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Ramadan Jummah: 26 वर्ष बाद इस बार फिर अदा हो सकती हैं दो अलविदा की नमाज, रमजान में पड़ सकते हैं पांच जुमा
Sat, 07 Mar 2026 03:30 PM IST
Sharukh Khan
अमर उजाला नेटवर्क, बरेली
अमर उजाला नेटवर्क, बरेली
Published by: Sharukh Khan
Updated Sat, 07 Mar 2026 03:30 PM IST
सार
26 साल बाद इस बार फिर दो अलविदा की नमाज अदा हो सकती हैं। 1999-2000 के बाद इस वर्ष फिर से माहे रमजान में पांच जुमा पड़ सकते हैं।
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रमजान
- फोटो : adobestock
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विस्तार
इस बार माहे रमजान में पांच जुमा पड़ सकते हैं। इस सूरत में दो अलविदा होने की संभावना जताई जा रही है। रमजान का पूरा महीना यदि 30 दिनों का मानें तो आखिरी दिन भी जुमा पड़ रहा है, जो अलविदा का जुमा होगा। यदि 29 दिन का चांद होता है तो उस दिन ईद होगी और अलविदा उससे पहले का माना जाएगा। यह स्थिति 26 साल के बाद बनी है।
आम तौर पर माह में चार ही जुमा होते हैं। इस बार पूरे 30 दिन के रमजान में पांच जुमा होने की भी उम्मीद है। इस एतबार से ईद उल फितर का त्योहार 21 मार्च को मनाया जाएगा। यदि 29 का चांद नजर आ गया तो ईद 20 मार्च की होगी। चूंकि रमजान के बिल्कुल आखिरी दिन यह स्थिति बन रही है। इसलिए चांद पर ही निर्भर करेगा किस दिन ईद होगी।
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आम तौर पर माह में चार ही जुमा होते हैं। इस बार पूरे 30 दिन के रमजान में पांच जुमा होने की भी उम्मीद है। इस एतबार से ईद उल फितर का त्योहार 21 मार्च को मनाया जाएगा। यदि 29 का चांद नजर आ गया तो ईद 20 मार्च की होगी। चूंकि रमजान के बिल्कुल आखिरी दिन यह स्थिति बन रही है। इसलिए चांद पर ही निर्भर करेगा किस दिन ईद होगी।
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इस बार पहला जुमा 20 फरवरी को गुजर चुका है। दूसरा जुमा 27 फरवरी को गुजरा। तीसरा जुमा छह मार्च को है। चौथा जुमा 13 मार्च और पांचवां जुमा 20 मार्च को होगा। ऐसी सूरत में सीधे तौर पर दो अलविदा की नमाज पढ़ी जा सकती हैं। यह स्थिति वर्ष 1999 और 2000 में भी बन चुकी है।
आला हजरत दरगाह के मीडिया प्रभारी नासिर कुरैशी ने बताया कि इसी तरह की स्थिति 2013 में थी। हालांकि, 29 का चांद होने से अगले दिन ईद मनाई गई। आला हजरत दरगाह के मौलाना जाहिद रजा ने बताया कि 12-13 साल के बाद ऐसे हालात बनते हैं। तब दो अलविदा की नमाज हो जाती है।