Bareilly News: भरण-पोषण की धनराशि नहीं देने पर पति की 14 बीघा खेत और फसल कुर्क, कोर्ट के आदेश पर हुई कार्रवाई
बरेली में पत्नी और बच्चों को भरण-पोषण की धनराशि देने से बचने के लिए पति ने संपत्ति दानपत्र के तहत अपनी मां के नाम कर दी, लेकिन यह दांव उस पर उल्टा पड़ गया। सदर तहसील की टीम ने उसकी जमीन और फसल को कुर्क कर दिया। यह कार्रवाई परिवार न्यायालय के आदेश पर हुई।
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कुर्की की कार्रवाई के दौरान मौके पर ग्रामीण भी मौजूद थे। कुर्की के लिए नियुक्त प्रभारी अधिकारी नायब तहसीलदार भोजीपुरा अभिषेक तिवारी ने बताया कि गांव के हरीश कुमार के विरुद्ध अपर प्रधान न्यायाधीश ज्ञानेंद्र त्रिपाठी परिवार न्यायालय-तृतीय ने संपत्ति कुर्क करने के आदेश 24 सितंबर 2025 को डीएम को दिए थे। जिसके क्रम में यह कार्रवाई हुई है।
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सिंचाई विभाग के कर्मी को किया सुपुर्द
विपक्षी की खेती की करीब 14 बीघे जमीन और फसल दोनों को कुर्क किया गया है, जिसे गांव के निवासी सिंचाई विभाग के कर्मी नरेश के सुपुर्द किया गया है। उन्होंने बताया कि विपक्षी ने 2019 में बकाया भरण-पोषण की धनराशि 25 हजार रुपये जमा नहीं किए हैं।
इसी तरह वर्ष 2022 में बकाया 1.80 लाख रुपये भी नहीं अदा किए हैं। वर्ष 2023 में भी उसने बकाया 80 हजार रुपये भरण-पोषण की धनराशि अदा नहीं की है। इस तरह विपक्षी हरीश कुमार पर भरण-पोषण के कुल 2.60 लाख रुपये बकाया हैं।
नायब तहसीलदार ने बताया कि विपक्षी हरीश कुमार के खेत में लगी गेहूं और आलू की फसल को उसने बटाई पर दे रखा है। इसलिए फसल उत्पादन का आधा हिस्सा बटाईदार को मिलेगा और शेष हिस्सा सरकारी खजाने में जमा होगा। इस कार्रवाई में कानूनगो रविकांत, लेखपाल सेामपाल पटेल, संग्रह अमीन प्रेमराज भी थे।
भुगतान से बचने के लिए मां के नाम दान कर दी जमीन
न्यायालय के आदेश के मुताबिक, पीड़िता ने न्यायालय को बताया था कि विपक्षी हरीश कुमार ने अपनी संपूर्ण अचल संपत्ति जानबूझकर 19 जनवरी 2024 को अपनी मां मुन्नी देवी के नाम दानपत्र के तहत बैनामा कर दिया है। जिससे न्यायालय के आदेश से उसकी जमीन की कुर्की न हो सके। ऐसे में न्यायालय संबंधित दानपत्र निष्प्रभावी घोषित किया है। डीएम को निर्देश दिए हैं कि कार्रवाई से बचने मात्र के उद्देश्य से किया गया दानपत्र को निष्प्रभावी मानते हुए अपने स्तर से संबंधित कृषि भूमि में से देय भरण-पोषण भत्ता की धनराशि की सीमा तक विपक्षी के अंश को कुर्क व नीलामी कराएं।