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रेलकर्मी ने पत्नी बच्चों को बेघर किया, मकान में जड़ा ताला
बरेली
Updated Tue, 02 Feb 2016 01:22 AM IST
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बरेली। इज्जतनगर की आलोकनगर कालोनी में सोमवार शाम को एक घर के बाहर बैठकर ठंड से ठिठुर रहे दो मासूम बच्चों और उनकी मां को मोहल्ले वालों ने मदद दी। महिला का कहना था कि उनका पति रेलवे में कर्मचारी है और उसे और दोनों बच्चों के लिए रविवार को दोपहर घर से बाहर निकालने के बाद दरवाजे में ताला लगाकर चला गया है। रविवार रात भी उसने बच्चों संग घर के बाहर ही गुजारी। महिला ने आरोप लगाया कि उसके पति के एक महिला से अवैध संबंध हैं, इसका विरोध करने पर उसने घर से निकाल दिया। वह दो साल से परिवार का खर्चा भी नहीं करता है। खाने तक के लिए बच्चे तरस गए हैं। बच्चों को स्कूल भी नहीं जाने देता। मोहल्ले वालों के सामने ही महिला ने कहा कि उसके पति ने उसके मुंह में कपड़ा ठूंस कर कई बार बुरी तरह से पिटाई की। बच्चों को भी जमकर पीटा। महिला ने इज्जतनगर थाना पुलिस को भी तहरीर दी। पुलिस ने भी मोहल्ले में पहुंचकर महिला से पूछताछ की।
महिला ने बताया कि उसका नाम सरिता देवी है और वह बिहार की मूलनिवासी है। रेलवे कर्मचारी पति से उसकी 15 साल पहले शादी हुई थी। नौ साल का बेटा मुकुंद और आठ साल की बेटी नंदिनी है। पति की बरेली में पोस्टिंग के बाद वह यहां चली आई। आलोकनगर में उसका अपना मकान है। सरिता ने बताया कि पति लगभग दो साल से किसी महिला के पास ही आते-जाते रहते हैं। उसने विरोध किया तो ज्यादाती शुरू कर दी। आए दिन उसके और बच्चों के साथ बुरी तरह मारपीट करने लगे। खाना-खर्चे को पैसे भी नहीं देते इसलिए भूखे बच्चों को कई बार उसने तरोई के पत्तों की सब्जी बनाकर खिलाई। ठंड के बावजूद एक पैंट और शर्ट पहनकर मकान के दरवाजे पर बैठे बच्चे मुकुंद ने बताया कि उसका पिता उसे भी खूब पीटता है। स्कूल भेजने को कहो तो कहता है कि किसी को गोद दे देंगे, तभी स्कूल जाना। बेटी नंदिनी भी फटी-पुरानी पैंट पहने बैठी थी और लगातार रो रही थी। पुलिस वाले तो कानूनी कार्रवाई का आश्वासन देकर चले गए लेकिन मोहल्ले वालों ने बच्चों को खाना खिलाया। महिला ने अपने मायके वालोें को बुलाया है।
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महिला ने बताया कि उसका नाम सरिता देवी है और वह बिहार की मूलनिवासी है। रेलवे कर्मचारी पति से उसकी 15 साल पहले शादी हुई थी। नौ साल का बेटा मुकुंद और आठ साल की बेटी नंदिनी है। पति की बरेली में पोस्टिंग के बाद वह यहां चली आई। आलोकनगर में उसका अपना मकान है। सरिता ने बताया कि पति लगभग दो साल से किसी महिला के पास ही आते-जाते रहते हैं। उसने विरोध किया तो ज्यादाती शुरू कर दी। आए दिन उसके और बच्चों के साथ बुरी तरह मारपीट करने लगे। खाना-खर्चे को पैसे भी नहीं देते इसलिए भूखे बच्चों को कई बार उसने तरोई के पत्तों की सब्जी बनाकर खिलाई। ठंड के बावजूद एक पैंट और शर्ट पहनकर मकान के दरवाजे पर बैठे बच्चे मुकुंद ने बताया कि उसका पिता उसे भी खूब पीटता है। स्कूल भेजने को कहो तो कहता है कि किसी को गोद दे देंगे, तभी स्कूल जाना। बेटी नंदिनी भी फटी-पुरानी पैंट पहने बैठी थी और लगातार रो रही थी। पुलिस वाले तो कानूनी कार्रवाई का आश्वासन देकर चले गए लेकिन मोहल्ले वालों ने बच्चों को खाना खिलाया। महिला ने अपने मायके वालोें को बुलाया है।
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