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Bareilly News: रामगंगा नदी को पांच-पांच किमी. के खंड में बांटकर मछलियां पकड़ने की मिलेगी अनुमति
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बरेली। रामगंगा नदी को पांच-पांच किलोमीटर के खंड में बांटकर मछलियां पकड़ने की अनुमति दी जाएगी। मत्स्य विभाग की इस नई योजना के तहत प्रत्येक खंड को एक मत्स्यजीवी सहकारी समिति (मछुआरा समिति) को सौंपा जाएगा। जिले में 11 मत्स्यजीवी सहकारी समितियां बनाई गई हैं।
सहायक निदेशक मत्स्य गायत्री पांडेय ने बताया कि प्रदेश सरकार ने गंगा और रामगंगा नदी से जुड़े जिलों के मछुआरों के लिए योजना बनाई है। इसके तहत जिले में मत्स्य विभाग रामगंगा नदी को हर पांच किलोमीटर की दूरी पर एक-एक खंड में विभाजित कर रहा है। इन खंडों को मत्स्य पालन के लिए विशेष रूप से चिह्नित किया गया है।
जिले में फिलहाल रामगंगा नदी को 10 खंडों में बांटा गया है। साथ ही 11 समितियों का गठन भी किया गया है। विभाग के अनुसार इस योजना का प्रमुख उद्देश्य पारंपरिक मछुआरों को वैध और सुरक्षित रूप से रोजगार उपलब्ध कराना है। संवाद
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सहायक निदेशक मत्स्य गायत्री पांडेय ने बताया कि प्रदेश सरकार ने गंगा और रामगंगा नदी से जुड़े जिलों के मछुआरों के लिए योजना बनाई है। इसके तहत जिले में मत्स्य विभाग रामगंगा नदी को हर पांच किलोमीटर की दूरी पर एक-एक खंड में विभाजित कर रहा है। इन खंडों को मत्स्य पालन के लिए विशेष रूप से चिह्नित किया गया है।
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जिले में फिलहाल रामगंगा नदी को 10 खंडों में बांटा गया है। साथ ही 11 समितियों का गठन भी किया गया है। विभाग के अनुसार इस योजना का प्रमुख उद्देश्य पारंपरिक मछुआरों को वैध और सुरक्षित रूप से रोजगार उपलब्ध कराना है। संवाद
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