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चिप बदलने के चक्कर में वायरल हो गई वीडियो वर्ना दब जाती वारदात

Fri, 22 Nov 2019 02:36 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Fri, 22 Nov 2019 02:36 AM IST
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rape
ममेरी-फुफेरी बहन से सामूहिक दुष्कर्म का मामला
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वीडियो में चार आरोपियों की दबंगई आ रही सामने, गैंगरेप का सच तफ्तीश में खुलेगा
बहेड़ी। दो बहनों के साथ की गई क्रूरता का मामला लगभग पूरी तरह दब चुका था। इनमें से एक आरोपी के मोबाइल की चिप बदलने के चक्कर में वारदात खुल गई। वीडियो में चार आरोपियों की दबंगई का नजारा तो खुला दिख रहा है पर इन्होंने सामूहिक दुष्कर्म किया या नहीं, ये पुलिस विवेचना में साफ होगा। फिलहाल आरोपी घबराए हुए और घरों से फरार हैं।
पांचों आरोपियों में से एक मोबाइल ठीक करने का काम करता है। उसने अपने मोबाइल की चिप एक दोस्त के मोबाइल में डालकर दे दी। वह भूल गया कि उसने इसी चिप में घटना के वक्त बनाए वीडियो को सेव कर रखा है। उसके दोस्त ने जब अपने ही गांव की किशोरी का वीडियो देखा तो इसे अपने और दोस्तों को भेज दिया। इस तरह बुधवार सुबह से लेकर दोपहर तक यह वीडियो व्हाट्सएप पर दूर तक फैल गया। बताते हैं कि इलाके के कुछ पुलिसकर्मियों के पास तक यह वीडियो पहुंचा था लेकिन फिर भी अंजान बने रहे।
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लड़कियों ने कहा- पुलिस से कहेंगे, लड़के बोले- हम बुला लेते हैं यूपी 100

रिपोर्ट में वसीम पर तमंचा दिखाकर खेत में ले जाने और वहां अपने चार साथियों के संग सामूहिक दुष्कर्म का आरोप और पॉस्को एक्ट में भी कार्रवाई हुई है। सत्यता परखने को थाने आए एसपी क्राइम ने जांच की तो देखा कि घटना में थोड़ी थोड़ी देर के चार वीडियो हैं। इनमें दो लड़कियां अर्धनग्न हालत में हैं और अपने हाथ में पकड़े कपड़ों से शरीर को छुपाने की कोशिश कर रही है। एक युवक अपेक्षाकृत शांत खड़ा है तो बाकी चार खेत में दोनों को घेरकर काफी आक्रामक मुद्रा में हैं। लड़कियां रोते हुए छोड़ने और वीडियो न बनाने को हाथ जोड़कर विनती कर रही हैं। वहीं लड़के उन्हें सबक सिखाने की बात कह रहे हैं। लड़के जब वीडियो बनाते हुए नेट पर डालने की धमकी देते हैं तो लड़कियों का परिचित कह रहा है कि तुम गलत काम कर रहे हो। तब लड़के उसे डांटते हैं कि तू क्या सही काम कर रहा था। पांच सौ रुपये का होटल में कमरा ले लेता, यहां क्यों आया। तब लड़का कहता है कि वह तो अकेला आया था, लड़कियां खुद ही पीछे से आ गईं। लड़कियां रोते हुए पुलिस से शिकायत की बात कहती हैं तो एक लड़का उनके कपड़े खींचने की कोशिश करते हुए और हमलावर हो जाता है। कहता है कि तू बाद में बुलाएगी, पहले हमीं यूपी 100 बुलाते हैं। तब लड़कियां और उनका परिचित युवक फिर गिड़गिड़ाने लगते हैं।
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प्रमुख सचिव बहेड़ी में थे, दरोगा जी दबाए रहे तहरीर

प्रमुख सचिव नवनीत सहगल समेत आला अफसर बुधवार दोपहर जब बहेड़ी के गांवों में घूम रहे थे उसी वक्त पीड़ित कोतवाली में तहरीर लेकर पहुंचे। हलका दरोगा ने शाम तक तहरीर नहीं ली। उन्हें दिलासा देते रहे कि इंस्पेक्टर साहब आने वाले हैं तब तहरीर देना। वह इसमें कुछ नहीं कर सकते। साफतौर पर वह जिम्मेदारी से बच रहे थे। गुरुवार को भी दिनभर परिवार के लोग थाने के चक्कर काटते रहे। शाम को एसएसआई ने तहरीर तो ली पर यह कह दिया कि रिपोर्ट साहब के आने पर होगी। मीडिया कर्मियों ने दरोगा से इस बारे में पूछताछ की तो उनका कहना था कि घटना वाकई गंभीर है। वीडियो देखकर मेरी आंखों में आंसू आ गए कि लड़कियों के साथ इस कदर दबंगई की गई है पर यह भी कहा कि बिना साहब के आदेश से हम कुछ नहीं कर सकते।

देवरनिया पुलिस ने दूसरा इलाका बताकर टरकाया

घटनास्थल वाली जगह पर देवरनियां और बहेड़ी पुलिस की सीमा है। इसी का फायदा उठाकर देवरनिया पुलिस ने पहले ही तहरीर लेकर आए परिवार को लौटा दिया। साफ कहा कि घटनास्थल हमारे यहां है ही नहीं, बहेड़ी जाइए। नियमानुसार पुलिस को मामला दर्ज कर लेना चाहिए था भले ही बाद में अफसर उसे सही घटनास्थल वाले थाने में ट्रांसफर कर देते। दूसरी बात यह कि कार्रवाई न करने वाली देवरनिया पुलिस के कई सिपाही बुधवार रात भर पीड़ित परिवार के घर के आसपास जुटे रहे। चर्चा थी कि वह मामले को मैनेज कराने की कोशिश में थे।

किशोरियों ने खुद कर ली आरोपियों की पहचान

गुरुवार सुबह जब मामला गरमाया तो पड़ोसी गांव में भी खलबली मच गई। पंचायत में प्रधान ने उस गांव के कई युवकों को बुलवाया और वहीं पीड़ित किशोरियों को भी उनके परिवार के साथ बुलाया गया। यहां दोनो बहनों ने भीड़ में से पांचों आरोपियों की पहचान कर ली। उन्होंने और उनके परिवार ने कहा कि वह इस मामले में किसी बेगुनाह को नही फंसायेंगे। इसके बाद आरोपियों के परिजन फैसले के लिए पीड़ित पक्ष के घर पहुंचे और दबाव बनाया जो हुआ उसे भूलकर फैसला कर लें। हालांकि इसके लिए लड़कियां और परिवार तैयार नहीं हुआ।

पहले भी हो चुकी है घटनाएं

पहले ठीक इसी तरह की एक घटना रिछा की एक युवती के साथ हो चुकी है। उसमें भी देवरनियां व बहेड़ी पुलिस सीमा विवाद के चक्कर में दो दिन तक पीड़िता को टरकाती रही थी। बाद में जब वीडियो वायरल हुआ और अधिकारियों की फटकार के बाद बहेड़ी पुलिस ने रिपोर्ट कराई थी।
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