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बदइंतजामी और खौफ के बीच मना रक्षाबंधनः दावे हवा हुए सुरक्षा के.. खतरों से जूझीं बहनें

Tue, 04 Aug 2020 12:03 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Tue, 04 Aug 2020 12:03 AM IST
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Rakshabandhan forbidden between bad faith and fear: Claims of air security .. Sisters battling threats
रक्रषा बंधन पर दिन में कई बार लगा चौपुला चौराहा पर जाम। - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली

कहीं कीचड़ और फिसलन से भरी सड़कों पर गड्ढों में गिरीं तो कहीं जाम में फंसीं
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बसों से बाजारों तक झेलीं दुश्वारियां, पुलों पर गिरे मांझे ने शरीर पर घाव भी दिए

रक्षाबंधन पर भाई-बहन के प्रेम के बीच इस बार कोरोना का खतरा पहले से दीवार बना हुआ था, सिस्टम की ओर से बदइंतजामी ने हाल और भी खराब कर दिया। बाजार में खरीदारी करने से लेकर शहर की बदहाल सड़कों पर गुजरते वक्त बहनों को तमाम दुश्वारियां झेलनी पड़ीं। पुलिस-प्रशासन ने एक दिन पहले ही बहनों को कोई दिक्कत न होने देने के दावे किए थे लेकिन रक्षाबंधन पर सारे दावे हवा हो गए। भाई को राखी बांधने जाती बहनें कहीं कीचड़ और फिसलन से भरी सड़कों पर गिरीं तो कहीं जाम में फंसी रहीं। कई जगह छेड़खानी की घटनाएं भी हुईं। शहर में पुलों से गुजरते वक्त कई चाइनीज मांझे की वजह से शरीर पर घाव भी खाने पड़े।

चौपुला चौराहे पर पूरे दिन जाम, घंटों फंसी रहीं राखी बांधने निकलीं बहनें

होमगार्डों के हवाले सारी जिम्मेदारी छोड़कर गायब हो गया सिविल-ट्रैफिक पुलिस का स्टाफ
पुलिस के अफसरों ने दावा किया था कि रक्षाबंधन के दिन बेहतर यातायात व्यवस्था लागू कर शहर के प्रमुख चौराहों पर जाम नहीं लगने दिया जाएगा लेकिन चौपुला चौराहे से लेकर ओवरब्रिज तक इस दावे की धज्जियां उड़ती दिखाई दीं। सड़क पर ट्रैफिक बढ़ने के बाद चौराहे पर दिन में कई बार जाम लगा। यहां ड्यूटी करने की जिम्मेदारी सिविल और ट्रैफिक पुलिस दोनों की थी लेकिन सारी व्यवस्था चंद होमगार्ड संभालने की कोशिश कर रहे थे जो ट्रैफिक को नियंत्रित नहीं कर पाए तो जाम लग गया। पुलिस के जवान पूरे दिन नजर नहीं आए। जाम में ट्रैफिक इंस्पेक्टर की गाड़ी भी फंस गई लेकिन फिर भी यहां ट्रैफिक व्यवस्था को दुरुस्त करने की कोशिश नहीं की गई। जाम में ज्यादातर बहनें ही फंसी थीं जो कारों या बाइक पर भाइयों को राखी बांधने के लिए निकली थीं।
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कभी कीचड़ में फिसले कभी गड्ढों में गिरे कपड़े खराब होने से बेमजा हुआ त्योहार

चौपुला रोड पर ही बहनों को जाम के अलावा और भी दुश्वारियां झेलनी पड़ीं। यहां सेतु निगम की ओर से पुल का निर्माण किए जाने की वजह से साइडलेन पर गहरे गड्ढे हो गए हैं जिनमें बरसात का पानी भरा हुआ है। रक्षाबंधन पर महिलाएं अपने परिवार के लोगों के साथ गाड़ियों से निकलीं तो स्कूटी और बाइक यहां दलदल और गड्डों में फिसलती रहीं। दिन भर में कई बार महिलाएं-बच्चे और पुरुष फिसलन और कीचड़ की वजह से इन गड्ढों में गिरकर घायल होते या परेशानी झेलते दिखे। श्यामगंज पुल के नीचे बने दलदल में भी गाड़ियां फिसलीं। कीचड़ में गिरने से कई लोगों के कपड़े भी खराब हुए।
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श्यामगंज और मढ़ीनाथ पुल पर मांझे ने दिए बहनों को जख्म

मढ़ीनाथ और श्यामगंज पुल पर खूनी मांझे ने भी बहनों के सफर में अड़चन पैदा की। अचानक गुजरती बाइकों और स्कूटी के सामने अचानक मांझा आने के तमाम वाकये हुए। कई बार मांझे ने बहनों के शरीर पर घाव दिए तो कई बार सावधानी बरतकर बच गईं।

कोरोना का खतरा भी झेला, मिठाई की दुकानों पर न आपसी दूरी न मास्क

मिठाई की दुकानों पर सोमवार को ज्यादा भीड़ तो नहीं दिखी पर ज्यादातर जगह सामाजिक दूरी का पालन होता नहीं दिखा। बड़ा बाजार की नामी मिठाई दुकान से लेकर चौपुला पुल के नीचे छोटी दुकानों तक खरीददारी करने के लिए लोग एकदूसरे से सटे खड़े थे। तमाम लोग बगैर मास्क के भी नजर आए। दुकानदार भी कैमरे की फ्लैश देखकर गले में पड़ा मास्क मुंह पर खिसकाते नजर आए।

मुफ्त सफर की सुविधा देने के बाद भी यात्री नहीं, 40 फीसदी रोडवेज बसें ही चल पाईं

शासन के निर्देश पर बरेली और रुहेलखंड डिपो ने हर रूट पर रोडवेज बसों में बहनों को मुफ्त यात्रा की सुविधा दी थी लेकिन फिर भी कोरोना के खौफ से बहनें बसों में बैठने में हिचकिचाती नजर आईं। अधिकांश बसों का स्टाफ मुसाफिरों का इंतजार करता रहा। हालांकि कुछ बसों में मुसाफिर पहुंचे तो स्टाफ ने उनके बीच आपसी दूरी रखने का ख्याल नहीं रखा। बरेली डिपो के एआरएम चीनी प्रसाद ने बताया कि महिलाओं को किराया मुफ्त होने के बाद भी यात्रियों की कमी की वजह से करीब चालीस फीसदी ही बसें चल पाईं। सेटेलाइट बस स्टैंड पर भी हर साल के मुकाबले यात्रियों की भीड़ काफी कम नजर आई।

रामगंगा पुल पर इस बार नहीं लगा जाम

आमतौर पर हर साल बदायूं पोरलेन के रामगंगा पुल पर जाम लगता था। हर बार से सबक लेकर पुलिस ने पहले से यहां स्टाफ का इंतजाम कर रखा था। ट्रैफिक भी कम रहा इसलिए पूरे दिन जाम नहीं लगा। ऐसा तब हुआ जबकि कई लोग पूर्णिमा स्नान के लिए भी रामगंगा पहुंचे थे।

रक्षाबंधन पर राहत.. पुलिस ने शर्मिंदा तो किया मगर चालान कम ही काटे

सोमवार को शहर में हर प्वाइंट पर तैनात पुलिस ने वाहन रोककर चेकिंग की। महिलाओं वाले वाहनों की चेकिंग से परहेज किया गया। कई जगह स्कूटी या बाइक पर तीन से चार लोग तक बैठे मिले। इनमें महिलाएं भी थीं। चेहरे पर मास्क भी नहीं लगा मिला तो इन्हें रोककर पुलिस ने शर्मिंदा किया। जवाब देने वाले झेंपते नजर आए। हालांकि कुछेक चालान भी किए गए

कछला से बैग लेकर चली आई बस तलाश में बरेली तक भटका परिवार

बस अड्डों पर जेबकतरे और उठाईगीर सक्रिय रहे तो कई जगह लोगों को अपनी चूक से भी परेशानी झेलनी पड़ी। कासगंज के नरौली निवासी मुकेश गोस्वामी अपनी पत्नी व मूकबधिर बेटे के साथ रिठौरा क्षेत्र में अपनी ससुराल जाने को बस से आ रहे थे। बस कछला में रुकवाकर दंपती बच्चे को लघुशंका कराने उतरे तभी बस बरेली की ओर चली आई। उनका बैग बस में ही रह गया जिसमें कपड़े, जेवर और जरूरी सामान था। भटकते हुए पति-पत्नी बरेली रोडवेज स्टैंड पहुंचे। काफी छानबीन के बाद भी बैग नहीं ेमिल सका।
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