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जज को धमकी देने का मामलाः नौ साल पहले ढेर हो चुका है रामपुर का बदमाश फहीम पाकिस्तानी

Thu, 24 Dec 2020 03:38 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, बरेली
अमर उजाला नेटवर्क, बरेली Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Thu, 24 Dec 2020 03:38 AM IST
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Rampur crook Fahim has been killed in encounter nine years ago
उत्तर प्रदेश पुलिस - फोटो : सोशल मीडिया

भ्रष्टाचार के मामले में महिला कल्याण विभाग के बाबू चुन्नी लाल की जमानत के लिए अपर जिला जज को जिस फहीम पाकिस्तानी के नाम से धमकी भरा पत्र भेजा गया था, वह रामपुर का चर्चित बदमाश था और नौ साल पहले ही पुलिस उसे मुठभेड़ में ढेर कर चुकी है। नया तथ्य सामने आने के बाद पुलिस का मानना है कि चुन्नी लाल की जमानत का मामला फंसाने के लिए किसी शख्स ने जज को धमकी भरा पत्र लिखने की शरारत की थी।

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सप्ताह भर पहले भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के अपर जिला सत्र न्यायाधीश मोहम्मद अहमद खान को फहीम पाकिस्तानी के नाम से धमकी भरा पत्र स्पीड पोस्ट से भेजा गया था। पत्र में बरेली जिला जेल में बंद मुरादाबाद के महिला कल्याण विभाग के बाबू चुन्नीलाल की जमानत मंजूर न करने पर उन्हें परिवार समेत जान से मारने की धमकी दी गई थी।
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इसके बाद हरकत में आई पुलिस ने पत्र में लिखे पते के आधार पर मुरादाबाद के मुर्कखपुर गांव जाकर छानबीन की तो पता चला कि वहां फहीम पाकिस्तानी नाम का कोई शख्स नहीं रहता। विवेचक विक्रम सिंह ने जेल जाकर चुन्नीलाल से बात की तो उसने भी फहीम नाम के किसी व्यक्ति को जानने से इनकार कर दिया।
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अब पुलिस को पता लगा है कि फहीम पाकिस्तानी रामपुर शहर के घेर मरदान शाह मोहल्ले में रहता था और उसके ऊपर गंभीर आपराधिक मामले दर्ज थे। उसका पाकिस्तान से कोई संबंध नहीं था, उसके साथियों ने ही उसके नाम के आगे यह उपनाम लगा दिया था। इलाके में खासा आतंक रखने वाला फहीम सपा सरकार में पुलिस मुठभेड़ में मारा गया था। इस नए खुलासे के बाद पुलिस मान रही है कि चुन्नीलाल की परेशानी बढ़ाने के लिए किसी ने फहीम का नाम इस्तेमाल किया है। 

फुटेज में नहीं मिला सबूत, अब सर्विलांस का सहारा
स्पीड पोस्ट मुरादाबाद के डाकघर से 11 दिसंबर को दोपहर 12.56 बजे की गई थी मगर वहां के कैमरों की फुटेज से स्पीड पोस्ट करने वाले की पहचान नहीं हो सकी। 16 नंबर काउंटर के ऊपर कोई सीसीटीवी कैमरा नहीं मिला। अब पुलिस बीटीएस टॉवर के सहारे उस वक्त मुख्य डाकघर में संचालित नंबरों की पड़ताल में जुटी है। इसमें संदिग्ध नंबरों को ट्रेस कर जांच की जाएगी।  

दस दिन टली चुन्नीलाल की सुनवाई
चुन्नीलाल की जमानत को लेकर दाखिल अर्जी में 23 दिसंबर को सुनवाई होनी थी। अब अर्जी पर सुनवाई दो जनवरी को होगी। लिहाजा चुन्नीलाल को जमानत पर सुनवाई के लिए करीब दस दिन और इंतजार करना पड़ेगा।  


बरेली पुलिस ने मुरादाबाद जाकर हर पहलू पर जांच कर ली है। फहीम पाकिस्तानी नाम का ऐसा कोई जीवित शख्स नहीं मिला जिसका चुन्नीलाल से कोई संबंध हो। लग रहा है कि किसी ने चुन्नीलाल को परेशान करने को शरारत की है। 
- रोहित सिंह सजवाण, एसएसपी बरेली

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