई।
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