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रफ्तार पकड़ते ही विवादों में घिरी रामगंगा नगरीय आवासीय योजना
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- फोटो : demo photo
अपने ही अफसरों के बाद अब भाजपा के पार्षदों ने भी उठाए सवाल, निर्माण कार्यों और प्लाटों के आवंटन में गड़बड़ी के आरोप
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कमिश्नर कार्यालय के बाहर दिया धरना, जांच कराने की मांग
बरेली। लंबे समय से लटकी पड़ी बीडीए की रामगंगानगर आवासीय परियोजना रफ्तार पकड़ने के साथ विवादों में घिरनी शुरू हो गई है। हाल ही में बीडीए के ही कुछ अफसरों ने टेंडर प्रक्रिया पर सवाल खड़े किए थे, अब नगर निगम के तीन पार्षदों ने भी प्लॉटों के आवंटन और टेंडरों में घपले का आरोप लगाते हुए पूरी प्रक्रिया रद्द करने की मांग की है। बुधवार को तीनों पार्षदों ने कमिश्नर कार्यालय परिसर में धरना भी दिया।
भाजपा पार्षद सतीश कातिब की ओर से कमिश्नर को दिए ज्ञापन में कहा गया है कि रामगंगानगर आवासीय परियोजना में प्लाटों के आवंटन में गड़बड़ी की गई है। सड़क को चौड़ा करने और दुकानों के निर्माण के लिए टेंडर तक नहीं किए गए। ज्ञापन में कहा गया है कि बीडीए के अधिकारी जिस तरह काम कर रहे हैं, उससे सरकार की बदनामी हो रही है। रामगंगा नगर परियोजना योजना के विभिन्न सेक्टरों में निर्माण कार्यों के टेंडर मनमानी के साथ नियमविरुद्ध ढंग से दिए गए हैं। इसके साथ लॉटरी ड्रा में भी बीडीए के अफ सरों ने मनमाने ढंग से आवंटन किया है।
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पार्षदों ने आरोप लगाया कि सरकार के निर्देश के बाद भी किसी भी बीडीए अफसर विकास कार्यों में जनप्रतिनिधियों की राय भी नहीं ले रहे हैं। पार्षदों ने मांग की है कि टेंडर प्रक्रि या में किए गए भ्रष्टाचार की जांच कर दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। धरने पर भाजपा पार्षद सतीश कातिब के अलावा नरेश शर्मा उर्फ बंटी, अरेंद्र कुमार कुर्की बैठे। पार्षदों ने बताया कि ज्ञापन की प्रति उन्होंने नगर विकास मंत्री के साथ मुख्यमंत्री को भी भेजी है।
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कुछ गलत नहीं, जांच कराने को तैयार
रामगंगानगर आवासीय परियोजना में निर्माण कार्यों से लेकर प्लॉटों केआवंटन तक कुछ भी गलत नहीं हुआ है। सभी काम नियमों के मुताबिक किए गए हैं। हम पूरे मामले में जांच के लिए तैयार है। शासन की मंशा के अनुसार बीडीए पूरी पारदर्शिता के साथ काम कर रहा है। -जोगिंदर सिंह, बीडीए उपाध्यक्ष
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कमिश्नर कार्यालय के बाहर दिया धरना, जांच कराने की मांग बरेली। लंबे समय से लटकी पड़ी बीडीए की रामगंगानगर आवासीय परियोजना रफ्तार पकड़ने के साथ विवादों में घिरनी शुरू हो गई है। हाल ही में बीडीए के ही कुछ अफसरों ने टेंडर प्रक्रिया पर सवाल खड़े किए थे, अब नगर निगम के तीन पार्षदों ने भी प्लॉटों के आवंटन और टेंडरों में घपले का आरोप लगाते हुए पूरी प्रक्रिया रद्द करने की मांग की है। बुधवार को तीनों पार्षदों ने कमिश्नर कार्यालय परिसर में धरना भी दिया।
भाजपा पार्षद सतीश कातिब की ओर से कमिश्नर को दिए ज्ञापन में कहा गया है कि रामगंगानगर आवासीय परियोजना में प्लाटों के आवंटन में गड़बड़ी की गई है। सड़क को चौड़ा करने और दुकानों के निर्माण के लिए टेंडर तक नहीं किए गए। ज्ञापन में कहा गया है कि बीडीए के अधिकारी जिस तरह काम कर रहे हैं, उससे सरकार की बदनामी हो रही है। रामगंगा नगर परियोजना योजना के विभिन्न सेक्टरों में निर्माण कार्यों के टेंडर मनमानी के साथ नियमविरुद्ध ढंग से दिए गए हैं। इसके साथ लॉटरी ड्रा में भी बीडीए के अफ सरों ने मनमाने ढंग से आवंटन किया है।
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पार्षदों ने आरोप लगाया कि सरकार के निर्देश के बाद भी किसी भी बीडीए अफसर विकास कार्यों में जनप्रतिनिधियों की राय भी नहीं ले रहे हैं। पार्षदों ने मांग की है कि टेंडर प्रक्रि या में किए गए भ्रष्टाचार की जांच कर दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। धरने पर भाजपा पार्षद सतीश कातिब के अलावा नरेश शर्मा उर्फ बंटी, अरेंद्र कुमार कुर्की बैठे। पार्षदों ने बताया कि ज्ञापन की प्रति उन्होंने नगर विकास मंत्री के साथ मुख्यमंत्री को भी भेजी है।
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